अटलजी के बाद मोदी सरकार में भी वरिष्ठ पत्रकार कांचन को मिला बड़ा पद

1995 में करियर को नई दिशा देकर अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी के संसदीय सहायक के तौर पर शुरू किया था काम कांचन ने
Narendra Modi

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में कांचन गुप्ता को ये नई जिम्मेदारी संस्कृति मंत्रालय ने दी है। उनको राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन का चेयरपर्सन बनाया गया है। ये फाउंडेशन भारत की तमाम पब्लिक लाइब्रेरीज को सपोर्ट करने के लिए केन्द्र सरकार की नोडल एजेंसी के तौर पर काम करता है और इसका हेड ऑफिस कोलकाता में है। वह मई 2020 तक इसके चेयरपर्सन रहेंगे।

बंगाली पत्रकार कांचन गुप्ता जमशेदपुर और पटना में पले-बढ़े हैं,  कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने टेलीग्राफ अखबार से पत्रकारिता की पारी की शुरुआत की। वे एमजे अकबर और विनोद मेहता जैसे पत्रकारों के साथ काम कर चुके हैं। 1991 में वो दिल्ली आए और विनोद मेहता के साथ पायनियर में काम करने लगे। बीच में द स्टेट्समैन में भी काम किया।

लेकिन 1995 में कांचन गुप्ता ने करियर का रास्ता बदला और अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी के संसदीय सहायक के तौर पर काम करने लगे। जब अटलजी प्रधानमंत्री बने तो एनडीए सरकार में वह पीएमओ का हिस्सा बन गए और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) ब्रजेश मिश्रा की अगुवाई वाले नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर के सलाहकार बोर्ड में पीएमओ के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हो गए, वो फॉरेन और सिक्योरिटी मामलों के जानकार हैं।

उन्हें इजिप्ट के मौलाना आजाद सेंटर ऑफ इंडियन कल्चर का डायरेक्टर बनाकर कैरो भी भेजा गया, जहां वो 2004 तक काम करते रहे। अटलजी की सरकार गई तो वो फिर से पायनियर के साथ काम करने लगे। कई अखबारों में उनके कॉलम भी आते रहे हैं।

बरखा दत्त को डायरेक्ट अटैक के बाद यूं ‘मुंह की खानी’ पड़ी

बरखा ने एंकर पर ट्वीट के जरिए किया वार, तो एंकर ने अपने शो पर दिया करारा जवाब

barkha-dutt

ये अलग बात है कि ‘100 सुनार की एक लोहार की’ वाली स्टाइल में अरनब ने टीवी स्क्रीन पर ही बरखा को लपेट लिया, लेकिन ट्वीट की तरह उसे हर मिनट में तो इस्तेमाल नहीं कर सकते। मामला दरअसल तब शुरू हुआ, जब अरनब गोस्वामी रिपब्लिक टीवी के लाइव शो में मॉब लिंचिंग के विरोध में 49 सेलेब्रिटीज के पीएम को खत वाले इश्यू पर चर्चा कर रहे थे।

अरनब गोस्वामी ने फिल्ममेकर अपर्णा सेन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही स्टूडियो से ‘गेट क्रैशर’ जैसा काम किया, जो उनका स्टाइल है। वो अपर्णा सेन से रिपोर्टर के फोन के जरिए सवाल पूछते रहे, चिल्लाते रहे, अपर्णा सेन उन्हें इग्नोर करती रहीं। अरनब पूछते रहे कि आपकी पॉलिटिकल एम्बीशंस क्या हैं? कौन सी पार्टी आपको बैक कर रही है?

ये विडियो क्लिप संगीता नाम्बियार ने अपने ट्वीट में शेयर किया और अरनब पर ही सवाल उठाए। तब बरखा ने अरनब पर डायरेक्ट अटैक करते हुए संगीता का वो ट्वीट शेयर करते हुए लिखा, ‘Anyone who watches and endorses this dangerous drivel has no right to ever criticise news media again. If this journalism, I’m the Indian Prime Minister।’ ये बरखा दत्त का अरनब गोस्वामी पर डायरेक्ट अटैक था और अरनब ने उसे ऐसे ही लिया भी।

जैसे ही अरनब को मौका मिला, उन्होंने एक शो में बरखा को टीवी स्क्रीन पर ही लपेट लिया। बिना नाम लिए ही कहा, ‘As for some currently unemployed and probably permanently unemployable ‘Radia Types’ who have opinions on us, well if it helps them find a job, then it probably worth it for them. Till they can write another $500 sellout piece for some American piece for scrap।’

बरखा को जब अरनब के इस कमेंट के बारे मेंं पता चला तो उन्होंने फिर से ट्वीट किया, ‘I am told a certain ‘anchor’ spent more than a few minutes of air time on me, huffing, puffing, frothing, fuming, clearly my one tweet on him really punctured his bombast. Amused! Hope you set aside a few minutes of your show on me every night. May it will get more watchable।’

जाहिर सी बात है बरखा ने शुरुआत की, अरनब का विडियो शेयर करके डायरेक्ट अटैक किया। अरनब ने भी बरखा की बेरोजगारी और राडिया कनेक्शन पर सवाल उठाते हुए भी बरखा का नाम नहीं लिया और अगले ट्वीट में बरखा ने भी अरनब के नाम लेने से परहेज करते हुए इनवर्टेड कॉमा में अरनब को ‘Anchor’ लिखा है। अब ऐसे में मजा लेने के लिए ट्विटर पर मौजूद ट्विटरत्तियों को इंतजार है अरनब के नए अटैक का, देखिए कब वो इसका मौका चुनते हैं।

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