गोस्वामी तुलसीदास और वीरांगना रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था आज

आज हम जानेंगे 23 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ और 23 अक्टूबर को इस दुनिया में आये उन महान लोगों के बारे में और जिन महान लोगों ने 23 अक्टूबर को इस दुनिया को अलविदा कहा उनके बारे में।
23 October History
  • मीर कासिम बक्सर की लड़ाई में 1764 को पराजित हुआ।
  • महिलाओं के अधिकारों को लेकर पहली बार अमेरिका में नेशनल वुमेन राइट कॉनवोकेशन 1850 में शुरू हुआ।
  • ब्लांश एस स्कॉट अमेरिका में 1910 में अकेले हवाई जहाज उड़ाने बनाने वाली पहली महिला बनीं।
  • न्यूयार्क में लगभग 25,000 महिलाओं ने मतदान के अधिकार की मांग को लेकर 1915 में प्रदर्शन किया।
  • जर्मन सेना ने 1922 में सैक्सनी का अधिग्रहण किया और वहाँ के सोवियत गणराज्य को कुचल दिया।
  • अल अलामीन के युद्ध में मित्र राष्ट्रों ने 1942 में जर्मन सेना को पराजित किया।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उत्तरी मिस्र के क्षेत्र अलमैन में ब्रिटिश व जर्मन सेनाओं के 1942 में मध्य युद्ध हुआ।
  • नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में आजाद हिंद फौज की ‘झांसी की रानी ब्रिगेड़’ की सिंगापुर में स्थापना की।
  • त्रिग्वेली (नार्वे) सं.रा. संघ के प्रथम महासचिव 1946 में नियुक्त।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा की न्यूयार्क में 1946 को पहली बार बैठक।
  • गेर्टी कोरी और उनके पति कार्ल कोरी पहले ऐसे दंपति थे, जिन्हें 1947 में चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें ये पुरस्कार कार्बोहाइड्रेट साइकल के सिद्धांत के लिए दिया गया था.
  • हंग्री की जनता ने 1956 में पूर्व सोवियत संघ के वर्चस्व के विरुद्ध संघर्ष आरंभ किया।
  • रूसी कवि एवं उपन्यासकार बोरिस पास्तरनाक को 1958 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड एम निक्सन वाटरगेट मामले में 1973 को टेप जारी करने पर सहमत हुए।
  • लेबनान में 1983 को मुसलमान लड़ाकों के  अमरीकी व फ़्रांसीसी अतिग्रहणकारियों के ठिकानों पर शहादत प्रेमी आक्रमणों में 241 अमरीकी और 58 फ़्रांसीसी सैनिक मारे गए।
  • चीन और जापान ने 1978 में चार दशकों से चले आ रही शत्रुता को औपचारिक रूप से समाप्त किया।
  • सोवियत संघ के प्रधानमंत्री अलेक्सी एन कोसीजिन ने 1980 में इस्तीफे की घोषणा की।
  • लीबिया एवं सीरिया द्वारा 1980 में एकीकरण की घोषणा।
  • हंगरी ने स्वयं को 1989 में गणराज्य घोषित किया।
  • हंगरी सोवियत संघ से 1989 में 33 वर्षों के बाद आजाद होकर एक स्वतंत्र गणराज्य बना।
  • पाकिस्तान ने 1998 में कश्मीर समस्या का समाधान आत्म निर्णय से करने की मांग दोहरायी।
  • जापान ने 1998 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपने पहले बैंक का राष्ट्रीयकरण किया।
  • अमेरिकन विदेशी मंत्री मेडलिन अल्ब्राइट की 2000 में उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग ली से ऐतिहासिक मुलाकात।
  • नासा के मार्स ओडिसी अंतरिक्ष यान ने 2001 में मंगल ग्रह की परिक्रमा शुरू की।
  • एप्पल ने 2001 में आईपॉड बाज़ार में उतारा
  • माओवादी हिंसा ने 2003 में नेपाल के पूर्व मंत्री का आवास बम से उड़ाया।
  • भारत और बुल्गारिया ने प्रत्यर्पण संधि पर 2003 में हस्ताक्षर किये।
  • अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को ईरान ने 2003 में अपनी परमाणु रिपोर्ट सौंपी।
  • विश्व के अकेले सुपरसोनिक विमान कानकोर्ड ने 2003 में न्यूयार्क से अपनी आख़िरी उड़ान भरी।
  • जापान में 2004 को आए भूकंप ने 85 हजार लोगों को बेघर कर दिया.
  • सूडान सरकार ने 2006 में संयुक्त राष्ट्र संघ के दूत को देश छोड़ने का आदेश दिया।
  • कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने 2007 में सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर आर.के. राघवन को अपने नये सलाहकारी बोर्ड में नियुक्त किया।
  • नया कम्पनी विधेयक 2008 को लोकसभा में पेश हुआ।
  • तुर्की के पूर्वी वान क्षेत्र में 2011 को आए 7.2 की तीव्रता वाले भूकंप में अब तक 264 लोग मारे गए तथा 1300 लोग घायल हो गए।

