बुधवार 279 नये कोरोना केसों में 81 ऊधमसिंह नगर,74 हरिद्वार से,प्रदेश में संख्या हुई 6866

उत्तराखंड में कोरोना के 279 नए मामले,6866 हुई संक्रमितों की संख्या
देहरादून,। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। बुधवार को 279 नए मामले सामने आए हैं,जिसमें सबसे ज्यादा 81 मामले ऊधमसिंहनगर में सामने आए हैं। इसके अलावा 74 मामले हरिद्वार,50 देहरादून,26 पिथौरागढ़,20 नैनीताल,18 अल्मोड़ा,पांच उत्तरकाशी,तीन पौड़ी,एक-एक मामले चंपावत और टिहरी गढ़वाल में सामने आए हैं। दो संक्रमितों की मौत हुई है। वहीं,91 लोग ठीक हुए हैं। प्रदेश में अब संक्रमित मरीजों की संख्या 6866 हो गई है,जिनमें से 3811 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए हैं। वर्तमान में राज्य में 2945 मामले एक्टिव हैं,जबकि 72 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सरकार का पक्ष है कि मृतक अन्इय संघातक बीमारियों से भी ग्रसित थे। इसके अलावा 38 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं।

दून अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित 64 वर्षीय महिला की मौत हो गई। खुड़बुड़ा मोहल्ला निवासी महिला को 28 जुलाई को अस्पताल में भर्ती किया गया था। बुधवार को उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सा उपाधीक्षक डॉक्टर एनएस खत्री ने बताया कि मृतका को कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार परिजनों की मौजूदगी में पुलिस-प्रशासन द्वारा सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

एम्स में कोरोना संक्रमित मरीज की मौत

एम्स ऋषिकेश में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई है। एम्स प्रशासन के मुताबिक भोगपुर रानीपोखरी देहरादून निवासी 50 वर्षीय इस मरीज को 21 जुलाई के दिन एम्स में भर्ती कराया गया था। वो किडनी और हाइपरटेंशन समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित था। इससे पहले 15 जुलाई को बुखार और अन्य तकलीफ के कारण उसे हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती किया गया था, जहां उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। ज्यादा हालत बिगड़ने पर मरीज को 21 जुलाई को एम्स में भर्ती किया गया। मंगलवार की देर रात उसकी मौत हो गई। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया है.बुधवार को दो संक्रमित मरीजों की मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, बुधवार को एम्स ऋषिकेश में कोरोना संक्रमित 50 वर्षीय व्यक्ति और हल्द्वानी मेडिकल कालेज में 23 वर्षीय युवती की मौत हुई है। आज आई जांच रिपोर्ट में 4330 सैंपल निगेटिव मिले हैं।
ऊधमसिंह नगर जिले में 81 संक्रमित मामले मिले हैं। इनमें 80 लोग संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से कोरोना की चपेट में आए हैं और एक संक्रमित की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। हरिद्वार जिले में 74 संक्रमित मिले हैं। इनमें 32 संक्रमित संपर्क और 42 की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
देहरादून जिले में 50 संक्रमितों में 30 संपर्क में आए और 20 की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। पिथौरागढ़ जिले में 26 कोरोना संक्रमित मिले है। इनमें 13 संक्रमित निजी अस्पताल में भर्ती मरीज, नौ लोग संपर्क और चार की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। नैनीताल जिले में 20 संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। अल्मोड़ा जिले में 18 संक्रमितों में सात संपर्क और 11 की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
उत्तरकाशी जिले में पांच संक्रमितों में एक पश्चिम बंगाल और चार संपर्क में आए हैं। पौड़ी जिले में तीन संक्रमितों में दो बिहार, तीसरा जालंधर से आया है। चंपावत और टिहरी जिले में एक-एक कोरोना संक्रमित मिला है।

बता दें कि प्रदेश में अब तक 72 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। वहीं, आज 91 संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया है। प्रदेश में 3811 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि सक्रिय मामलों की संख्या 3000 पार करने वाली है।

आज मिले संक्रमित मामले
जिला संक्रमित
ऊधमसिंह नगर 81
हरिद्वार 74
देहरादून 50
पिथौरागढ़ 26
नैनीताल 20
अल्मोड़ा 18
उत्तरकाशी 05
पौड़ी 03
चंपावत 01
टिहरी 01

पिथौरागढ़ में अस्पताल का स्टाफ और मरीज संक्रमित

एक निजी अस्पताल में 13 केस पॉजिटिव मिले है। इनमें अस्पताल के कर्मचारी और भर्ती रोगी है। इस अस्पताल में कुछ दिन पूर्व संक्रमित के संपर्क में आया एक रोगी भर्ती था। अस्पताल को सील कर स्टाफ सहित 25 लोगों को आइसोलेट किया गया है।

जेल में बंदियों को भी पिलाया जाएगा काढ़ा

जिला कारागार में अब न केवल तमाम एहतियात बरती जा रही है, बल्कि बंदियों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए उन्हें काढ़ा पीने को दिया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला की पहल पर आयुष विभाग इसे उपलब्ध कराएगा।
जिला कारागार में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी के मद्देनजर बंदियों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्हें आयुष क्वाथ (तुलसी , दालचीनी, सुंठी व कृष्णा मारीच का मिश्रण) और गिलोय घनवटी टेबलेट दी जाएगी। आयुष क्वाथ को काढ़े के रूप में लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। साथ ही गिलोय घनवटी एक-एक टेबलेट सुबह शाम लेने से भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

अब कोविड केयर सेंटर भेजे जाएंगे एसिम्टोमेटिक मरीज

कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ने से दून अस्पताल पर दबाव भी बढ़ रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि इनमें ज्यादातर मरीज एसिम्टोमेटिक यानी बिना लक्षण वाले हैं। ऐसे मरीज खुद तो स्वस्थ होते हैं, मगर दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। इसलिए उन्हें आइसोलेट करना जरूरी होता है। बिना लक्षण वाले मरीजों के कारण अस्पताल पर बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में निर्णय लिया गया है कि बिना लक्षण वाले मरीजों को अब सीधा कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला ने बताया कि अभी तक सभी मरीज दून अस्पताल भेजे जाते थे। वहां से बिना लक्षण वाले मरीज कोविड केयर सेंटर रेफर किए जाते थे। उनका कहना है कि अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए पर्याप्त व्यवस्था रखने की जरूरत है, जिससे उनका यहां इलाज हो सके। इसलिए अब सभी बिना लक्षण वाले मरीज और जिन्हें अन्य कोई बीमारी नहीं होगी, उन्हें सीधे कोविड केयर सेंटर भेजा जाएगा।

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