खूनी संघर्ष में घायल एड. नवीन की मौत, गुस्साए लोगों का  घंटों जाम

  • नूंह के उदाका गांव में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में वकील ने करवाया था समझौता

प्रदर्शन कर रहे वकील।

नूंह के उदाका गांव में पिछले दिनों हुए खूनी संघर्ष में घायल एडवोकेट नवीन यादव की मौत हो गई. इससे गुस्साए लोगों ने गुरुग्राम से लेकर सोहाना तक कई घंटों तक जाम लगाया.

खूनी संघर्ष में घायल एडवोकेट नवीन की मौत, गुस्साए लोगों ने लगाया घंटों जामएडवोकेट नवीन की मौत के बाद लोगों ने मुआवजे के लिए किया सड़क जाम

नूंह। यहां के उदाका गांव में दो पक्षों के खूनी संघर्ष में समझौता करवाने वकील पर हुए कातिलाना हमले के बाद अब घायल वकील की बुधवार देर रात मौत हो गई। वकील ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आखिरी सांस ली। घटना से गुस्साए वकीलों ने गुरुग्राम के अंबेडकर चौक पर 1 घंटा जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर जाम खोला गया। वहीं उदाका गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। वकीलों की मांग है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।

ये था पूरा मामला
15 जुलाई को उदाका गांव में अख्तर और जमशेद के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था। 19 जुलाई को वकील नवीन यादव ने गांव उदाका के जमशेद व अख्तर के बीच में चल रहे विवाद को आपसी में मिल बैठकर राजीनामा करा दिया था। जब वकील शाम को अदालती से घर उदाका जा रहा था, तभी अख्तर की पत्नी व बेटी ने अपनी छत पर चढ़कर वकील नवीन यादव के ऊपर पत्थर व ईंटों से हमला बोल दिया जिससे वकील को काफी चोटें आई। वकील ने भागकर अपने घर में घुसकर जान बचाई। लेकिन अख्तर के लड़के साजिद ने वकील को दोबारा घर से बाहर निकालकर बल्ले से पीटना शुरू कर दिया। जिससे वकील गंभीर रूप से घायल हो गया। वकील के परिजनों ने किसी तरह से बचाकर नवीन यादव को घायल अवस्था में मेदांत अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद वकीलों ने वर्क सस्पेंड भी रखा था। इस मामले में नवीन के चाचा कुंदन की शिकायत पर तीन महिलाओं समेत 7 नामजद पर केस दर्ज किया था जिसमें अख्तर, जैकम, साजिद को गिरफ्तार किया जा चुका है। वकीलों ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी की रखी मांग।वहीं आरोपी सरजीना, मकसूदन, रुकसार, शेकुल अभी फरार है। नूंह के उदाका गांव में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में घायल वकील नवीन यादव ने गुरुवार को दम तोड़ दिया. नवीन की मौत की खबर गांव उदाका से गुरुग्राम, सोहना, नूंह की कोर्ट तक पहुंची तो वकीलों ने कामकाज बंद कर गुरुग्राम से सोहना तक सड़क को जाम कर दिया. जाम से गुरुग्राम-अलवर मार्ग, पलवल- तावडू मार्ग पर कई घंटे वाहनों के पहिए थम गए. जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानी हुई तो गुरुग्राम-नूंह पुलिस के आला अधिकारी सोहना चौक पर जुटने लगे. गुरुग्राम के सेशन जज से लेकर नूंह के एसडीएम प्रदीप अहलावत तक मौके पर पहुंच गए.

एक करोड़ मुआवजे की मांग, फौरी राहत के तौर पर मिले 5 लाख
जाम लगे रहे लोगों ने मांग की कि नवीन के परिजनों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाए, दोनों बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था सरकार करे, परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए , गुरुग्राम फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले सुनवाई हो और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए. जाम खुलवाने पहुंचे एसडीएम प्रदीप अहलावत ने सीएम हरियाणा की तरफ से फौरी तौर पर 5 लाख रुपए की राहत देने की बात कही.

मौत की खबर सुनकर काम बंद कर वकीलों ने भी किया विरोध प्रदर्शन

एसएचओ का तबादला, आईओ हुआ सस्पेंड
साथ ही सरकार को पूरा केस भेजने के साथ-साथ रोजकामेव एसएचओ चंद्रभान का तबादला और आईओ हवलदार राजकुमार को सस्पेंड करने की बात भी कही. रोजका मेव थाने में अब तावडू के एसएचओ को लगाया गया है. पिछली 20 जुलाई से रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद सहित कई जिलों की पुलिस को बुलाकर अलर्ट पर रखा हुआ है. गांव में हालात तनावपूर्ण हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है. दूसरे दिन भी करीब चार – पांच जिलों के करीब 500 जवान रोजका मेव थाना से लेकर उदाका गांव तक पैनी नजर बनाए हुए हैं.
बच्चों के झगड़े को निपटाने में गई जान
गत 15 जुलाई को उदाका गांव में अख्तर और जमशेद के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें बड़े भी कूद गए. उसी झगड़े के निपटारे के समय गत 19 जुलाई को पड़ोसी वकील नवीन यादव से अख्तर के परिवार की झड़प हो गई. झगड़े में नवीन यादव सहित कुल 6 लोग घायल हो गए , जिनमें नवीन की हालत नाजुक थी. गुरुग्राम के निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था. पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत गत 20 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया था.

सड़क जाम के कारण हजारो लोग घंटों फंसे रहे रास्ते में

अख्तर सहित तीन की हुई है गिरफ्तारी
नवीन के चाचा कुंदन की शिकायत पर पुलिस ने साजिश के तहत जानलेवा हमला करने वाले तीन महिलाओं सहित सात लोगों को नामजद किया है. पुलिस अब तक अख्तर, जैकम और साजिद कुल तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. सरजीना, मकसूदन , रुखसार और शेकुल की पुलिस तलाश कर रही है. एसडीएम प्रदीप अहलावत ने कहा कि केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है. डीएसपी मुख्यालय इंद्रजीत सिंह को इंचार्ज बनाया गया है.
पहुंचे कई दलों के नेता 
विधायक तेजपाल तंवर सोहना, भाजपा नेता चौधरी, ताहिर हुसैन एडवोकेट, सुरेंद्र उर्फ़ पिंटू उजीना , सुरेंदर आर्य जिलाध्यक्ष भाजपा नूंह , रोहताश बेदी, सूरजपाल अम्मू , कुलभूषण भारद्वाज एडवोकेट के अलावा डीसीपी सुमेर सिंह यादव,  एसीपी सोहना दिनेश यादव, डीएसपी धर्मबीर सिंह तावडू, डीएसपी इद्रजीत सिंह नूंह सहित कई अधिकारीगण उपस्थित थे.

बार-बेंच सुरक्षित नहीं फिर कौन सुरक्षित?

नूंह के अधिवक्ता नवीन यादव की मौत से न केवल सभी अधिवक्ताओं में, बल्कि हर क्षेत्र के लोगों में रोष है। पंचायत में दोनों पक्ष के बीच समझौता होने के बाद एक पक्ष ने उनके ऊपर हमला किया। महिलाओं ने पत्थर बरसाए व युवकों ने लाठियां बरसाईं। हमले में गंभीर रूप से घायल नवीन यादव की बुधवार रात मौत हो गई। उनकी हत्या पर रोष का आलम यह है कि नूंह की अदालतों के साथ ही गुरुग्राम की सभी अदालतों में कामकाज नहीं हुआ। हर किसी के मुंह से यही आवाज निकल रही है कि यदि बार-बेंच भी सुरक्षित नहीं तो फिर कौन सुरक्षित है? इसे देखते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर उसे जल्द से जल्द लागू करने की मांग तेज हो गई है।

