मुख्यमंत्री विजयन की बेटी की शादी में आरएसएस वर्कर का हत्यारा भी

केरल: CM पिनराई विजयन की बेटी की शादी में हत्या के दोषी के शरीक होने पर विवाद
बीजेपी के प्रवक्ता संदीप वारियर ने कहा,’मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) को जवाब देना चाहिए कि पेरोल पर छूटा दोषी मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुए विवाह कार्यक्रम में शामिल हुआ था या नहीं.’
CM पिनराई विजयन की बेटी की हुई थी शादी
तिरुवनंत पुरम. केरल (Kerala) के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी की शादी में आरएसएस (RSS) के एक कार्यकर्ता की हत्या के दोषी के शरीक होने पर विवाद हो गया. भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है. प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता संदीप वारियर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा कि विजयन को स्पष्ट करना चाहिए कि यहां उनके आधिकारिक निवास पर संपन्न हुए विवाह समारोह में पेरोल पर छूटा दोषी शामिल हुआ था या नहीं.
वारियर ने समारोह में ली गई एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें पेरोल पर छूट, सात साल की सजा काट रहा दोषी मुहम्मद हाशिम नवविवाहित जोड़े के निकट खड़ा दिख रहा है. विजयन की बेटी वीणा की शादी माकपा के युवा नेता एवं डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष पी.ए.मोहम्मद रियाज से सोमवार सुबह हुई.यह विवाह समारोह मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास,क्लिप हाउस में हुई जहां करीबी रिश्तेदारों एवं दोस्तों समेत 50 से भी कम लोग शामिल हुए.
रियाज का करीबी रिश्तेदार हाशिम,वर के परिवार के सदस्य के तौर पर शामिल हुआ था.वारियर ने कहा,‘मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए कि पेरोल पर छूटा दोषी मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुए विवाह कार्यक्रम में शामिल हुआ था या नहीं.’सुप्रीम कोर्ट ने हाशिम को 24 साल पहले आरएसएस कार्यकर्ता ओट्टापिलावू सुरेश बाबू की हत्या के मामले में 2017 में दोषी ठहराया था।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने वीणा और रियाज मोहम्मद को उनकी शादी की बधाई दी और मानव निर्मित धार्मिक एवं जातिगत बंधनों को तोड़ने के उनके फैसले की सराहना की.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा की सोमवार को शादी हो गई। वीणा थायिकंदियाल की शादी डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद रियाज के साथ हुई।शादी का आयोजन मुख्यमंत्री के सरकारी आवास तिरुवंनंतपुरम में किया गया था ।डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अपने कुछ खास रिश्तेदारों के साथ यहां पहुंचे। दोनों ने एक दूसरे के वरमाला पहनाई और रियाज ने वीणा के गले में मंगलसूत्र बांधा।
राज्य के मुख्यमंत्री आवास क्लिफ हाउस सोमवार को छोटे से समारोह का आयोजन किया गया ता। शादी में वीणा और रियाज के पक्ष से केवल परिवार के बेहद करीबी लोग ही शामिल हुए। वीणा पिनाराई विजयन और कमला की बड़ी बेटी हैं।
वीणा और रियाज की शादी
पीले रंग की साड़ी में नजर आईं वीणा
शादी समारोह के दौरान वीणा ने पीले रंग की साड़ी पहनी। उन्होंने अपने बालों में गजरा भी लगा रखा था। शादी के दौरान वह बेहद खुश नजर आ रही थीं। वहीं रियाज ने सफेद रंग की शर्ट और परंपरागत सफेद रंग की धोती बांध रखी थी। हालांकि वीणा ने बहुत जेवर नहीं पहना न ही मेकअप किया। वह बहुत ही सादगी से तैयार हुई थीं।
तलाशशुदा हैं वीणा और रियाज
रियाज और वीणा कई वर्षों से एक दूसरे को जानते हैं। दोनों का तलाक लगभग पांच साल पहले हुआ था। दोनों ने अपनी दोस्ती को अब रिश्ते में बदलने को ठानी है। बताया जा रहा है कि दोनों ने खुद एक दूसरे को चुना है और इस शादी का फैसला लिया था। दोनों की शादी की तारीख पांच दिन पहले ही सार्वजनिक की गई थी।
रियाज के दो और वीणा के एक बच्चा
वीना की पहली शादी से एक बच्चा है,वहीं रियाज के पहली पत्नी से दो बच्चे हैं। वीना सॉफ्टवेयर इंजिनियर हैं। वीणा बेंगलुरु में अपनी खुद की एक सॉफ्टवेयर कंपनी चलाती हैं। जबकि रियाज की उम्र 39 साल है और वह पेशे से एक वकील हैं।
लोकसभा चुनाव हार गए थे रियाज
कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में आए रियाज 2009 में कोझीकोड लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे। हालांकि वह कांग्रेस के एमके राघवन से चुनाव हार गए थे। वह DYFI के पहले राष्ट्रीय संयुक्त सचिव थे। 2017 में उन्हें डीवाईएफआई का अध्यक्ष बनाया गया था।
जानें वीणा विजयन के बारे मेें
37 साल की वीणा बेंगलुरु में एक्सालॉजिक नाम की एक सॉफ्टवेयर कंपनी चलाती हैं। इससे पहले वह ओरेकल में आठ साल तक काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वह आरपी टेक सॉफ्ट में दो साल सीईओ के पद पर भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने 2015 में स्टार्टअप के तहत अपनी कंपनी लॉन्च की थी।डीवाईएफआई के एक नेता ने बताया कि रियाज और वीणा कई वर्षों से एक दूसरे को जानते हैं। दोनों का तलाक लगभग पांच साल पहले हुआ था। दोनों ने अपनी दोस्ती को अब रिश्ते में बदलने को ठानी है। बताया जा रहा है कि दोनों ने खुद एक दूसरे को चुना है और इस शादी का फैसला लिया है।
​कौन हैं मोहम्मद रियाज
मोहम्मद रियाज कोझिकोड के रहने वाले हैं। उनके पिता पीएम अब्दुल खादर आईपीएस अधिकारी थे। चाचा पीके मोइदेंकुट्टी 1941 में केरल कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उन्होंने सेंट जोजफ स्कूल और फारूख कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एसएफआई जॉइन किया था। तब वह इसमें एक कार्यकर्ता थे। तमाम पदों पर रहने के बाद वह 2017 में डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। वह अभी सीपीएम की राज्य समिति के सदस्य हैं।

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