आजम और बेटे को नोटिस  – सरकारी सुरक्षा लेकर चलें साथ

रामपुर पुलिस ने आजम खान और उनके बेटे अबदुल्ला आजम खान को नोटिस दिया है और कहा है कि अपने साथ उस सुरक्षा को लेकर चलें जो यूपी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है.

मुरादाबाद: रामपुर पुलिस ने आजम खान और उनके बेटे अबदुल्ला आजम खान के घर एक नोटिस चस्पा किया है जिसमें लिखा है कि जो सुरक्षा उन्हें मुहैया कराई गई है उसे साथ लेकर चलें. दरअसल दोनों ही नेता पिता-पुत्र उस सुरक्षा को अपने साथ लेकर नहीं चल रहे हैं जो यूपी सरकार ने उन्हें उपलब्ध कराई है.

नोटिस में एसपी रामपुर की ओर से विधायक अबदुल्ला आजम खान को संबोधित करते हुए लिखा है,” मेरे संज्ञान में आया है कि आपको जो राजकीय सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की गई है आप उसे लेकर भ्रमण नहीं कर रहे हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है. दी गई सुरक्षा आपके पद और जीवन भय को देखते हुए दी गई है इसलिए सुरक्षा को लेकर ही चलना उचित है. आपको परामर्श है कि आप सुरक्षा के साथ ही चलें ताकि कोई अप्रिय घटना घटित न होने पाए.”

एसपी रामपुर अजयपाल शर्मा ने कहा,”आजम खान को वाई श्रेणी की सरक्षा मिली हुई है. एक गारद उनके आवास पर तैनात रहती है और दो सुरक्षाकर्मी उनके साथ रहते हैं. पिछले कुछ दिनों से वे अपने साथ सुरक्षाकर्मियों को नहीं ले जा रहे हैं. इसी संबंध में उनको अवगत कराया गया है. हमारी जिम्मेदारी है उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं.”

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर फंसते जा रहे हैं आजम

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खान इस यूनिवर्सिटी को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं. लेकिन अब इसी यूनिवर्सिटी को लेकर आजम खान लगातार फंसते नजर आ रहे हैं. सबसे पहला विवाद दो शेरों की मूर्तियों का है जो रामपुर क्लब से चोरी हुई थीं. नवाबी दौर की ये दोनों मूर्तियां जौहर यूनिवर्सिटी में पाई गईं. दूसरा विवाद मदरसा आलिया की किताबों का है. 1774 के इस मदरसे को आजम खान के ट्रस्ट ने लीज पर ले रखा है. यहां करीब 9 हजार प्राचीन किताबें थीं. अब यहां स्कूल चलता है जिसे आजम खान का ट्रस्ट चलाता है. आरोप है कि किताबें और फर्नीचर जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा दिया गया.

तीसरा विवाद जमीन से जुड़ा है. 78 हेक्टेयर में बनी इस भव्य यूनिवर्सिटी की 38 हेक्टेयर जमीन पर विवाद है. आरोप है कि इस जमीन को जबरन किसानों से ले लिया गया. यूनिवर्सिटी के लिए तीन बार सर्किल रेट कम कराए गए. सपा सरकार के दौरान इस यूनिवर्सिटी पर भारी भरकम सरकारी पैसा खर्च किया गया था. आजम खान की अध्यक्षता वाला ट्रस्ट इस यूनिवर्सिटी को चलाता है. इस ट्रस्ट से जुड़ी लोग आजम परिवार के ही हैं.

करीब 64 मुकदमे दर्ज हैं आजम के खिलाफ

आजम खान के खिलाफ करीब 64 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें से कई मुकदमे जमीनों से जुड़े हैं. आजम खान को भूमाफिया घोषित कर दिया गया है और उन पर शिकंजा कसता जा रहा है. जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों के अलावा आजम खान पर सिंचाई विभाग की जमीन पर भी कब्जे का आरोप है. रामपुर में आजम खान ने एक भव्य रिजॉर्ट भी बनवाया है जिसको हमसफर रिजॉर्ट के नाम से जाना जाता है. आरोप है कि इस रिजॉर्ट के लिए सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया.

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर फंसते जा रहे हैं आजम

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खान ने 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान लगातार मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की बातें अपने भाषणों में कहते नजर आते थे. वे इस यूनिवर्सिटी को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं. लेकिन अब इसी यूनिवर्सिटी को लेकर आजम खान लगातार फंसते नजर आ रहे हैं. सबसे पहला विवाद दो शेरों की मूर्तियों का है. ये दोनों मूर्तियां रामपुर क्लब से चोरी हुई थीं. ये मूर्तियां उस दौर की हैं जब रामपुर में नवाबों का शासन था. ये दोनों मूर्तियां जौहर यूनिवर्सिटी में पाई गईं.

दूसरा विवाद मदरसा आलिया की किताबों का है. 1774 में इस मदरसे को खोला गया था. आजम खान के ट्रस्ट ने इसे लीज पर ले रखा है. यहां करीब 9 हजार अरबी, फारसी की बेशकीमती किताबें थीं जो दुनिया भर से मंगाई गई थीं. किताबों के साथ साथ इस मदरसे का फर्नीचर भी बेशकीमती था. 2001 में राजनाथ सिंह सरकार ने मदरसे को विश्वविद्यालय की अहमियत दी और करोड़ों रुपया भी दिया लेकिन वक्त से साथ साथ मदरसे की विरासत खोती गई. अब यहां स्कूल चलता है जिसे आजम खान का ट्रस्ट चलाता है. आरोप है कि बेशकीमती किताबें और फर्नीचर जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा दिया गया.

तीसरा विवाद जमीन से जुड़ा है. 78 हेक्टेयर में बनी इस भव्य यूनिवर्सिटी की 38 हेक्टेयर जमीन पर विवाद है. आरोप है कि इस जमीन को जबरन किसानों से ले लिया गया. यूनिवर्सिटी के लिए तीन बार सर्किल रेट कम कराए गए. सपा सरकार के दौरान इस यूनिवर्सिटी पर भारी भरकम सरकारी पैसा खर्च किया गया था. आजम खान की अध्यक्षता वाला ट्रस्ट इस यूनिवर्सिटी को चलाता है. इस ट्रस्ट से जुड़ी लोग आजम परिवार के ही हैं.

करीब 64 मुकदमे दर्ज हैं आजम के खिलाफ

आजम खान के खिलाफ करीब 64 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें से कई मुकदमे जमीनों से जुड़े हैं. आजम खान को भूमाफिया घोषित कर दिया गया है और उन पर शिकंजा कसता जा रहा है. जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों के अलावा आजम खान पर सिंचाई विभाग की जमीन पर भी कब्जे का आरोप है. रामपुर में आजम खान ने एक भव्य रिजॉर्ट भी बनवाया है जिसको हमसफर रिजॉर्ट के नाम से जाना जाता है. आरोप है कि इस रिजॉर्ट के लिए सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया.

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