नूंह जिले के गांव उदाका निवासी नवीन यादव के ऊपर उनके गांव में ही एक समुदाय विशेष के लोगों ने पिछले सप्ताह हमला किया था। दो पक्षों के बीच झगड़ा होने पर एक पक्ष के साथ वह थाने चले गए थे। वह भी उनके कहने पर गए थे। मामला थाने में पहुंचने के बाद आयोजित पंचायत में दोनों पक्ष के बीच समझौता हो गया। इसके बाद दूसरे पक्ष ने उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। लोगों का कहना है कि एक अधिवक्ता के नाते नवीन यादव ने जो कुछ भी किया वह उचित था। पंचायत में समझौते के बाद सरेआम हमला करना यह दर्शाता है कि कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। यदि ऐसे लोगों को सबक नहीं सिखाया गया तो वे किसी के ऊपर कभी भी हमला बोल सकते हैं।..

अधिवक्ता नवीन यादव के ऊपर जानलेवा हमला आरोपितों के मनोबल को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि उनके लिए कानून कोई मायने नहीं रखता। वे जो चाहे कर सकते हैं। ऐसे लोगों के साथ सख्ती से काम लेना होगा अन्यथा स्थिति दिन प्रतिदिन खराब हो जाएगी। फिलहाल आरोपितों को गिरफ्तार करने के साथ ही मृतक के परिवार को सहायता राशि दी जाए।

— अजय चौधरी, सदस्य, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल अब प्रदेश सरकार जल्द से जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर लागू करे। अधिवक्ताओं से लेकर गवाहों को धमकियां दी जाती हैं। ऐसी स्थिति में कैसे काम होगा। एक्ट बनाकर लागू करने से सुरक्षा की चिता की जाएगी। अधिवक्ता नवीन यादव को जान से मारने की धमकी दी गई थी। वह अपने पेशे के मुताबिक काम कर रहे थे।

-प्रवेश यादव, सदस्य, पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल अधिवक्ता नवीन यादव की हत्या ने दर्शा दिया है कि किसी-किसी इलाके में कानून का राज नहीं है। गांव में ही एक अधिवक्ता के ऊपर जानलेवा कर दिया गया। जब अधिवक्ता के साथ ऐसा हो सकता है फिर कौन सुरक्षित है? यह स्थिति बहुत खतरनाक है। इलाके में कानून व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए।

-मीर सिंह यादव, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन, गुरुग्राम अधिवक्ता नवीन यादव के ऊपर जानलेवा हमला करना यह दर्शाता है कि गांव उदाका में कानून का कोई मतलब नहीं। अपने गांव में एक अधिवक्ता के ऊपर जानलेवा किया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। प्रशासन जल्द से जल्द से आरोपितों को गिरफ्तार करे। साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा के बारे में विचार करे।

-कुलभूषण भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन, गुरुग्राम किसी अधिवक्ता के साथ ऐसी घटना संभवत: पहले नहीं हुई। यह शुभ संकेत नहीं है। कोई भी मामला यदि अधिवक्ता के सामने आएगा तो वह उससे मुंह नहीं मोड़ सकता। मामले को देखना उसकी जिम्मेदारी है। अधिवक्ता नवीन यादव ने अपनी जिम्मेदारी निभाई थी। इसके बदले उनके ऊपर हमला किया गया।

– एनएस मंगला, वरिष्ठ अधिवक्ता पिछले कुछ समय से बार व बेंच के ऊपर हमले तेज हो गए हैं। जुबानी हमले की बात दूर अब तो जानलेवा हमला शुरू कर दिया गया। नवीन यादव के ऊपर जानलेवा हमले ने पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। बहुत ही दुखद घटना है। आरोपितों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए कि आगे से कोई हिम्मत न करे।

-हरकेश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता

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