कश्मीर में फोन-इंटरनेट आंशिक बहाल, जुमे की नमाज को ढील

अधिकारियों ने बताया कि अगर नमाज बिना किसी हंगामे के हो जाती है तो पाबंदियों को और ज्यादा कम कर दिया जाएगा.

कश्मीर में आंशिक रूप से बहाल की गई फोन और इंटरनेट सेवा, जुमे की नमाज के लिए दी गई ढील

 प्रदेश के कई इलाकों में धारा 144 लागू है.

खास बातें

पूरे प्रदेश में है कड़ी सुरक्षा व्यवस्था,कई जगह लगी है धारा-144,जुमे की नमाज और ईद के लिए दी गई ढील

नई दिल्ली:  जम्मू-कश्मीर में सिक्यूरिटी लॉकडाउन के पांच दिन बाद राज्य में फोन और इंटरनेट सेवा को शुक्रवार सुबह आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है. शुक्रवार की नमाज के लिए आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों में भी ढील दी गई है. केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे जाने के बाद वहां की स्थिति पर नजर रखने के लिए काफी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं. श्रीनगर में जामा मस्जिद का मुख्य गेट बंद था, इससे लगता है कि शहर की मुख्य मस्जिद में नमाज की संभावना कम है.हाल-ए-जम्मू-कश्मीर हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि शहर के भीतरी हिस्सों में स्थित छोटी मस्जिदों में नमाज पढ़ने की मंजूरी दी जाएगी. हालांकि, व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी संख्या में जवानों को तैनात किया गया है.वहीं, अधिकारियों ने बताया कि अगर नमाज बिना किसी हंगामे के हो जाती है तो पाबंदियों को और ज्यादा कम कर दिया जाएगा.बता दें, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला सहित 400 राजनेताओं को हिरासत में रखा गया है, ताकि तरह का कोई प्रदर्शन या रैलियां ना हो. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गुरुवार को स्थिति का जायजा लिया था और भरोसा दिलाया था कि जुमे की नमाज और अगले सप्ताह ईद के लिए पाबंदियों में ढील दी जाएगी.पाबंदियों से राहत मिलने पर गुरुवार को शहर और आसपास के इलाकों में बाजार पूरी तरह से खुल गए। इससे कई दिन बाद बाजारों में खरीदारों की रौनक लौटी।हाल-ए-जम्मू-कश्मीर

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें 12 अगस्त को ईद मनाने में किसी भी तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े. केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के फैसले पर प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया.

अपने संबोधन में मोदी ने यह भी कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर के उन लोगों को हरसंभव मदद मुहैया करा रही है जो कहीं और रहते हैं और त्योहार मनाने के लिए अपने घर लौटना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं जम्मू-कश्मीर के दोस्तों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी और उनकी कठिनाइयां कम हो जाएंगी.’ मोदी ने कहा, ‘सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जम्मू-कश्मीर में लोगों को ईद मनाने में किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े.’ उन्होंने इस मौके पर लोगों को ईद की शुभकामनाएं भी दीं.

स्कूल-दफ्तर खुले, तस्वीरों में देखें जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर आज कैसे हैं हालात

  • स्कूल-दफ्तर खुले, तस्वीरों में देखें जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर आज कैसे हैं हालातजम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कठुआ और सांबा जिले में हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं. इन जिलों में स्कूल और कॉलेज दोबारा खुलने लगे हैं.जानकारी के अनुसार तीन दिन तक बंद रहने के बाद गुरुवार को अखनूर कस्बे में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुल गए। वहीं, पुलिस ने सुबह लाउड स्पीकर के माध्यम से कस्बे में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह दस से चार बजे तक खुले रखने की घोषणा की।
  • स्कूल-दफ्तर खुले, तस्वीरों में देखें जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर आज कैसे हैं हालातहालात को सामान्य देखते हुए प्रशासन ने सभी स्कूल और कॉलेजों को शुक्रवार से पहले की ही तरह खोलने का फैसला किया. सभी शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों में पहले की तरह ही कामकाज शुरू हुआ.इसके बाद किसी प्रकार का विरोध न होने पर इस अवधि को शाम तक बढ़ा दिया। चार दिन के बाद बाजार खुलने से जनजीवन सामान्य हो गया। यात्री वाहनों के न चलने से लोगों की चहलकदमी कम रही, जिस कारण बाजार सूने रहे।
  • स्कूल-दफ्तर खुले, तस्वीरों में देखें जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर आज कैसे हैं हालातजम्मू-कश्मीर में प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों को तत्काल काम पर वापस लौटने का निर्देश दिया था. इसके अलावा सभी स्कूल पहले की तरह खुलने की बात कही थी. चीफ सेक्रेटरी, जम्मू कश्मीर की ओर से जारी निर्देश में कहा था कि सभी सरकारी कर्मचारी जो डिविजनल लेवल और जिला स्तर पर कार्यरत हैं, वो तुरंत अपनी ड्यूटी पर लौटें.
  • स्कूल-दफ्तर खुले, तस्वीरों में देखें जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर आज कैसे हैं हालात            कई इलाकों में दुकानें भी खुलने लगी हैं, जिसके बाद खरीदारी के लिए लोग घरों से निकलते दिखाई दिए. आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर बाजार और दुकानें बंद थीं जिससे लोगों को बकरीद की शॉपिंग के लिए भी लोग चिंतित थे. धीरे-धीरे अब हालात सामान्य हो रहे हैं और दुकानें खुली हैं, हालांकि मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं अब भी बंद हैं.
  • स्कूल-दफ्तर खुले, तस्वीरों में देखें जम्मू-कश्मीर की सड़कों पर आज कैसे हैं हालातगौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात को देश को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के लोगों को विश्वास दिलाया कि नई व्यवस्था से फायदा होगा, साथ ही नौकरी और विकास के नए अवसर मिलेंगे.जगह-जगह अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर चर्चा होती रही। लोगों का कहना है कि राज्य में 370 हटाने के बाद अब स्थिति बेहतर हो रही है। प्रशासन को भी अब धारा 144 को हटा देना चाहिए, ताकि लोगों की परेशानियां कम हो सकें।हाल-ए-जम्मू-कश्मीर

