वसुंधरा बचा रही गहलौत सरकार? भाजपा सहयोगी सांसद का सबूतों का दावा

वसुंधरा पर कांग्रेस की मदद का आरोप :सांसद बेनीवाल का ट्वीट- वसुंधरा बचा रही हैं गहलोत की अल्पमत वाली सरकार, कई कांग्रेस विधायकों को फोन किया, सबूत मेरे पास हैं
गहलोत और वंसुधरा के गठजोड़ को लेकर ट्विटर पर भी बातें की जाने लगी। #गहलोत_वसुंधरा_गठजोड ट्विटर के टॉप ट्रेंड में आ गया।
राजस्थान में भाजपा के सहयोगी दल रालोपा के सांसद हैं बेनीवाल, वसुंधरा विरोधी माने जाते हैं
प्रदेश में सात दिन से चल रही सियासी उठापटक पर अब तक कुछ भी नहीं बोलीं हैं वसुंधरा राजे
राजस्थान में भाजपा के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने वसुंधरा राजे पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि वसुंधरा राजे ने राजस्थान कांग्रेस में उनके करीबी विधायकों से फोन करके उन्हें गहलोत का साथ देने की बात कही है। सीकर व नागौर जिले के एक-एक जाट विधायकों को राजे ने खुद बात करके पायलट से दूरी बनाने को कहा है। इसके पुख्ता प्रमाण हमारे पास हैं!
राजनीतिक जानकार बताते हैं कि बेनीवाल अमित शाह के करीबी हैं। वहीं,वह वसुंधरा राजे के विरोधी माने जाते हैं। इसके अलावा,राजस्थान में सात दिनों से चल रहे सियासी उठापटक पर वसुंधरा राजे ने कोई टिप्पणी नहीं की है। यहां तक की दो बार भाजपा ने जयपुर में बैठक रखी,इसमें भी वसुंधरा नहीं पहुंचीं। इस बीच,अशोक गहलोत और वंसुधरा राजे के गठजोड़ को लेकर ट्विटर पर भी बातें की जाने लगीं। #गहलोत_वसुंधरा_गठजोड ट्विटर के टॉप ट्रेंड में आ गया।

बेनीवाल ने भाजपा से की थी राजनीति शुरु
बेनीवाल अभी राजस्थान के नागौर सीट से सांसद हैं। उन्होंने भाजपा से राजनीति की शुरुआत की थी। 2008 में बेनीवाल पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2013 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। 2018 में उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का गठन किया। वे नागौर के ही बारांगांव के रहने वाले हैं। राजस्थान के जाट समुदाय के वोटर्स में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था।
राजस्थान में राजनीतिक उठापटक अपडेट: पायलट खेमे की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में कल सुनवाई
विधानसभा अध्यक्ष ने बुधवार को सचिन पायलट समेत 19 कांग्रेस विधायकों को नोटिस भेजकर 17 जुलाई तक जवाब देने को कहा है
कांग्रेस का आरोप है कि पायलट खेमा विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुआ, पार्टी व्हिप का पालन नहीं किया
पायलट समेत 18 विधायकों ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर स्पीकर के नोटिस को रद्द करने की मांग की है। अब इस मामले की सुनवाई कल होगी। इस बीच, विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश का ऑडियो लीक होने की चर्चा है। इससे पहले, हाईकोर्ट में गुरुवार को दो बार इस मामले की सुनवाई हुई। पहले सिंगल बेंच ने मामला सुना और फिर पायलट खेमे ने दोबारा संशोधित याचिका पेश की। इसके बाद मामला डबल बेंच को भेज दिया गया है।
इससे पहले कोर्ट में विधानसभा स्पीकर की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना पक्ष रखा। वहीं, बागी विधायकों की दलीलें हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने रखीं। हरीश साल्वे ने कहा कि सदन से बाहर की कार्यवाही के लिए अध्यक्ष नोटिस जारी नहीं कर सकते। नोटिस की संवैधानिक वैधता नहीं है। इस दौरान कोर्ट से दो जजों की बेंच की मांग की गई थी।

स्पीकर ने 17 जुलाई तक जवाब देने को कहा

बुधवार को स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी ने सचिन पायलट समेत 19 कांग्रेस विधायकों को नोटिस भेजकर 17 जुलाई तक जवाब देने को कहा है। चीफ व्हिप महेश जोशी ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत की थी कि ये विधायक पार्टी विधायक दल की बैठक से बिना सूचना दिए गैरहाजिर रहे, जबकि पार्टी ने व्हिप जारी किया था। इन पर एंटी डिफेक्शन लाॅ (दल-बदल कानून) लागू होता है। इसके तहत विधायकों की सदस्यता खत्म किए जाने का प्रावधान है। सचिन पायलट,रमेश मीणा,विश्वेंद्रसिंह,दीपेंद्रसिंह,भंवरलाल शर्मा,हेमाराम चौधरी,मुकेश भाकर,हरीश मीणा समेत 19 विधायकों को नोटिस भेजे गए थे।

कपिल सिब्बल ने पायलट से पूछा- घर वापसी को लेकर क्या ख्याल है

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बुधवार को सचिन पायलट पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट ने कहा कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे। मुझे लगता है कि मानेसर में रुके विधायक हरियाणा की भाजपा सरकार की निगरानी में छुट्टियां मना रहे हैं। लेकिन घर वापसी का क्या?’

‘जादूगर गहलोत जनता को भ्रमित कर रहे’

बुधवार देर रात पायलट खेमे के 2 विधायक मुरारीलाल और रमेश मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हॉर्स ट्रेड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज कर दिया। दोनों ने कहा कि हमारी लड़ाई आत्मसम्मान की है। इनका कहना है कि हम गहलोत के काम से संतुष्ट नहीं हैं।
विधायक मुराली लाल ने कहा, ‘लोग मुख्यमंत्री गहलोत को जादूगर कहते हैं। उन्होंने हम लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। यह इस बात को पुख्ता करता है कि वे वास्तव में असली जादूगर हैं। उनमें भ्रमित करने की क्षमता है। वे जादू से ऐसी चीज दिखा रहे हैं, जो हकीकत में नहीं है। उन्होंने हम पर करप्शन के आरोप लगाए हैं। मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि पिछली बार जब उनकी सरकार थी और बहुजन समाज पार्टी से जब हम कांग्रेस में आए थे,तब हमने उनसे कितने पैसे लिए थे? वे स्पीच देते थे कि इतने ईमानदार लोग,इतने ईमानदार विधायक मैंने जीवन में नहीं देखे।उस समय हम इतने ईमानदार थे और आज भ्रष्ट हो गए? वे हमें डराना चाहते हैं, लेकिन हम डरेंगे नहीं ।’

‘हम मुख्यमंत्री के काम से सहमत नहीं’
विधायक रमेश मीणा ने कहा,’मुख्यमंत्री ने जो स्टेटमेंट दिया है। वह अनुचित है। लोग उनकी कार्यशैली से और उनके कामकाज से असंतुष्ट हैं। राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी हावी है। जनप्रतिनिधियों के काम नहीं हो रहे। हमने जो मांगे रखीं, उन पर मुख्यमंत्री ने ध्यान नहीं दिया।’

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा था- सरकार गिराने में जुटे थे पायलट
बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहली बार सीधा हमला करते हुए गंभीर आरोप लगाए। कहा- ‘पायलट भाजपा के साथ मिलकर सरकार गिराने की साजिश में लगे थे। 20 करोड़ का सौदा था। मेरे पास इसके सबूत भी हैं।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *