गुरुवार शाम 69 नये कोरोना केसों में 28 नैनीताल से, प्रदेश में 2691

उत्‍तराखंड में गुरुवार को आए 69 नए मामले, 37 मरीज हुए स्‍वस्‍‍थ
देहरादून,। उत्तराखंड में कोरोना की रफ्तार थम नहीं रही है। ताजा रिपोर्ट में प्रदेश में गुरुवार को रात नौ बजे तक 69 नए मामले मिले हैं, जबकि 37 मरीज स्‍वस्‍थ हो गए। अब तक प्रदेश में 2691 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें 1758 ठीक भी हो चुके हैं। अलग-अलग अस्पतालों व कोविड केयर सेंटरों में 881 मरीज अभी भर्ती हैं। कोरोना पॉजिटिव 17 लोग राज्य से बाहर चले गए हैं। चिंता की बात यह कि अब तक कोरोना संक्रमित 35 मरीजों की मौत हो चुकी है।
Coronavirus: उत्तराखंड में गुरुवार को सामने आए 69 कोरोना संक्रमित, 2691 हुई मरीजों की संख्या
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गुरुवार को प्रदेश में 69 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2691 पहुंच गई है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, अल्मोड़ा में दो, ऊधमसिंह नगर में 11, देहरादून में आठ, हरिद्वार में 10, पौड़ी में दो, नैनीताल में 28, उत्तरकाशी में एक, बागेश्वर में छह, टिहरी में एक संक्रमित मामला सामने आया है। ऊधमसिंह नगर में एक स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।
वहीं, प्रदेश में अब तक 1758 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अभी भी 845 एक्टिव केस हैं। जबकि अब तक 36 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है ।

गलत जानकारी देने पर कोरोना पॉजिटिव युवक और भाई के खिलाफ मुकदमा
उत्तरकाशी में संस्थागत क्वारंटीन से बचने के लिए झूठ बोलकर जिले में प्रवेश करने और तथ्य छिपाने को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बीते 23 जून को कोरोना पॉजिटिव पाए गए डुंडा प्रखंड के एक युवक और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही होम क्वारंटीन के शुरूआती पांच दिनों में घर से बाहर आसपास की बस्ती में घूमने के कारण इस पूरी बस्ती को कंटेनमेंट जोन बनाकर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।
बता दें कि बाहरी राज्यों से लौट रहे कई प्रवासी संस्थागत क्वारंटीन से बचने के लिए झूठ बोलने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। जिससे समुदाय में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा मंडराने लगा है। बीते 15 जून को दिल्ली से चलकर देहरादून पहुंचे युवक को लेने के लिए उत्तरकाशी से उसका भाई देहरादून गया। 16 जून की देर रात यह दोनों भाई नगुण चिन्यालीसौड़ पहुंचे। जहां इन्होंने दिल्ली से आने की बात छिपाते हुए देहरादून से लौटने की बात कही। जिस आधार पर इन्हें डुंडा प्रखंड स्थित इनके गांव में 14 दिन तक होम क्वारंटीन किया गया। 21 जून को तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली से लौटे युवक का सैंपल जांच के लिए एम्स भेजा गया। जिसमें 23 जून को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
एसडीएम आकाशी जोशी ने बताया कि युवक की ट्रैवल हिस्ट्री एवं कांटेक्ट हिस्ट्री खंगालने के दौरान पता चला कि उक्त युवक दिल्ली से लौटा था और देहरादून ने आने की गलत जानकारी देकर होम क्वारंटीन में रह रहा था। होम क्वारंटीन के दौरान उसके बस्ती में इधर-उधर घूमने की जानकारी मिली। इस आधार पर उक्त युवक और उसके भाई के खिलाफ तथ्य छिपाकर अन्य लोगों की जान खतरे में डालने एवं क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही गंगोत्री हाईवे पर स्थित इस गांव की बस्ती को कंटेनमेंट जोन बनाकर यहां आवाजाही पूर्णत: प्रतिबंधित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने किया कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में बनाए गए कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोविड को लेकर बेहद सतर्कता बरत रही है, जिससे जल्द स्थितियां नियंत्रण में आ जाएंगी। इस कोविड सेंटर में कोविड-19 के मानकों के अनुसार सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। अभी इस सेंटर में 750 बेड की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस सेंटर की क्षमता को बढ़ाकर चार हजार बेड तक किया जा सकता है।
सेंटर में ठहरने वाले लोगों के लिए सुरक्षात्मक दृष्टि से निशुल्क आवश्यक सामग्री की किट दी जाएगी। दिन में तीन टाइम के भोजन की व्यवस्था की गई है, जिसमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी गई है। आयुष विभाग के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
सेंटर में लोगों को ठहरने के लिए चार फ्लोर की व्यवस्था की गई है। मेडिकल सुविधाओं के साथ ही योगा की सुविधा है। सुबह के समय एक्सपर्ट आनलाइन योगा और ध्यान की क्लास चलाते हैं। सेंटर में सैनिटाइज, थर्मल स्क्रीनिंग, सीसीटीवी कैमरे एवं कोविड के मानकों के हिसाब से अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। फैमिली वार्ड अलग से बनाए गए हैं। सेंटर में मनोरंजन की अनेक सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के लिहाज से राज्य सरकार ने सुरक्षात्मक दृष्टि से हर संभव प्रयास किए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में कोविड के लिहाज से हाईटेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए हैं। शासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं ने भी इसके लिए सहयोग किया है।
कोविड-19 पर नियंत्रण एवं लोगों को रोजगार के अवसर उपलबध कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। प्रदेश में कोरोना पॉजिटव के रिकवरी रेट में वृद्धि हुई है, डबलिंग रेट में भी सुधार आया है। अभी हमारा रिकवरी रेट 65 प्रतिशत एवं डबलिंग रेट 25 दिन है। इस अवसर पर पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, डीजीपी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार, आईजी मेला संजय गुंज्याल, कमांडेंट एसडीआरएफ तृप्ति भट्ट, सीएमओ देहरादून डॉ. वीसी रमोला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहै।
इसके अलावा निजी अस्पताल के दो स्वास्थ्य कर्मचारी, मसूरी रोड स्थित अस्पताल में भर्ती नजीबाबाद निवासी वृद्ध, बुलंदशहर से लौटे एक जन, उपचार के लिए एम्स पहुंचे आगरा निवासी वृद्ध व गुमानीवाला निवासी व्यक्ति सहित सात अन्य लोग भी संक्रमित पाए गए हैं।

