आर्टिकल 370 पर पाक ने दुनियाभर से मांगी मदद, अमेरिका ने कहा- पहले बंद करो आतंकी  समर्थन

सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने की भी धमकी दी है. अमेरिका ने कहा है कि अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों को समर्थन देना बंद नहीं करता है तो फिर उसे FATF की ब्लैक लिस्ट में डाल देगा.

आर्टिकल 370 पर पाक ने दुनियाभर से मांगी मदद, अमेरिका ने कहा- पहले आतंकियों का समर्थन बंद करोअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के पीएम इमरान खान (फ़ाइल फोटो)
अमेरिका ने एक बार फिर से पाकिस्तान को आंतकवाद के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. सूत्रों के मुताबिक अमेरिका ने कहा है कि वो भारत के खिलाफ आंतकवाद पर लगाम लगाए वरना इसके गंभीर नतीजे होंगे. इस बारे में अमेरिका ने भारत को जानकारी दी है. बता दें कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पर सीज़फायर का उल्लंघन कर रहा है साथ ही वो आतंकियों को खुलेआम समर्थन भी दे रहा है.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान में खलबली मची है. इस मुद्दे पर पाकिस्तान संसद ने बुधवार को ज्वॉइंट सेशन बुलाया, जिसमें जोरदार हंगामा हुआ. आर्टिकल 370 को लेकर पाकिस्तान पूरी दुनिया में मदद की गुहार लगा रहा है. लेकिन, कोई भी देश खुलकर साथ नहीं आ रहा. यहां तक कि पाकिस्तान का सबसे करीबी दोस्त चीन ने भी इस मामले से दूरी बनाए रखी है.पाकिस्तान की इस गुहार पर अमेरिका ने पाकिस्तान को हिदायत दी है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ कोई आक्रमक रुख न अपनाए.

आर्टिकल 370 हटाने के बाद कश्मीर में तनाव बढ़ा है.

ब्लैकलिस्ट करने की धमकी 

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने की भी धमकी दी है. अमेरिका ने कहा है कि अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों को समर्थन देना बंद नहीं करता है, तो फिर उसे फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force FATF) की ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा. FATF मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था है. पाकिस्तान जून, 2018 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ की ग्रे सूची में है.
पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल इस साल जून में इस्लामाबाद आया था. ये प्रतिनिधिमंडल ये पता लगाने के लिए वहां गया था कि क्या पाकिस्तान ने FATF के द्वारा सुझाए गए कदमों का पालन कर रहा है या नहीं. एफएटीएफ ने जून में कहा था कि पाकिस्तान मनी लॉन्ड्रिंग के सहारे आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है.
इसके अलावा अमेरिका ने पाकिस्तान को ये भी साफ-साफ कह दिया है कि वो जिहादी नेता राउफ अज़गर और लश्कर के नेताओं पर भी लगाम लगाए.ब्रिटेन ने बुधवार को कहा कि उसने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के भारत सरकार के फैसले पर अपनी चिंता भारत के सामने रखी है. ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा कि उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से बात की है और राज्य को दो केन्द्रशासित प्रदेशों में बांटने के प्रस्ताव के संबंध में इस सप्ताह की शुरुआत में की गई घोषणा पर भारत के रुख के बारे में जानकारी ली है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा, ‘‘मेरी नियुक्ति के बाद से मैंने भारतीय विदेश मंत्री से दो बार बात की है और मैंने उनसे बुधवार को भी बात की है.’’
इससे पहले ब्रिटेन ने मामले पर नज़र रखने की कही थी बात
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा, ‘‘हमने स्थिति पर अपनी कुछ चिंताएं व्यक्त की हैं और शांति की बात की है लेकिन भारत सरकार के नजरिये से भी स्थिति को समझा.’’
इससे पहले के बयान में विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) के एक प्रवक्ता ने कहा था ब्रिटेन स्थिति पर नजदीक से नजर रख रहा है और स्थिति को शांत रखने की मांग का समर्थन करता है.
दुनिया का कोई भी देश खुलकर नहीं आया पाक के साथ
ब्रिटेन की संसद इस मुद्दे पर बंटी हुई है. कश्मीर पर ‘ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप’ के कुछ सदस्यों ने चिंता व्यक्त की तो कुछ ने भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया है.
बताते चलें कि पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी दुनिया का कोई भी देश कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने के लिए उसके पक्ष में खुलकर सामने नहीं आया है. और ऐसे में ब्रिटेन की प्रतिक्रिया भी बस पाकिस्तान को सांत्वना देने वाली ही लगती है.
कई देशों और संस्थाओं से मदद की गुहार कर चुका है पाकिस्तान
सबसे पहले पाकिस्तान ने इस मामले में मलेशिया और तुर्की से मदद मांगी थी. इसके अलावा उसने ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपोरेशन में भी इस मुद्दे को उठाया था. इसके अलावा पाकिस्तान UAE के पास इस मामले में मदद मांगने के लिए गया था. लेकिन सभी जगहों से अभी तक पाकिस्तान को केवल टरकाया गया है.
जहां UAE सीधे इस मुद्दे पर भारत की ओर झुका दिखा, वहीं मलेशिया ने इस मसले पर नज़र बनाए रखने और तुर्की ने जल्द ही पाकिस्तान को मदद का आश्वासन देकर टरका दिया है. इसके बाद पाकिस्तान ने खीझकर भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेज दिया और पाकिस्तानी उच्चायुक्त को भी भारत से वापस बुला लिया है और भारत से होने वाले व्यापार पर भी रोक लगा दी है. वह भी इस मामले में विशेषज्ञों की राय मानें तो पाकिस्तान को ही इस व्यापार प्रतिबंध से नुकसान होने का अनुमान है. 

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