रविवार दोपहर 23 नये कोरोना केसों में टिहरी, रूद्रप्रयाग और चमोली से छह-छह,प्रदेश में हुए 2324

रविवार को दोपहर तक आए कोरोना के 23 नए मामले,36 स्वस्‍थ भी हुए
रविवार दोपहर ढाई बजे तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 23 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद मरीजों की संख्या 2324 तक पहुंच गई है। …

देहरादून,। उत्तराखंड में अब दिल्ली-एनसीआर से लौटने वाले लोग कोरोना का बोझ बढ़ा रहे हैं। मैदान ही नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों से भी रोजाना ऐसे मामले मिल रहे हैं। रविवार दोपहर ढाई बजे तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 23 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद मरीजों की संख्या 2324 तक पहुंच गई है। हालांकि, इनमें से 1486 स्वस्थ भी हो चुके हैं, जबकि 796 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में अलग-अलग अस्पतालों व कोविड केयर सेंटरों में भर्ती हैं। वहीं, कोरोना संक्रमित 27 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा 15 मरीज ऐसे हैं, जो अब राज्य से बाहर जा चुके हैं। आज आए 23 नए मामलों में अल्‍मोड़ा में एक, चमोली में छह, देहरादून में चार, पौड़ी में तीन, रुद्रप्रयाग में छह और टिहरी में छह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

एम्‍स ऋषिकेश कर्मचारी की पत्‍नी और दो बच्‍चों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स) की माइक्रो बायोलॉजी लैब में टेक्नीशियन के पद पर तैनात एक कर्मचारी की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसकी पत्नी और दो बच्चों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। एम्स प्रशासन की ओर से इन तीनों को भी कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। लैब टेक्नीशियन 34 वर्षीय यह व्यक्ति मूल रूप से फरीदाबाद हरियाणा का रहने वाला है। ऋषिकेश में वह सीमा डेंटल कॉलेज के समीप किराये के मकान में रहता है। 18 जून को वह दिल्ली से लौटा था। पूरा परिवार होम क्‍वारंटाइन था। 20 जून को परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच कराई गई थी। लैब टेक्नीशियन की रिपोर्ट शनिवार की रात पॉजिटिव आई थी। अब उसकी 27 वर्षीय पत्नी, आठ वर्षीय पुत्री और पांच वर्षीय पुत्र की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इन सभी में कोरोना के कोई लक्षण नहीं है। एम्स प्रशासन के द्वारा जिला कोविड कंट्रोल अधिकारी को सूचित किया गया है। स्थानीय प्रशासन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम इन सभी लोगों के प्रथम और द्वितीय संपर्क वाले लोगों की पड़ताल करने के बाद ही उनके आवास क्षेत्र को कंटेनमेंट बनाने का निर्णय लेगी।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को अलग-अलग लैब से 1678 सैंपलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 1571 की रिपोर्ट निगेटिव, जबकि 107 केस पॉजिटिव हैं। देहरादून में आइटीबीपी के तीन जवान सहित 17 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आए पांच हिमवीरों की कोरोना जांच कराई गई थी। जिनमें तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव, जबकि दो की निगेटिव आई है। टिहरी पर भी बीमारी का बोझ लगातार बढ़ रहा है। यहां 24 और लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। इनमें तीन स्वास्थ्य कर्मी भी हैं। ऊधमसिंहनगर में दिल्ली, फरीदाबाद, मुंबई व नोएडा से लौटे 12 लोग संक्रमित मिले हैं। इसी तरह उत्तरकाशी में भी कोरोना के 15 नए मामले आए हैं।
ये दिल्ली, हरियाणा व नोएडा से लौटे लोग हैं। अल्मोड़ा में 11 और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यह सभी दिल्ली-एनसीआर से आए हैं। जबकि चमोली में दिल्ली व गुरुग्राम से लौटे सात और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए। हरिद्वार में पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव है। बागेश्वर में दिल्ली, गुरुग्राम व गौतमबुद्धनगर से लौटे पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं नैनीताल में भी दिल्ली से लौटे पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

रुद्रप्रयाग में दिल्ली से लौटे चार लोग संक्रमित मिले हैं। पौड़ी में दो नए मामले हैं। ये लोग पूर्व में संक्रमित पाए गए मरीज के संपर्क में आए थे। इधर, शनिवार को 17 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। जिनमें चार देहरादून, तीन हरिद्वार व 10 ऊधमसिंहनगर से हैं।

एक दिन पहले पॉजिटिव, अब निगेटिव आई स्वास्थ्य कर्मियों की रिपोर्ट

दून में एक दिन पहले जिन 17 स्वास्थ्य कर्मियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी,वह शनिवार शाम को निगेटिव आ गई है। इनमें मुख्यमंत्री के फिजीशियन कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर एनएस बिष्ट भी शामिल हैं। इस रिपोर्ट के बाद महकमे ने जहां राहत की सांस ली है,वहीं कई सवाल भी उठने लगे हैं। कोरोना को लेकर दो लैब की अलग-अलग रिपोर्ट ने नई दुविधा पैदा कर दी है। बहरहाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला का कहना है कि संबंधित स्वास्थ्य कर्मी अब एहतियात बरतकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर सकते हैं।
पंद्रह जून को कुल 33 स्वास्थ्य कर्मियों के सैंपल लिए गए थे। जिन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित लैब में भेजा गया था। शुक्रवार रात इनमें सत्रह की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप मच गया। विभाग की तरफ से शनिवार को दून मेडिकल कॉलेज की लैब में इनकी दोबारा जांच कराई गई। ताच्जुब ये कि सभी सैंपल की रिपोर्ट अब निगेटिव आई है। जिसे लेकर अब तमाम सवाल उठ रहे हैं। या तो चंडीगढ़ स्थित लैब से रिपोर्ट गलत आई या फिर पांच दिन में सभी स्वास्थ्य कर्मी रिकवर हो गए।
क्योंकि हर व्यक्ति में संक्रमण कम ज्यादा होता है और रिकवरी में भी अलग-अलग वक्त लगता है, इसलिए सभी का एकसाथ ठीक हो जाना भी संशय पैदा कर रहा है। यदि चंडीगढ़ स्थित लैब ने जांच या रिपोटिर्ंग के स्तर पर कोई चूक की है, तो यह मामला भी बड़ा है। कारण यह कि इस लैब में अब लगातार सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। यह भी संभव है कि अन्य मामलों में भी इस तरह की गड़बड़ी हुई हो। अगर हुई है तो संभव है कि कोई संक्रमित रिपोर्ट निगेटिव आने पर बाहर घूम रहा होगा और कोई स्वस्थ व्यक्ति अस्पताल में भर्ती।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर बीसी रमोला का कहना है कि हमारे स्वास्थ्य कर्मी पूरी ईमानदारी और एहतियात के साथ अपना काम कर रहे हैं। 17 लोगों के एकसाथ संक्रमित मिलने पर संशय भी था और चिंता भी। अब चिंता और संशय भी, दोनों दूर हो गए हैं। उनका कहना है कि जिस तरह की स्थिति है जिला देहरादून से अब कोई सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ नहीं भेजे जाएंगे।

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