कोरोना पॉजिटिव भास्कर रिपोर्टर तरूण ने चौथी मंजिल से कूद दी जान

कोरोना संक्रमित पत्रकार की मौत पर उठे सवाल, स्वास्थ्य मंत्री ने 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट
मौसमी सिंह
नई दिल्ली, 7 जुलाई।सोमवार को दिल्ली के एम्स ट्रामा सेंटर में तरुण सिसोदिया ने चौथी मंजिल से छलांग लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में पुलिस की तफ्तीश जारी है.
कोरोना संक्रमित पत्रकार की मौत पर सवाल, केंद्रीय मंत्री ने 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट
पत्रकार तरुण सिसोदिया (फाइल फोटो)
पत्रकार तरुण सिसोदिया सुसाइड मामलाकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मौत पर दुख जतायाएम्स निदेशक को दिए गए जांच के आदेश
पत्रकार तरुण सिसोदिया सुसाइड मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. रिपोर्टिंग के दौरान कोरोना पॉजिटिव होने के बाद तरुण करीब 15 दिन पहले इलाज के लिए एम्स ट्रामा सेंटर में एडमिट हुए थे. बताया जा रहा है कि उनके इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी.
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने पत्रकार तरुण सिसोदिया की मौत पर कहा कि मेरे पास अपना दुख व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं है. ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी. उनके पूरे परिवार के प्रति मेरी संवेदना है.
इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स निदेशक को तुरंत आधिकारिक जांच करने का आदेश दिया है. साथ ही एक उच्च-स्तरीय कमेटी गठित कर 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. इस जांच समिति में चीफ ऑफ न्यूरोसाइंस सेंटर से प्रोफेसर पद्मा, मनोचिकित्सा विभाग के हेड आरके चड्ढा, डिप्टी डायरेक्टर (एडमिन) डॉक्टर पांडा और डॉक्टर यू सिंह शामिल हैं.

पहले भी मांगी गई थी ट्रामा सेंटर से रिपोर्ट

लापरवाही बरतने का मामला स्वास्थ्य मंत्रालय तक भी पहुंचा था और ट्रामा सेंटर से रिपोर्ट मांगी गई थी. आरोप है कि ट्रामा सेंटर प्रशासन ने तरुण के फोन को जब्त करके उन्हें ICU में शिफ्ट किया, ताकि वो आगे कोई शिकायत ना कर पाएं और अंदर की अव्यस्था की कहानी बाहर न जा सके.
तरुण को वेंटिलेटर की जरूत थी. कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि तरुण अपने वॉर्ड से गायब हैं, उनका फोन भी बंद था. हालांकि हेल्थ बीट कवर करने वाले पत्रकारों को इसकी जानकारी हो गई थी.
कोरोना संक्रमित पत्रकार ने की आत्महत्या, एम्स की चौथी मंजिल से लगाई छलांग
बिना बताए तरुण को शिफ्ट करने का सवाल उठा तो घंटों बीत जाने के बाद एम्स प्रशासन ने बताया कि उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया गया है.
एम्स ने कहा कि तरुण मानसिक रूप से भी रोगी थे. उनका न्यूरोलॉजिस्ट और साइकियाट्रिक ट्रीटमेंट चल रहा था. सोमवार दोपहर करीब 1.55 बजे तरुण आईसीयू से भागकर चौथे फ्लोर पर आ गए और खिड़की से छलांग लगा दी.

ये सवाल उठ रहे हैं…
-तरुण को कोरोना वॉर्ड से ICU में क्यों शिफ्ट किया गया ?
-फैमिली से पूरी तरह संपर्क क्यों खत्म किया गया,जबकि संपर्क में रहने से उन्हें मानसिक रूप से राहत मिलती?
-किन परिस्थितियों में तरुण ने अपने साथियों के एक ग्रुप में लिखा कि मेरा मर्डर हो सकता है?
-डायग्नोसिस में अगर न्यूरो और साइको कंडीशन थे तो ऐसे मरीज को कड़ी निगरानी में क्यों नहीं रखा गया?
– एक कोविड मरीज ICU से कैसे निकल गया और चौथी मंजिल से छलांग लगा दी?
-अपनी रिपोर्ट में एम्स कह रहा है कि उसके पीछे सुरक्षा कर्मी दौड़े,क्या एम्स, ICU से लेकर बाहर तक का CCTV फुटेज शेयर करेगा?
-तरुण सुसाइड के खिलाफ थे,उन्होंने इस पर एक हिंदी अखबार में लेख भी लिखा था.