23 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति 

  • झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के समान स्वतंत्रता सेनानी और कर्नाटक की वीरांगना रानी चेन्नम्मा Image result for रानी चेन्नम्माका जन्म 1778 में हुआ। रानी चेनम्मा (कन्नड: ಕಿತ್ತೂರು ರಾಣಿ ಚೆನ್ನಮ್ಮ) (१७७८ – १८२९भारत के कर्नाटक के कित्तूर राज्य की रानी थीं। सन् १८२४ में (सन् १८५७ के भारत के स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम से भी ३३ वर्ष पूर्व) उन्होने हड़प नीति (डॉक्ट्रिन ऑफ लेप्स) के विरुद्ध अंग्रेजों से सशस्त्र संघर्ष किया था। संघर्ष में वह वीरगति को प्राप्त हुईं। भारत में उन्हें भारत की स्वतंत्रता के लिये संघर्ष करने वाले सबसे पहले शासकों में उनका नाम लिया जाता है। रानी चेनम्मा के साहस एवं उनकी वीरता के कारण देश के विभिन्न हिस्सों खासकर कर्नाटक में उन्हें विशेष सम्मान हासिल है और उनका नाम आदर के साथ लिया जाता है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष के पहले ही रानी चेनम्मा ने युद्ध में अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। हालांकि उन्हें युद्ध में कामयाबी नहीं मिली और उन्हें कैद कर लिया गया। अंग्रेजों के कैद में ही रानी चेनम्मा का निधन हो गया।

    जीवनी

    कर्नाटक में बेलगाम के पास एक गांव ककती में १७७८ को पैदा हुई चेन्नम्मा के जीवन में प्रकृति ने कई बार क्रूर मजाक किया। पहले पति का निधन हो गया। कुछ साल बाद एकलौते पुत्र का भी निधन हो गया और वह अपनी मां को अंग्रेजों से लड़ने के लिए अकेला छोड़ गया।Image result for रानी चेन्नम्मा

    बचपन से ही घुड़सवारी, तलवारवाजी, तीरंदाजी में विशेष रुचि रखने वाली रानी चेन्नम्मा की शादी बेलगाम में कित्तूर राजघराने में हुई। राजा मल्लासरता की रानी चेनम्मा ने पुत्र की मौत के बाद शिवलिंगप्पा को अपना उत्ताराधिकारी बनाया। अंग्रेजों ने रानी के इस कदम को स्वीकार नहीं किया और शिवलिंगप्पा को पद से हटाने का का आदेश दिया। यहीं से उनका अंग्रेजों से टकराव शुरू हुआ और उन्होंने अंग्रेजों का आदेश स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

    अंग्रेजों की नीति ‘डाक्ट्रिन ऑफ लैप्स’ के तहत दत्तक पुत्रों को राज करने का अधिकार नहीं था। ऐसी स्थिति आने पर अंग्रेज उस राज्य को अपने साम्राज्य में मिला लेते थे। कुमार के अनुसार रानी चेन्नम्मा और अंग्रेजों के बीच हुए युद्ध में इस नीति की अहम भूमिका थी। १८५७ के आंदोलन में भी इस नीति की प्रमुख भूमिका थी और अंग्रेजों की इस नीति सहित विभिन्न नीतियों का विरोध करते हुए कई रजवाड़ों ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था।Image result for रानी चेन्नम्मा

