29 साल बाद अयोध्या पहुंच मोदी बने रामलला दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री

आज राम काज का दिन है LIVE:29 साल बाद अयोध्या पहुंचे मोदी रामलला के दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने, साष्टांग प्रणाम किया;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला को साष्टांग प्रणाम किया।
राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए अयोध्या सील, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर में 3 घंटे रुकेंगे
प्रधानमंत्री मोदी शिला पूजन कर रहे, इससे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए
आज राम काज का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इससे पहले उन्होंने हनुमान गढ़ी में पूजा की। वे रामलला के दर्शन और हनुमान गढ़ी जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। दोपहर 12:30 बजे मोदी राम मंदिर की नींव रखेंगे। मोदी, जिनकी पार्टी भाजपा ने 10 में से 8 लोकसभा चुनाव में यही वादा दोहराया था।…और सबसे खूबसूरत बात यह कि इसका सबसे पहला न्योता उन इकबाल अंसारी को भेजा गया, जो बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे थे।

492 साल पहले बाबर के कहने पर अयोध्या में विवादित ढांचा बना था। 1885 में पहली बार यह मामला अदालत में गया। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके ठीक नौ महीने बाद अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है।

आजादी के बाद मोदी इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जो इस पद पर रहते हुए रामलला के दरबार में होंगे। उनसे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी और खुद नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री अयोध्या पहुंचे, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं कर पाए थे।

मोदी 29 साल बाद अयोध्या में

इससे पहले मोदी 1991 में अयोध्या गए थे। तब भाजपा अध्यक्ष रहे मुरली मनोहर जोशी तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे और यात्रा में मोदी उनके साथ रहते थे। मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त फैजाबाद-अंबेडकर नगर में एक रैली को सं‍बोधित किया था, लेकिन अयोध्या नहीं गए थे।

रामलला को माथा टेकते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हनुमान गढ़ी में पूजा-आरती की।

प्रधानमंत्री मोदी ने हनुमान गढ़ी में दर्शन किए।

अयोध्या पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का हेलिपेड पर सीएम योगी ने अभिवादन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से अयोध्या रवाना होते हुए।

पूजा स्थल पर बाबा रामदेव और साधु-संतों का अभिवादन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
प्रधानमंत्री ने रामलला के दर्शन किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमान गढ़ी पहुंच गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11:30 बजे अयोध्या पहुंचे।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शिलान्यास स्थल पहुंचे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी शिलान्यास स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने ट्वीट करके बताया कि उन्हें राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह निर्देश दिया है। पहले उन्होंने कहा था कि वे शिलान्यास के दौरान सरयू तट पर रहेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विमान से लखनऊ पहुंचे। वे यहां से हेलिकॉप्टर से अयोध्या के लिए रवाना हुए।
मोदी सबसे पहले हनुमान गढ़ी जाएंगे। इसको लेकर पूरे मंदिर को सैनिटाइज किया गया। मंदिर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अयोध्या पहुंचे बाबा रामदेव ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है। आज का दिन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। मुझे राम मंदिर निर्माण को लेकर पूरा भरोसा था। देश में रामराज्य की स्थापना होगी।
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भारत के संविधान में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण का स्केच शेयर किया। स्केच में राम को लंका विजय के बाद अयोध्या लौटते हुए दिखाया गया है।

हनुमान गढ़ी के मुख्य पुजारी प्रेमदास जी महाराज ने कहा कि आज गर्व का क्षण है। हम प्रधानमंत्री मोदी को पगड़ी और रामनामी पटका पहनाकर सम्मान करेंगे। उन्हें चांदी का सिक्का भी दिया जाएगा।

भारतीय समुदाय ने वॉशिंगटन स्थित कैपिटॉल हॉल के सामने राम मंदिर शिलान्यास को लेकर रैली निकाली।
मंच पर सिर्फ 5 लोग

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में भूमिपूजन के लिए एक मंच बनाया गया है। इस पर सिर्फ पांच लोग प्रधानमंत्री मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मौजूद रहेंगे।

इनके अलावा, बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी, समाजसेवी और पद्मश्री मोहम्मद शरीफ, कोठारी बंधु की बहन पूर्णिमा कोठारी भूमि पूजन में शामिल होंगी।

