उन्नत भारत अभियान को आईआईटी रुड़की में’आदर्श ग्राम/स्मार्ट विलेज योजना’वैबिनार शुरू

उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत आई आई टी रुड़की में ‘आदर्श ग्राम/स्मार्ट विलेज के लिए योजना’ विषय पर चार दिवसीय वेबिनार की शुरुआत
रुड़की, 18 जुलाई 2020: उन्नत भारत अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत रीजनल कोऑर्डिनेटिंग इंस्टिट्यूट- आई आई टी रुड़की एवं राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज संस्थान गुवाहाटी द्वारा संयुक्त रूप से “प्रिपरेशन ऑफ़ मॉडल विलेज/स्मार्ट विलेज प्लान” यानी ‘आदर्श ग्राम/स्मार्ट विलेज योजना की तैयारी’ विषय पर चार दिवसीय वेबिनार की शुरुआत हुई. उक्त वेबिनार 18-19 जुलाई एवं 25-26 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है. चार दिवसीय वेबिनार के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज संस्थान गुवाहाटी के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को आदर्श ग्राम की प्लानिंग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी. वेबिनार के आयोजक क्षेत्रीय समन्वय संस्थान- आई आई टी रुड़की के रीजनल कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर आशीष पाण्डेय ने उक्त वेबिनार के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज की अवधारणा के अनुरूप गांवों का समग्र विकास करके उन्हें न सिर्फ आदर्श व स्मार्ट गांव बनाया जा सकता है बल्कि इससे आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को यथार्थ में परिवर्तित किया जा सकता है.
उक्त वेबिनार की शुरुआत करते हुए आई आई टी रुड़की के उप निदेशक प्रोफेसर एम परिदा ने बताया कि उन्नत भारत अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा आई आई टी रुड़की के अंतर्गत दो गांवों बेलड़ी व छारबा के विकास हेतु स्थानिक प्लानिंग तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए आई आई टी रुड़की के आर्कीटेक्चर एंड प्लानिंग विभाग से प्रोफेसर उत्तम कुमार एवं प्रोफेसर शुभजीत के नेतृत्व में कार्ययोजना तैयार किये जाने का निर्णय लिया गया है. उन्नत भारत अभियान कार्यक्रम से जुड़े विद्यार्थियों की टीम द्वारा कार्ययोजना को क्रियान्वित किये जाने की दिशा में काम शुरू किया जायेगा.
वेबिनार के उद्घाटन सत्र को आई ए एस अधिकारी जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की सुश्री नमामि बंसल ने भी सम्बोधित किया. उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि गांवों में मूलभूत सुविधाओं के आभाव में ही युवा ग्रामीण शहरों की तरफ पलायन को मजबूर होते हैं. यदि गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास हो जाये तो न सिर्फ इन युवाओं का पलायन रुकेगा बल्कि गांव में खुशहाली व आत्मनिर्भरत भी बढ़ेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके कार्यक्षेत्र में आने वाले बेलड़ी गांव के विकास में आई आई टी रुड़की व पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा जो भी योजनाएं बनाई जाएँगी उनके क्रियान्वयन में स्थानीय प्रशासन के स्तर पर हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी.
देश के 6 लाख 64 हजार 369 गांवों में निवास करने वाले 83 करोड़ लोगों के जीवन में आमूल-चूल परिवर्तन के बिना देश का समग्र विकास कैसे संभव होगा! इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर उन्नत भारत अभियान कार्यक्रम निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है.भारत सरकार समग्र ग्रामीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है,इसीलिए अब गांवों के विकास की प्लानिंग का खाका बनाने का काम ऊपर से नहीं बल्कि गांवों से शुरू होगा,जिसमें ग्रामीणों की राय को महत्त्व देते हुए योजनाएं तैयार की जाएँगी.ये बातें राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर एम पंत ने उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए कहीं. राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज संस्थान गुवाहाटी से प्रोफेसर एम. के. श्रीवास्तव ने आगामी चार दिनों में वेबिनार के तकनीकी सत्रों के अन्तर्गत प्रस्तुत की जाने वाली विषय वस्तु पर संक्षेप में प्रकाश डाला.

उद्घाटन सत्र के अंत में क्षेत्रीय समन्वय संस्थान- आई आई टी रुड़की के रीजनल कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर आशीष पाण्डेय ने सभी वक्ताओं व प्रतिभागियों का आभार ज्ञापित किया. उक्त वेबिनार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड सहित उन्नत भारत अभियान कार्यक्रम के पार्टिसिपेटिंग इंस्टीटूट्स के समन्वयकों, सरपंचों, किसानों, जागरूक ग्रामीणों ने ऑनलाइन प्रतिभाग किया. वेबिनार में कुल 63 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया.

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