पौड़ी में कोरोना के नौ नए मरीज मिले हैं। इनमें दो लोग स्थानीय और अन्य दिल्ली से लौटे हैं। टिहरी में 17 नए मामले आए हैं। इनमें दो की मौत हो चुकी है, जबकि छह मुंबई से लौटे हैं। बाकी लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री अभी पता नहीं लग पाई है।

हरिद्वार में छह केस मिले हैं। बागेश्वर में दिल्ली से लौटे पांच लोग संक्रमित मिले हैं। जबकि चंपावत व पिथौरागढ़ में भी दिल्ली से लौटे एक-एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव है। नैनीताल में सात नए मामले हैं। यह सभी दिल्ली-एनसीआर से लौटे हैं।
इधर, अलग-अलग अस्पतालों से 119 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं। देहरादून से 39, पिथौरागढ़ से 23, हरिद्वार से 16, अल्मोड़ा जिले से 11, नैनीताल से नौ, ऊधमसिंहनगर से पांच और चमोली से दो मरीज ठीक हुए हैं।

देहरादून में तीन, टिहरी में दो मरीजों की मौत

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को इनमें पांच और नए मामले जुड़ गए। इन सभी के सैंपल मरने के बाद लिए गए थे। एक मामला आत्महत्या का और दो सड़क दुघर्टना के हैं। देहरादून जनपद में जिन तीन कोरोना संक्रमितों की मौत का मामला आया है वह सभी एम्स ऋषिकेश से हैं।
पहला मामला 33 वर्षीय रायवाला निवासी व्यक्ति का है जिसने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पोस्टमार्टम से पहले उसका सैंपल लिया गया जिसकी अब रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा तीन दिन पहले ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना में हरिद्वार निवासी दो लोगों की मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम से पूर्व इनका सैंपल लिया गया था। इनमें 17 वर्षीय एक युवक रानीपुर व दूसरा 42 वर्षीय व्यक्ति ज्वालापुर हरिद्वार का निवासी था। टिहरी जिला अस्पताल में 35 वर्षीय महिला और सीएचसी देवप्रयाग में 75 वर्षीय जिस बुजुर्ग की मौत हुई है वह भी कोरोना संक्रमित थे। वह कुछ ही दिन पहले ही वह दिल्ली से वापस लौटे थे।

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