आईएसआईएस से जुड़ी केरली महिला को सुको से सात साल सजा

पुलिस को 2016 में यह सूचना मिली थी कि इस्लामिक स्टेट में भर्ती होने के लिए 14 लोग भारत छोड़ रहे हैं.

ISIS से जुड़ी थी केरल की महिला, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजाआईएसआईएस से जुड़ी थी महिला, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा
केरल की रहने वाली एक महिला को इस्लामिक स्टेट (आईएस) से संबंध रखने के आरोप में सात साल की सजा सुनाई गई है. महिला किसी आतंकी गतिविधि में शामिल नहीं थी लेकिन कोर्ट ने आतंकी संगठन से संबंध रखने के कारण महिलाओं को सख्त सजा सुनाई है.

यह केस अपनी तरह में अलग है क्योंकि महिला के खिलाफ किसी हिंसक घटना में शामिल होने या साजिश का आरोप साबित नहीं हुआ। आतंकी संगठन की विचारधारा को बढ़ाने के लिए यह सजा दी गई।

जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस इंदू मल्होत्रा की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा, इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि महिला के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से संबंध थे और वह आईएस की विचारधारा को फैलाने का काम किया. कोर्ट ने माना कि महिला ने गैर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आतंकी संगठन की विचारधारा के लिए काम किया. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मिली राहत को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही मानते हुए सजा सुनाई है. गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से मिली 7 साल की सजा को कम कर 3 साल कर दिया था.एर्नाकुलम की एनआईए कोर्ट ने यासीन को 7 साल की जेल की सजा सुनाई।

आतंकी संगठन से संबंध पर सजा 

यह केस कई लिहाज से अलग है क्योंकि इसमें महिला के खिलाफ आतंकी हिंसा में शामिल होने का कोई सबूत नहीं था। 7 साल की सजा का ऐलान इस्लामिक स्टेट से संबंध रखने के कारण दी गई। हिंसा में शामिल होने या षड्यंत्र के किसी मामले में महिला को दोषी नहीं करार दिया गया। महिला को एक आतंकी संगठन से संबंध रखने और उसकी कट्टर हिंसक विचारधारा के प्रचार-प्रसार की कोशिश के कारण यह सजा दी गई है।
पुलिस को 2016 में यह सूचना मिली थी कि इस्लामिक स्टेट में भर्ती होने के लिए 14 लोग भारत छोड़ रहे हैं. इस मामले की जांच में जुटी पुलिस को पता चला कि यासीन मोहम्मद जाहिद दिल्ली से निकलने वाली है. इसके बाद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से यासीन को पकड़ लिया. यासीन बच्चे के साथ ही अफगानिस्तान रवाना हो रही थी. यासीन का पति कुछ और लोगों के साथ पहले ही आईएस में भर्ती होने के लिए अफगानिस्तान भाग चुका था.

महिला के विडियो के आधार पर दी गई सजा

महिला की याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिसके बाद पता चलता है कि महिला का संबंध आईएस से था. महिला के वीडियो में दिख रहा है कि वह खुले तौर पर गैर-मुस्लिमों के खिलाफ युद्ध का ऐलान करती थी. इसी के साथ वह जिस तरह से अफगानिस्तान भागने के फिराक में थी उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि उसकी मंशा खतरनाक थी.विडियो स्पीच के साथ ही देश छोड़कर अफगानिस्तान भागने की कोशिश भी उसकी मंशा को स्पष्ट करने के लिए काफी हैं। इसलामिक स्टेट (आइएस) के आतंकवादियों की बर्बरता के और मामले सामने आये हैं. इराक में आतंकियों ने यौन संबंध बनाने से मना करने पर 19 महिलाओं की हत्या कर दी. इसके अलावा आइएस आतंकियों ने लीबिया में अपहृत जज को मार डाला. उधर, सीरिया में आतंकी संगठन ने एक प्रमुख शहर पर कब्जा जमा लिया. महिलाओं ने आइएस के  यौन जिहाद  में शामिल होने से मना कर दिया था. इसलिए पिछले दो दिनों में उनकी हत्या कर दी गयी.जिहादियों की कैद से वर्षों बाद रिहा हुई यज़ीदी महिला जिहान ने आपबीती बयां करते हुए  बताया कि कई सालों तक तमाम पीड़ाएं झेलने के बाद IS के लड़ाकों से हुए 3 बच्चों को वहां छोड़ना आसान न था, लेकिन उन्हें साथ ना लाने का निर्णय उन्हें सोच-समझकर लिया। बिना किसी जज्बात के जिहान कासिम ने कहा, ‘निश्चित तौर पर मैं उन्हें साथ नहीं ला सकती थी। वे दाएश (IS) बच्चे हैं।’

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