कांग्रेस की हजार ‘बसों’ में सौ आटो-ट्रक-एंबूलेंस-बाइकें,70 की फिटनेस नहीं

31 ऑटो, 69 एंबुलेंस/ट्रक या अन्य वाहन, 70 का डेटा नहीं: प्रियंका गाँधी के बसों में सामने आया फर्जीवाड़ा
उत्तर प्रदेश सरकार ने इन वाहनों का सत्यापन आरटीओ लखनऊ से करवाया। जिसके बाद ये बात साफ हो गया कि प्रियंका गाँधी द्वारा भेजे गए बसों की सूची में से 31 ऑटो थे, 69 एंबुलेंस, ट्रक या फिर अन्य वाहन थे। इसके साथ ही 70 ऐसे वाहनों की लिस्ट दी गई थी, जिसका कोई डेटा ही उपलब्ध नहीं था।
कॉन्ग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को भेजी गई 1000 बसों की सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा निकल कर सामने आया है। प्रियंका द्वारा भेजी गई बसों की सूची में स्कूटर,आटो रिक्शा और तिपहिया वाहनों के साथ एंबुलेंस का नंबर भी शामिल है। इसकी पुष्टि एनआईसी द्वारा की गई।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इन वाहनों का सत्यापन आरटीओ लखनऊ से करवाया। जिसके बाद ये बात साफ हो गया कि प्रियंका गाँधी की भेजे गए बसों की सूची में से 31 ऑटो थे, 69 एंबुलेंस, ट्रक या फिर अन्य वाहन थे। इसके साथ ही 70 ऐसे वाहनों की लिस्ट दी गई थी, जिसका कोई डेटा ही उपलब्ध नहीं था।
उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) विनय कुमार सिंह और लखनऊ के सम्भागीय परिवहन अधिकारी रामफेर द्वारा लिखे गए पत्र में इस बाबत जाननकारी दी गई है। उन्होंने इस संबंध में पत्र लिखते हुए बताया कि गृह विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आज दिनांक 19.05.2020 को पूर्वाह्न में ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराई गई बसों की सूची सम्भागीय परिवहन अधिकारी, लखनऊ कार्यालय में जाँच कराई गई।
उपलब्ध कराई गई सूची की प्रारंभिक जाँच में कुल 492 वाहनों के विवरण का परीक्षण किया गया। परीक्षण के अनुसार 59 वाहनों की फिटनेस की वैधता की अवधि समाप्त पाई गई एवं 29 वाहनों के इंश्योरेंस समाप्त अथवा अनुपलब्ध पाए गए।
इसके अलावा 3 वाहनों के प्रकरण ऐसे पाए गएस जिनमें वाहन की पंजीकरण संख्या बसों की न होकर अन्य श्रेणी के वाहनों की है।
गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के लघु उद्योग मंत्री व प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने प्रियंका की भेजी लिस्ट सही नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इसमें कई वाहनों के नंबर और डिटेल गलत है और बसों के बजाय दूसरे वाहनों के नंबर हैं।
सिद्धार्थनाथ सिंह ने लखनऊ में इस बारे में जानकारी देते हुए प्राथमिक आधार पर उपलब्ध वाहनों की सूची के बारे में बताते हुए कहा था कि कॉन्ग्रेस इस मौके पर भी अपनी नीयत से बाज नहीं आई और दी गई लिस्ट में कार, ट्रैक्टर, एंबुलेंस और स्कूटर जैसे वाहनों के नंबर हैं। सूची में जिन वाहनों के नंबर दिए गए हैं, उसमें अधिकतर ब्लैकलिस्टेड हैं।
सोमवार (मई 18,2020) को यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गाँधी को पत्र लिखकर बताया था कि सरकार ने प्रवासी मजदूरों के संबंध में उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने बिना किसी देरी के एक हजार बसों और ड्राइवरों का विवरण माँगा था।
ऑटो और कार से मजदूरों को घर भेजेंगी प्रियंका गाँधी… 1000 बसों की सूची में ब्लैकलिस्ट किए गए वाहन भी
UP83T1006 बजाज ऑटो लिमिटेड की एक तिपहिया गाड़ी, RJ14TD1446 किसी बस का नहीं है बल्कि ‘Chevrolet Beat’ नामक कार का नंबर… इसके अलावा कुछ ऐसे भी नंबर हैं, जो रजिस्टर्ड नहीं हैं, ‘वाहन’ पोर्टल पर उन्हें ब्लैकलिस्टेड बताया जा रहा है। सवाल उठना लाजिमी है कि क्या प्रियंका बाइक से मजदूरों को घर पहुँचवाएँगी
कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के कार्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को उन बसों की लिस्ट भेजी थी, जो पार्टी के मुताबिक वो मजदूरों के लिए मुहैया कराने वाली हैं। अब बसों की सूची में भी नया घपला सामने आ रहा है। प्रियंका गाँधी की तरफ से बसों की जो सूची भेजी गई है, उसमें ऑटो रिक्शा तक के नंबर हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मजदूरों को कॉन्ग्रेस ऑटो से सैकड़ों किलोमीटर भेजेगी? कॉन्ग्रेस ने दावा किया था कि श्रमिकों के लिए बसों की लिस्ट भेज दी गई है और अब यूपी सरकार पर है कि वो आगे का काम करें।
कॉन्ग्रेस ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से पूछा था कि इन बसों को कहाँ और किस समय पहुँचाना है,इस सम्बन्ध में बताया जाए। सोशल मीडिया पर काफ़ी यूजर्स ऐसा दावा कर रहे थे कि इन बसों की सूची में कई ऑटो के नंबर भी हैं.
ऑपइंडिया ने इस दावे की पुष्टि के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ‘वाहन’ वेबसाइट पर प्रियंका गाँधी द्वारा जारी सूची में से एक गाड़ी के नंबर को ‘Vehicle Registration Status‘ विकल्प में जाकर चेक किया। हमने पाया कि गाड़ी संख्या UP83T1006 बजाज ऑटो लिमिटेड की एक तिपहिया गाड़ी है। स्पष्ट लिखा है कि ये एक ऑटो रिक्शा है,जो मोहम्मद इरशाद के नाम पर पंजीकृत है। ‘वाहन’ वेबसाइट पर हमें उस नंबर के ये डिटेल्स मिले:

सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट पर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन डिटेल्स
जबकि कॉन्ग्रेस का दावा है कि उसने बसों की सूची के साथ-साथ चालक एवं परिचालकों की लिस्ट भी यूपी सरकार को भेज दी है, जो कभी भी सेवा देने के लिए तैयार हैं। कॉन्ग्रेस ने माँग की थी कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही इनका संचालन करे और इसकी समय-सारणी व रूट की जानकारी जनसाधारण को उपलब्ध कराए।
प्रियंका गाँधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह ने उत्तर प्रदेश के गृह सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र लिख कर गाड़ियों के डिटेल्स भेजे थे।
इतना ही नहीं, बसों के नंबर को खँगालने पर कार के डिटेल्स भी मिले हैं। उदाहरण के लिए सूची में RJ14TD 1446 नामक एक गाड़ी भी शामिल है। जब इसका विवरण सर्च किया गया तो पाया गया कि ये भी किसी बस का नंबर नहीं है बल्कि ‘Chevrolet Beat’ नामक कार का नंबर है, जो राजस्थान के गजेंद्र सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है।
कई लोग इस बात से भी नाराज़ दिखे कि इन बसों की सूची में अधिकतर राजस्थान के हैं। लोगों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आलोचना करते हुए कहा कि अगर सारे बस यूपी ही भेज दिए जाएँगे तो राजस्थान के मजदूरों को घर कैसे पहुँचाया जाएगा?

इसके अलावा कुछ ऐसे भी नंबर हैं, जो रजिस्टर्ड नहीं हैं, ‘वाहन’ पोर्टल पर उन्हें ब्लैकलिस्टेड बताया जा रहा है। ऐसे में ये देखना पड़ेगा कि अगर दिया गया नंबर सही है तो क्या वो अवैध रूप से प्रयोग में लाया जा रहा है?


बसों की लिस्ट में ब्लैकलिस्ट किए गए नंबर भी
उधर मीडिया में प्रियंका गाँधी का अलग ही बयान चल रहा है। जहाँ एक तरफ उनके दफ्तर की ओर से 1000 बसों की सूची यूपी सरकार को भेजने का दावा किया गया है, वहीं दूसरी तरफ प्रियंका ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1000 बसों को भेजने की बात कहना न सिर्फ़ अमानवीय है बल्कि समय और संसाधन की बर्बादी भी है।

प्रियंका गाँधी ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए सक्रियता नहीं दिखा रही है।
इससे पहले एनडीटीवी के पत्रकार उमाशंकर सिंह ने एक फोटो से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की थी, जिसमें यूपी सरकार की ओर से कॉन्ग्रेस द्वारा भेजे जाने वाली बसों की खबर को उस फोटो के साथ शेयर किया गया, जिस फोटो को हम सभी ने पिछले वर्ष प्रयागराज में लगे कुंभ मेले में सबसे लंबी बस परेड का विश्व रिकॉर्ड बनने के दौरान देखा था.

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