शुक्रवार दोपहर 37 नये कोरोना केसों में 15 दून से,प्रदेश में 1692

उत्तराखंड में कोरोना के 37 नए मामले, दो संक्रमित मरीजों की मौत
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को कोरोना के 37 नए मामले सामने आए हैं, जबकि नौ लोग पूरी तरह से स्वस्थ हुए हैं। इसके साथ ही सात मरीज राज्य से बाहर गए हैं। वहीं, एम्स में भर्ती दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। इनमें 25 वर्षीय युवती पेनक्रियाज का उपचार कराने सोमवार को एम्स आई थी और उसकी कोरोना जांच पॉजिटिव आई। वहीं, 56 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज 25 मई को अपने परिवार के साथ मुंबई से लौटे थे। उधर, देहरादून जिले के बालावाला स्थित क्वारंटाइन सेंटर में मध्यप्रदेश से लौटे एक युवक ने फांसी लगा ली। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
उत्तराखंड में मैदान से लेकर पहाड़ तक रोजाना कई लोग संक्रमित मिल रहे हैं। शुक्रवार को भी प्रदेश में 37 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें 15 देहरादून, छह हरिद्वार, सात रुद्रप्रयाग, पांच ऊधमसिंहनगर, तीन चमोली और एक टिहरी गढ़वाल से शामिल है। अब प्रदेशभर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1692 हो गया है, जिनमें से 895 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 771 केस एक्टिव हैं। वहीं, 19 कोरोना पॉजिटिव लोगों की मौत हो गई है। अबतक सबसे ज्यादा 447 मामले देहरादून जिले में सामने आए हैं, जिसके बाद नैनीताल में 334 केस हैं।

कोरोना संक्रमित युवती और बुजुर्ग की मौत

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में एक और कोविड पॉजिटिव युवती की मौत हो गई। एम्स प्रशासन के मुताबिक गोविंदपुरम गाजियाबाद(उत्तरप्रदेश) से 25 वर्षीय युवती पेनक्रियाज का उपचार कराने सोमवार को एम्स आई थी। यहां मरीज का सैंपल लिया गया। गुरुवार को इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई,जिसके बाद उसे कोविड वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया गया,जहां उनकी मौत हो गई। पति सीमा डेंटल कॉलेज में क्वारंटाइन है। 56 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज की भी मौत हो गई। पांच जून को इनकी देखरेख कर रही बेटी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। मुंबई में चालक यह जन मूलरूप से लखवाड़ घनसाली टिहरी गढ़वाल निवासी है। 25 मई को वो अपनी पत्नी,बेटी और मां के साथ मुंबई से लौटे थे।
इन सभी को मुनिकीरेती के तपोवन स्थित एक होटल में क्वारंटाइन किया गया था। 28 मई को इनको सांस लेने में तकलीफ और कफ की शिकायत हुई थी। एक जून को उन्हें एम्स की ओपीडी में लाया गया। इकोविड सैंपल भी लिया गया,जिसके बाद इन्हें एम्स में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया। इनकी कोविड रिपोर्ट में कुछ भी साफ नहीं हुआ। चार जून को इनका फिर सैंपल जांच को भेजा गया। छह जून को इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद इन्हें आइसीयू में भर्ती कर दिया गया। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरिश मोहन थपलियाल ने बताया कि इन्हें फेफड़ों के साथ हार्ट की भी समस्या हुई। हालत निरंतर बिगड़ती गई। गुरुवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया। एम्स की ओर से प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।

क्वारंटाइन सेंटर में युवक ने लगाई फांसी

देहरादून के बालावाला स्थित सरदार भगवान दास मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर मेें 19 वर्षीय युवक ने फांसी लगा आत्महत्या कर ली। रायपुर थाने के एसओ अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि रात को मध्यप्रदेश के जबलपुर से लौटा युवक हरिद्वार के ज्वालापुर का रहने वाला था। शुक्रवार सुबह हॉस्टल से सूचना मिली कि युवक ने फांसी लगा ली है। जांच की जा रही है। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

रुद्रप्रयाग में सात लोगों में कोरोना की पुष्टि

रुद्रप्रयाग में सात लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है,जिनमें चार दिल्ली और तीन महाराष्ट्र से वापस लौटे हैं। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 42 हो गई है। सभी संस्थागत क्वारंटाइन थे। सभी को आइसोलेशन वॉर्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।

हरिद्वार में कोरोना के पांच नए मामले

हरिद्वार जिले के रुड़की और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को कोरोना वायरस के पांच नए मामले सामने आए हैं। इनमें रामनगर, मिलाप नगर, चावमंडी के अलावा भगवानपुर और लंढौरा में कोरोना वायरस का एक-एक मामला है।
Covid-19: उत्तराखंड के एक मेडिकल कॉलेज में कोरोना जांच का काम हुआ बंद
कुमाऊं में कोरोना सैंपल की जांच का काम बंद हो गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी की वायरोलॉजी लैब में संक्रमण की आशंका बताई गई है।
जिस कारण कोरोना सैंपल जांच की सही रिपोर्ट मिलने में परेशानी आ रही है। इस समस्या को देखते हुए गुरुवार दोपहर से कोरोना सैंपलों की जांच का काम प्रयोगशाला में बंद कर दिया गया है।
इस परेशानी के कारण कुमाऊं के पांच जिलों से आए 918 कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की जांच रुक गई है। अब इन संदिग्धों की जांच रिपोर्ट जारी होने में दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है।
मेडिकल कॉलेज ने सभी जिलों के सीएमओ को पत्र भेजकर कोरोना संदिग्धों के सैंपल न भेजने को कहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि वायरोलॉजी प्रयोगशाला में संक्रमण की आशंका हमेशा बनी रहती है।
लगातार तीन महीने से यहां काम चल रहा है। सैंपल जांच कर रही पीसीआर मशीन की रीडिंग ठीक नहीं आ रही। जिससे रिपोर्ट प्रभावित हो सकती है।
इसे देखते हुए प्रयोगशाला में फिल्हाल कोरोना सैंपल जांच का काम अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। कोशिश है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान कर जांच दोबारा शुरू करवाई जाए।

जांच को देहरादून भेजे जा सकते हैं सैंपल
कुमाऊं के कोरोना मरीजों के सैंपल जांच के लिए देहरादून भेजे जा सकते हैं। प्राचार्य डॉक्टर सीपी भैसोड़ा ने बताया कि सैंपल पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यदि ज्यादा परेशानी पेश आई तो जांच के लिए देहरादून भी भेजा जा सकता है।
मरीजों के लिए खतरा बढ़ा
कोरोना मरीजों की रिपोर्ट जारी होने पर पहले ही तीन दिन का समय लग रहा था। यदि जल्द रिपोर्ट जारी न हुई तो यह समय बढ़कर पांच से छह दिन का हो सकता है।
ऐसे में संदिग्ध कोरोना के मरीजों के लिए खतरा भी बढ़ जाएगा। मेडिकल कॉलेज में रोज औसतन 200 कोरोना सैँपल जांच हो रही थी। ऊधमसिंहनगर जिले की जांच पर इससे कोई असर नहीं पड़ेगा। जिले से पहले ही संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे जा रहे थे।

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