क्‍या है दल-बदल विरोधी कानून, जिसकी चेतावनी शरद पवार ने ‘बागी विधायकों’ को दी?

मुंबई:महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में अजित पवार (Ajit Pawar) के ‘बिना सहमति’ के बीजेपी के साथ सरकार बना लिए जाने से एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) बेहद खफा हैं. अजित पवार के साथ ही उनका गुस्‍सा उन पर बागी विधायकों पर भी हैं, जिन्‍होंने अजित को BJP के साथ मिलकर सरकार बनाने में अपना समर्थन दिया और वे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह में दिखाए दिए. शरद ने अपनी नाराजगी का इजहार शिवसेना के साथ संयुक्‍त प्रेस वार्ता में भी किया. उन्‍होंने कहा, हम बागी विधायकों पर एंटी डिफेकशन लॉ (Anti-Defection Law) के तहत कार्रवाई करेंगे और उप चुनाव होने की स्थिति में उनके खिलाफ शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस मिलकर संयुक्‍त उम्‍मीदवार खड़ा करेंगे, जिससे उनकी जीत बेहद मुश्किल हो जाएगी. इस तरह उन्‍होंने बागी विधायकों को चेता दिया कि वे ‘बगावत’ न करें और चाहें तो लौटकर वापस आ जाएं. लेकिन ऐसा न होने की स्थिति में उन्‍हें भविष्‍य में बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
शरद पवार की इस वॉर्निंग के बाद ये जानना जरूरी है कि आखिर ये एंटी डिफेकशन लॉ क्‍या है…
एंटी डिफेक्‍शन लॉ का मतलब है कि भारत में दल-बदल विरोधी कानून. इसके तहत राजनीतिक लाभ और पद के लालच में दल बदल करने वाले जन-प्रतिनिधियों को अयोग्य करार दिया जाता है, जिसके तहत वे संसद या विधानसभा की सदस्‍यता से संबंधित दल द्वारा अयोग्‍य करार दे दिए जाते हैं. वैसे, दल-बदल कानून को कई बार अभिव्यक्ति की आज़ादी के हनन से भी जोड़कर देखा गया है. हालांकि इस कानून को एक स्‍वस्‍थ लोकतंत्र के निर्माण में काफी प्रभावी माना जाता है. पवार ने कहा कि ‘हमारे पास नंबर है. बीजेपी किस तरह सदन में बहुमत साबित कर पाएगी. आखिरी बाजी हम ही जीतेंगे. बहुमत साबित होने तक विधायक हमारे साथ हैं.हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि जो भी विधायक जाने-अंजाने में अजित पवार के साथ राजभवन चले गए थे, वे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे. इस तरह उन्‍होंने संकेत दिए कि अजित पवार का समर्थन करने वाले विधायक अगर वापस आना चाहें तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.अपने समर्थक विधायकों को मुंबई से बाहर यहां ले जा रहे हैं अजित पवार
एनसीपी नेता और अब डिप्टी सीएम अजित पवार अपने समर्थक विधायकों को मुंबई से बाहर ले जाने की तैयारी में है.
समर्थक विधायकों को मुंबई से बाहर ले जा रहे हैं अजित पवार
एनसीपी (NCP) नेता अजित पवार (Ajit Pawar) अपने समर्थक विधायकों को मुंबई से बाहर ले जाने की तैयारी में है. महाराष्ट्र (Maharashtra) में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) सरकार को समर्थन देने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के 9 विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली (Delhi) भेज दिया गया है.सूत्रों के मुताबिक अजित पवार के समर्थक विधायकों के साथ धनजंय मुंडे भी हैं. वहीं एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) और उनके समर्थक विधायकों से के समर्थन से बीजेपी सरकार बनने के बाद कांग्रेस (Congress) भी सतर्क हो गई है. कांग्रेस ने अपने सारे विधायकों को महाराष्ट्र से बाहर भेजने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने विधायकों को शाम 5 बजे की फ्लाइट भोपाल लेकर जाएगी.
बता दें महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में शनिवार सुबह वह हुआ जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. शुक्रवार रात तक जहां कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की सरकार बनने बनती दिख रही थी लेकिन जब सुबह देश के लोग उठे तो उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री का पद की शपथ लेते हुए देखा.
शपथ ग्रहण के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन में स्पष्ट बहुमत पाने वाली शिवसेना ने चुनाव के बाद जनादेश खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि शिवसेना कुछ अन्य दलों के साथ सरकार बनाने की कोशिश करने लगी, जिसके कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया.
हालांकि, इन तीन दलों के लिए खिचड़ी सरकार बनाना और संभव नहीं दिखा और राज्य में स्थाई सरकार देने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया जा सका. फडणवीस ने कहा, “अजीत पवार और अन्य के समर्थन से हमने राज्यपाल को एक सूची भेजी, जिन्होंने इस पर निर्णय लेने के लिए केंद्र से चर्चा की.”
वहीं अजीत पवार ने कहा कि मौजूदा समय में स्थाई सरकार बनाने की जरूरत है जो बनती प्रतीत नहीं हो रही थी. उन्होंने कहा, “मैं सरकार बनाने के लिए लगातार हो रही वार्ताओं से थक गया था और इसीलिए मैंने फडणवीस के साथ जा राज्य को स्थाई सरकार बनाने का निर्णय लिया.
एनसीपी में फूट के बाद सावधान कांग्रेस विधायकों को भेजेगी भोपाल
महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत में शनिवार सुबह बीजेपी (BJP) की सरकार बनने के बाद से ही तूफान मचा हुआ है. एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) की सहयोग से बनी बीजेपी सरकार बनने के बाद कांग्रेस (Congress) सतर्क हो गई है. कांग्रेस ने अपने सारे विधायकों को महाराष्ट्र से बाहर भेजने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने विधायकों को शाम की फ्लाइट भोपाल लेकर जाएगी.
बता दें महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार सुबह वह हुआ जिसकी किसी ने कल्पना तक न की थी. शुक्रवार रात कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की सरकार बनने बनती दिख रही थी लेकिन जब सुबह देश के लोग उठे तो उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देखा.
सरकार बनने के बाद शरद पवार ने ट्वीट कर कहा कि अजित पवार का बीजेपी को समर्थन देने का फैसला उनका निजी फैसला है. शरद पवार ने कहा, ‘अजित पवार का बीजेपी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का फैसला उनका निजी फैसला है, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है. हम यह साफ करना चाहते हैं कि हम उनके इस फैसले का न तो समर्थन करते हैं और न ही सहमति देते हैं.’
वहीं इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि बीजेपी और अजित पवार सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे, अंतिम बाजी हम ही जीतेंगे.
इसी प्रेस कॉन्फ्रस में मौजूद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि ‘आज जो हुआ उससे यही लगता है कि अब आगे चुनाव नहीं करवाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा ऐसा लगता है कि अब सीधे ही सरकार बनवानी चाहिए. ‘

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