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में यह होंगे निर्माण।
175 मेहमानों में 135 संत, सभी को श्रीराम दरबार का रजत सिक्का दिया जाएगा
कोरोना की वजह से भूमि पूजन समारोह में सिर्फ 175 लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें देश की कुल 36 आध्यात्मिक परंपराओं के 135 संत शामिल हैं। बाकी कारसेवकों के परिवार और अन्य लोगों को निमंत्रण दिया गया है। भूमि पूजन में शामिल होने वाले हर अतिथि को श्रीराम दरबार का रजत सिक्का दिया जाएगा। सिक्का मंदिर ट्रस्ट देगा।
आडवाणी, जोशी, राजनाथ कार्यक्रम में शामिल नहीं

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भूमि पूजन में शामिल नहीं हो रहे हैं। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। उमा भारती अयोध्या पहुंची हैं। आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन की अगुआई की थी और रथ यात्रा निकाली थी। मुरली मनोहर और उमा भी इस आंदोलन के प्रमुख नेता थे।
गृह मंत्री अमित शाह कोरोना पॉजिटिव हैं, इसलिए वे भी अयोध्या नहीं पहुंचेंगे। उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने अयोध्या आने का कार्यक्रम कोरोना के चलते रद्द कर दिया है। जब बाबरी ढांचा गिराया गया था, तब कल्याण सिंह ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
योग गुरु बाबा रामदेव, रामभद्राचार्य, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, मथुरा से मूलक-पीठ के राजेंद्र देवाचार्य, कांची मठ के गोविंद देवा गिरि महाराज, रेवसा डौंडिया के राघवाचार्य, चिदानंद मुनि, सुधीर दहिया अयोध्या पहुंच चुके हैं।

साकेत महाविद्यालय से राम जन्मभूमि तक सड़क को फूलों से सजाया गया है।
अयोध्या को थाइलैंड से आए ऑर्किड और बेंगलुरु के अपराजिता फूलों से सजाया
अयोध्या को 400 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। थाईलैंड से ऑर्किड तो बेंगलुरु से अपराजिता के फूल मंगाए गए हैं। वहीं, नारंगी और लाल रंग के डबल टोन्ड गेंदा के फूल कोलकाता से आए हैं। भूमि पूजन स्थल और आसपास के मंदिरों को इनसे सजाया गया है। इसके अलावा, साकेत पीजी कॉलेज से नया घाट तक 50 से ज्यादा स्थानों पर रंगोली बनाने में फूलों का इस्तेमाल किया गया है।

दो करोड़ से ज्यादा लड्डू के पैकेट बांटे जाएंगे
भूमि पूजन के बाद प्रसाद के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 1.11 लाख लड्डू बनाए गए हैं। इसके अलावा पटना के महावीर ट्रस्ट ने एक करोड़ रामलड्डू पैकेट बनवाए हैं। इनके अलावा, सांसद लल्लू सिंह ने साढ़े तीन लाख लड्डुओं के पैकेट बनवाए हैं।
राम मंदिर भूमि पूजन के मौके पर शहर में भगवा ध्वज लगाए गए।
दो हजार से ज्यादा स्थानों से मिट्टी और जल पहुंचा
भूमि पूजन के लिए देश के 2 हजार से ज्यादा प्रमुख तीर्थस्थलों, राष्ट्रीय महत्व के स्थानों और पवित्र नदियों से पवित्र मिट्टी और जल अयोध्या पहुंच चुका है। बद्रीनाथ धाम, छत्रपति शिवाजी महाराज के किले रायगढ़, श्री रंगनाथ स्वामी मन्दिर तमिलनाडु, श्री महाकालेश्वर मंदिर, हुतात्मा चंद्रशेखर आजाद और बलिदानी बिरसा मुंडा की जन्मभूमि सहित सभी तीर्थों और बलिदानी वीरों के प्रेरणा स्थलों से मिट्टी, जल और अन्य वस्तुएं अयोध्या पहुंची हैं। इसके अलावा करीब एक क्विंटल चांदी की ईंटें भी राम मंदिर की नींव में इस्तेमाल करने के लिए दान दी गई हैं।
अयोध्या शहर में तैनात फोर्स।
अयोध्या में स्नाइपर्स की तैनाती
अयोध्या में स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं। तीन सुरक्षा घेरे में 3500 पुलिसकर्मी, 40 कंपनी पीएसी, 10 कंपनी सीआरपीएफ लगाई गई है। कोरोना संक्रमण के चलते सुरक्षा व्यवस्था में 45 साल से कम उम्र के सुरक्षाकर्मी ही तैनात किए गए हैं। शहर की सीमाएं सील कर दी गई हैं।

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