शनिवार रिकार्ड 501नये कोरोना केसों में 172 हरिद्वार से,प्रदेश का आंकड़ा पहुंचा 9402

उत्तराखंड में कोरोना के रिकॉर्ड 501 नए मामले, पांच संक्रमितों की मौत
देहरादून,आठ अगस्त। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को कोरोना के रिकॉर्ड 501 नए मामले सामने आए हैं,जिनमें सबसे अधिक 172 मामले हरिद्वार से हैं। इसके अलावा 171 ऊधमसिंहनगर, 85 नैनीताल, 38 देहरादून, दस बागेश्वर, नौ पौड़ी गढ़वाल, पांच उत्तरकाशी, चार टिहरी गढ़वाल, दो रुद्रप्रयाग, तीन पिथौरागढ़ और एक-एक मामले चमोली और चंपावत में सामने आए हैं। 232 मरीज पूरी तरह से ठीक हुए हैं, पांच संक्रमितों की मौत हुई है। प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 9402 हो गई है। हालांकि, इनमें से 5963 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। वर्तमान में 3283 मामले एक्टिव हैं, जबकि 117 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 39 मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं।

दून अस्पताल में तीन की मौत

दून मेडिकल कालेज अस्पताल में कोरोना संक्रमित तीन और लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार देहरादून के ठाकुरपुर प्रेम नगर निवासी 62 वर्षीय महिला को परिजनों ने 5 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला की हालत लगातार गंभीर होती चली गयी और शुक्रवार देर रात उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं विकासनगर निवासी 37 वर्षीय युवक को परिजनों ने 6 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया था। उसकी भी देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। इसी तरह भाऊवाला निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति की शनिवार सुबह मौत हो गई।

एम्स में 24 घंटों में छह की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स संस्थान में पिछले 24 घंटे में हुई कोरोना सैंपल जांच में छह लोगों की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव पाई गई है, जिनमें एक स्थानीय व्यक्ति भी शामिल है।

कोटद्वार में चिकित्‍सक के परिवार के तीन सदस्‍यों में कोरोना संक्रमण

पौड़ी जिले के कोटद्वार बेस चिकित्सालय में तैनात कोरोना संक्रमित एक चिकित्सक के परिवार के तीन सदस्यों में भी संक्रमण पाया गया है। बेस चिकित्सालय के आकस्मिक वार्ड में तैनात चिकित्सक में 3 अगस्त को कोरॉना संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

उत्‍तराखंड में चिंता के बीच संतोष,304 और मरीज हुए स्वस्थ

उत्तराखंड में कोरोना की रफ्तार थम नहीं रही है। चिंताजनक यह कि संक्रमितों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। शुक्रवार को भी राज्य में 278 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह कि रिकवरी की रफ्तार भी अब बढ़ने लगी है। शुक्रवार को भी विभिन्न अस्पतालों व कोविड-केयर सेंटर से 304 मरीज स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हुए हैं। बता दें,अब तक प्रदेश में 8901 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिनमें से अब तक 5731 (64 फीसद) ठीक हो गए हैं। जबकि 3018 एक्टिव केस हैं। कोरोना संक्रमित 38 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं,जबकि 114 की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को 7686 सैंपलों की जांच रिपोर्ट मिली है। जिनमें 7408 मामलों में रिपोर्ट निगेटिव और 278 की पॉजिटिव आई है। ऊधमसिंहनगर में सबसे अधिक 85 मामले मिले हैं। इनमें 48 पूर्व में संक्रमित मिले मरीजों के संपर्क में आए लोग हैं। एक गर्भवती महिला भी कोरोना की चपेट में आई है। जबकि अन्य लोग नोएडा,दिल्ली,बरेली,वाराणसी आदि शहरों से लौटे हैं।
हरिद्वार में भी 73 लोग संक्रमित मिले हैं। जिनमें 33 संक्रमितों के संपर्क में आए लोग हैं। 40 की ट्रेवल हिस्ट्री अभी पता नहीं चल पाई है। नैनीताल में भी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए 34 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं। पौड़ी में 25 और लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें 17 संक्रमितों के संपर्क मे आए हैं। देहरादून में 21 लोग संक्रमित मिले हैं। टिहरी में 16 लोग पॉजिटिव मिले हैं जिनकी ट्रेवल हिस्ट्री पता नहीं की जा रही है।
चंपावत में एसएसबी के पांच जवानों समेत सात लोग संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ व उत्तरकाशी में छह-छह, रुद्रप्रयाग में चार और चमोली में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला है। इधर,शुक्रवार को जिन 304 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है उनमें 143 हरिद्वार,93 देहरादून,21 उत्तरकाशी,18 नैनीताल,8 ऊधमसिंहनगर,6 रुद्रप्रयाग,5 पिथौरागढ़,5 पौड़ी,3 चमोली व 2 टिहरी से हैं।

दून में एक दारोगा और सेना के जवान समेत 21 नए संक्रमित

देहरादून में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थम नहीं रही है। शुक्रवार को भी जिले में 21 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिनमें पुलिस के एक दारोगा और सेना के एक जवान भी संक्रमित पाए गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला के अनुसार जिन 21 व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है,उनमें 14 एम्स ऋषिकेश से हैं। वहीं,दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहले से भर्ती पांच मरीजों में भी कोरोना संक्रमण पाया गया है। इसके अलावा पुलिस के एक दारोगा की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उनके संपर्क में हाल-फिलहाल कितने लोग आए हैं,उसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

दून अस्पताल में प्लाज्मा थैरेपी से संक्रमितों के इलाज को सैद्धांतिक सहमति

दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भी जल्द ही कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज प्लाज्मा थैरेपी से किया जाएगा। आइसीएमआर ने इसकी सैद्धांतिक सहमति दे दी हैं। कॉलेज प्रबंधन ने कोरोना से जंग जीत चुके लोगों से प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की है। दुनियाभर के शोधकर्ताओं ने प्लाज्मा थैरेपी को कोरोना के इलाज के लिए उपयोगी बताया है। भारत में भी कई राज्य इस पर काम कर रहे हैं। जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। उत्तराखंड में भी एम्स ऋषिकेश व हल्द्वानी मेडकिल कॉलेज में प्लाज्मा थैरेपी शुरू की जा चुकी है। एम्स ऋषिकेश में अब तक तीन मरीजों को प्लाज्मा थैरेपी दी गई है।
वहीं हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी से दो लोग स्वस्थ हुए हैं। अब दून मेडिकल कॉलेज में इसकी शुरुआत की जा रही है। प्राचार्य डॉक्टर आशुतोष सयाना ने बताया कि एफेरेसिस मशीन (रक्त से प्लाज्मा अलग करने वाली मशीन) इंस्टाल कर दी गई है। एक टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया है। सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। लिखित अनुमति भी एकाध दिन में आ जाएगी.
कोरोना से जंग जीत चुके लोगों से अपील की गई है कि वह गंभीर मरीजों के लिए प्लाज्मा डोनेट करें। उन मरीजों को डोनेशन के लिए बुलाया जाएगा जिन्हें 20 दिन से ज्यादा का वक्त हो चुका है। उनकी तमाम जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना से रिकवर होने के बाद व्यक्ति के शरीर में एंडीबॉडी बन जाती हैं। प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी के असर से मरीज के शरीर में मौजूद वायरस कमजोर होने लगता है। जिससे मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

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