    डाक्ट्रिन ऑफ लैप्स के अलावा रानी चेन्नम्मा का अंग्रेजों की कर नीति को लेकर भी विरोध था और उन्होंने उसे मुखर आवाज दी। रानी चेन्नम्मा पहली महिलाओं में से थीं जिन्होंने अनावश्यक हस्तक्षेप और कर संग्रह प्रणाली को लेकर अंग्रेजों का विरोध किया। उनका एक पुत्र था; लेकिन 1824 में अपने बेटे की मृत्यु के बाद उन्होंने शिवलिंगप्पा को अपना उत्तराधिकारी बनाया| अंग्रेजों ने रानी के इस कदम को स्वीकार नहीं किया और शिवलिंगप्पा को पद से  हटाने का आदेश दिया। यहीं से उनका अंग्रेजों से टकराव शुरू हुआ और  उन्होंने अंग्रेजों का आदेश स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अंग्रेजों की नीति ‘डाक्ट्रिन ऑफ लैप्स'(1848 और 1856) के तहत दत्तक पुत्रों को राज करने का अधिकार नहीं था। लेकिन चेनममा ने आदेश को खारिज कर दिया। Image result for रानी चेन्नम्मा

    रानी चेन्नम्मा ने कित्तूर में हो रही ब्रिटिश अधिकारियों की मनमानी को देखते हुए बॉम्बे प्रेसीडेंसी के गवर्नर को सन्देश भी भेजा था लेकिन लार्ड एलफिन्स्टोन ने बाहरी युद्ध के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और इसका  कोई फायदा नहीं हुआ| ब्रिटिश अधिकारी, कित्तूर की रानी के खजाने और बहुमुल्य आभूषणों और जेवरात को हथियाना चाहते थे| उस समय रानी के खजाने की कीमत तकरीबन (पंद्रह लाख रुपये थी| इसीलिये ब्रिटिशों ने मुख्य रूप से मद्रास नेटिव हार्स आर्टिलरी के तीसरे दल के साथ  200 आदमियो और 4 बंदूको की विशाल सेना के साथ  आक्रमण किया परंतु,  युद्ध के पहले दौर में, अक्टूबर 1824 के दौरान, रानी की सेनाओं द्वारा जॉन ठाकरे, और राजनीतिक एजेंट के साथ ब्रिटिश सेना की भारी हार हुई और कई लोग मारे गए । दो ब्रिटिश अधिकारी, सर वाल्टर इलियट और श्री स्टीवेंसन को बंधक बना लिया गया था।Image result for रानी चेन्नम्मा

    रानी चेन्नम्मा ने चैपलिन के साथ एक समझौते में बंधकों को रिहा कर दिया और युद्ध समाप्त हो गया लेकिन चैपलिन ने धोखेबाज़ी से और भी सैनिकों के साथ युद्ध जारी रखा| चेनम्मा ने अपने लेफ्टिनेंट, संगोल्लीरायान्ना की सहायता से जमकर युद्ध की लड़ाई लड़ी,  लेकिन अंततः बैलहॉंगल के किले पर कब्जा कर लिया गया और उन्हें कैद कर दिया गया, जहां उनका 21 फरवरी 1829 को निधन हो गया। संगोलियरेयना ने 1892 तक गुरिल्ला युद्ध जारी रखा, जब तक कि वह अपना कब्ज़ा नहीं कर लेता, लेकिन यह व्यर्थ साबित हुआ, और वह पकड़ा गया और विश्वासघात करके उसे फांसी पर लटका दिया गया|

    पुणे-बेंगलूरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेलगाम के पास कित्तूर का राजमहल तथा अन्य इमारतें गौरवशाली अतीत की याद दिलाने के लिए मौजूद हैं।

  • सन 1908 में मैसूर के महाराजा के सहायक सचिव मिर्ज़ा इस्माइल का जन्म 1883 में हुआ।
  • श्रमिक नेता खंडू भाई देसाई का जन्म 1898 में हुआ।
  • राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व भारत के उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत का जन्म 1923 में हुआ।
  • हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता देवेन वर्मा का जन्म 1937 में हुआ।
  • एक भारतीय उद्योगपति, समाज सेवी और भारत के सबसे बड़े टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल का जन्म 1957 में हुआ।

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