    मोदी का था वादा, घाटी में हालात बेहतर, स्कूल खुले, मस्जिदों में नमाज की भी अनुमति

    घाटी में अब जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौटती दिख रही है। गुरुवार को कई जगह कर्फ्यू में ढील दी गई और लोग घरों से बाहर निकले। कई जगह स्कूल और कॉलेज भी खुले। वहीं शुक्रवार को नमाज अदा करने के लिए भी प्रशासन ने प्रतिबंधों में ढील दी।
    कश्मीर में पटरी पर लौट रही जिंदगीकश्मीर में पटरी पर लौट रही जिंदगी

    हाइलाइट्स

    • जम्मू-कश्मीर में जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही, गुरुवार को कर्फ्यू में दी गई ढील
    • कर्फ्यू में ढील मिलने से सड़कों पर उतरे लोग, बाजारों में दिखी रौनक, चेहरे पर मुस्कान
    • यही नहीं प्रशासन ने स्थानीय मस्जिदों में शुक्रवार को नमाज अदा करने की भी अनुमति दी
    • राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने दिए थे निर्देश, स्थानीय लोगों को ना हो दिक्कत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान कहा था कि सरकार यह कोशिश कर रही है कि ईद के दौरान जम्मू-कश्मीर को लोगों को कोई परेशानी नहीं हो। उधर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि स्थानीय लोगों को किसी तरह की दिक्कत ना हो। पीएम और डोभाल के निर्देश के बाद अब स्थानीय प्रशासन ने कश्मीर घाटी में लोगों को स्थानीय मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति देने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने का निर्णय किया है।

    इस बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘हम शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए स्थानीय लोगों को राहत देंगे। इसके लिए प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। पर, इस दौरान ऐतिहासिक जामा मस्जिद में किसी भी तरह की मंडली (एक साथ जुटाव) की अनुमति नहीं होगी।’ अधिकारियों ने साफ कहा है कि लोगों को अपने आसपास के मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए शुक्रवार को छूट दी जाएगी। उधर, राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने श्रीनगर के निचले इलाके का दौरा किया और करीब दो घंटे तक वहां पर रहे। उन्‍होंने सुरक्षा बलों और स्‍थानीय लोगों से बातचीत की। उन्‍होंने सीआरपीएफ के जवानों के साथ लंच भी किया।

    NBT

    स्कूल खुले तो खिले चेहरे


    प्रधानमंत्री ने कहा था, हालात सामान्य हो जाएंगे

    बता दें कि गुरुवार को पीएम ने कहा था, ‘मैं जम्मू-कश्मीर के साथियों को भरोसा देता हूं कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जाएगी।’ इस बीच गुरुवार को घाटी में हालात सामान्य होते दिखे। लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए घरों से निकले और बाजार तक गए।

    स्कूल और कॉलेज भी खुले

    उधर, जम्मू और कश्मीर के सांबा जिले में अधिकारियों के निर्देश के बाद गुरुवार को स्कूल और कॉलेज भी खुले। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने सरकारी कर्मचारियों को भी तत्काल प्रभाव से काम पर वापस लौटने का निर्देश दिया है।

    घाटी में सुधर रहे हालात

    4 अगस्त को किया था इंटरनेट, स्कूल बंद
    बता दें कि अनुच्छेद 370 से संबंधित प्रस्ताव 5 अगस्त को राज्यसभा में पेश किए जाने से पहले ही पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी सुरक्षाबल की तैनाती कर दी गई थी। 4 अगस्त से राज्य में इंटरनेट और स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का आदेश दे दिया गया था। जम्मू आईआईटी के छात्रों को लगता है कि जम्मू-कश्मीर के राज्य की जगह केंद्र शासित प्रदेश बनने से कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने  बातचीत में बताया कि उन्हें कोई टेंशन नहीं है, हम मस्ती में हैं. घाटी में पिछले 30 वर्षों से आतंक का एक खौफ है. आतंक के उस खौफ से सूबे को निकालने की पहल सरकार ने की तो लोगों को एक नया डर सता रहा है.

VIDEO: जम्मू कश्मीर पर देश ने ऐतिहासिक फैसला लिया: प्रधानमंत्री मोदी

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