कोरोना पॉजिटिव आने और नौकरी जाने की आशंका में दैनिक भास्कर का पत्रकार एम्स की चौथी मंजिल से कूद गया
बहुत ही दुखद और स्तब्धकारी घटना की जानकारी मिली है. दिल्ली स्थित एम्स AIIMS से खबर आई कि इस प्रतिष्ठित अस्पताल की चौथी मंजिल से एक पत्रकार सुसाइड के मकसद से कूद गया.पत्रकार का नाम तरुण सिसोदिया है. ये दैनिक भास्कर के दिल्ली आफिस में बतौर रिपोर्टर कार्यरत थे.
तरुण सिसोदिया की उम्र 34 साल बताई जा रही है. तरुण जब एम्स की चौथी मंजिल से कूदे तो बुरी तरह घायल हो गए. उन्हें पूरे शरीर में कई जगह चोट लगी, फ्रैक्चर हुए. उनका इलाज शुरू किया गया. लेकिन उनकी जान बचाई नहीं जा सकी.
तरुण सिसोदिया दैनिक भास्कर से पहले टाइम्स ग्रुप के इवनिंगर अखबार सांध्य टाइम्स में काम करते थे. वे वर्तमान में दैनिक भास्कर में बतौर रिपोर्टर कार्यरत थे. तरुण सिसोदिया के एम्स की चौथी मंजिल से कूदने की जानकारी मिलते ही उनके परिचित हैरान रह गए. किसी को ये आशंका न थी कि कोरोना पीड़ित यह पत्रकार हताशा में ऐसा कदम उठा सकता है.
उधर कहा जा रहा है कि तरुण दोहरे डिप्रेशन में आ गए थे. उन्हें कोरोना तो हुआ ही,दैनिक भास्कर से छंटनी की आशंका थी. दैनिक भास्कर प्रबंधन तेजी से अपने कर्मियों की नौकरियां ले रहा है.तरुण सिसोदिया का भी नंबर आने वाला था.वह इन पूरे हालात से बेहद घबड़ा गए और तनाव व डिप्रेशन की हद पार कर गए.तरुण को हालांकि नौकरी से अभी निकाला नहीं गया था,लेकिन उसे लग रहा था कि शायद निकाल देंगे. इसी टेंशन में शायद उसने सुसाइड के लिए छत से कूदने जैसा कदम उठाया है.
तरुण सिसोदिया के फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि वे शादीशुदा हैं.उनकी एक छोटी-सी बेटी भी है.
तरुण सिसोदिया के जान देने की कोशिश के घटनाक्रम पर भड़ास एडिटर फेसबुक पर लिखते हैं-
‘यार इतना भी क्या टेंशन लेना कि जान देने की सोचने की नौबत आ जाए.जीवन दरअसल चुनौतियों का ही दूसरा नाम है.इंसान कितना मजबूत हुआ करता था कि लंबी अंतहीन समुद्री लहरों के साथ दिनों महीनों सालों गुजारते हुए वह नया देश,नई जगह की खोज पर निकल जाता.बचने की कहीं कोई उम्मीद न होती लेकिन मजबूत मनोबल के दम पर वह सफल हो जाता. जाहिर है,इस प्रक्रिया में बहुत सारे लोगों की जान भी गई लेकिन किसी ने जान दी नहीं.जान देना तो यह मान लेना है कि अब कुछ नहीं हो सकता,अब परेशानियां नहीं झेलनीं,अब कोई रास्ता नहीं,अब जीकर क्या करेंगे… ऐसा मानसिकता में आ जाना दरअसल यह बताता है कि हमारे समाज,हमारे स्कूलों ने अच्छी ट्रेनिंग नहीं दी,मजबूत नहीं बनाया,मानसिक तौर पर दृढ़ नहीं किया.

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