महाराष्ट्र से लौटे पॉज़िटिव युवक के साथ उत्तराखंड में संख्या 92

Corona update UK: महाराष्ट्र से ऋषिकेश पहुंचा युवक मिला कोरोना पॉजिटिव, कुल मरीज हुए 92
देहरादून: उत्तराखंड में आज कोरोना का एक और मामला सामने आया है। हाल ही में महाराष्ट्र से ऋषिकेश लौटा युवक कोरोना संक्रमित पाया गया है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने मरीज में कोरोना की पुष्टि की है। इसके साथ ही अब प्रदेश में मरीजों की संख्या 92 हो गई है। वहीं, कोटद्वार के रिखणीखाल विकासखंड के एक गांव में दिल्ली से आई एक महिला की क्वारंटीन के दौरान मौत हो गई।
युवक की जांच ऋषिकेश एम्स में की गई थी। एम्स प्रशासन के अनुसार, युवक पिछले पांच से छह साल से महाराष्ट्र में एक होटल में करता था। होटल के कई लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह हाल ही में ऋषिकेश वापस लौट आया था। वह तभी से अपने घर में क्वारंटीन था।
शनिवार को वह एम्स में स्क्रीनिंग के लिए आया था। उस दौरान उसमें कुछ लक्षण पाए जाने पर युवक का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। युवक को कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।
जिलेवार कोरोना संक्रमण की स्थिति
जनपद संक्रमित ठीक हुए मरीज
देहरादून 45 28
हरिद्वार 07 07
नैनीताल 14 10
ऊधमसिंह नगर 18 05
उत्तरकाशी 01 –
अल्मोड़ा 02 01
पौड़ी 02 01
हरिद्ववार में सभी सात मरीज हुए ठीक
उत्तराखंड में रेड जोन में शामिल हरिद्वार जिले में कोरोना संक्रमित सभी मरीज ठीक हो गए हैं। मेला अस्पताल से सातवें मरीज को भी ठीक होने के बाद घर भेज दिया गया है। वर्तमान में अब जिले में कोई भी एक्टिव केस नहीं है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर सरोज नैथानी ने बताया कि मेला अस्पताल में भर्ती लक्सर क्षेत्र के व्यक्ति की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे घर भेज दिया गया है। बता दें कि लक्सर के बहादरपुर खादर निवासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर उसे 14 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

रविवार को उसे कोरोना ठीक होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मेला अस्पताल से भर्ती सभी सातों मरीजों के स्वस्थ्य होने पर मुख्य चिकित्साधिकारी समेत अस्पताल प्रशासन ने भी खुशी जताई।
एक हजार सैंपल प्रतिदिन होने पर शुरू होगी पूल सैंपलिंग
बाहरी राज्यों से उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों में कोरोना संक्रमण मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है। शनिवार को पहली बार एक दिन में जांच के लिए 549 सैंपल भेजे गए हैं। वहीं प्रतिदिन सैंपलों की संख्या एक हजार पहुंचने के बाद पूल सैंपलिंग की जाएगी। अभी तक प्रदेश के चारों सरकारी लैब में व्यक्तिगत सैंपल की जांच की जा रही है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। शुरूआत में प्रदेश में लैब की सुविधा न होने के कारण एक सप्ताह में पूरे प्रदेश से मात्र 110 सैंपल की जांच हुई थी। वर्तमान में प्रदेश में एम्स ऋषिकेश के अलावा तीन मेडिकल कॉलेज दून और हल्द्वानी और श्रीनगर में कोरोना सैंपल जांच की सुविधा है।

लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद बाहरी राज्यों से हजारों की संख्या में प्रवासियों के लौटने से संक्रमण के मामले भी बढ़ गए हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सैंपलिंग बढ़ाई गई है। पूरे प्रदेश से प्रतिदिन एक हजार सैंपल होने पर लैब स्वयं ही पूलिंग सैंपल टेस्टिंग करेंगे।

अभी तक चारों लैब की क्षमता 500 सैंपल प्रतिदिन जांचने की है। वर्तमान में व्यक्तिगत सैंपल की जांच की जा रही है।
-युगल किशोर पंत अपर सचिव स्वास्थ्य


कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए आठ क्वारंटीन सेंटर भेजे
गुरुग्राम (हरियाणा) से कोटद्वार लौटे बीरोंखाल ब्लॉक के कोरोना पॉजिटिव युवक की ट्रेवल हिस्ट्री तलाशने के बाद उसके संपर्क में अन्य लोगों को भी ट्रेस कर लिया गया है। रविवार को ऐसे कुल आठ लोग चिन्हित किए गए। इन सभी को क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया है।
इनमें जयहरीखाल ब्लॉक के दो, एकेश्वर ब्लॉक के दो और रिखणीखाल ब्लॉक के चार लोग शामिल हैं। इससे पहले शनिवार को पांच लोग चिन्हित किए गए थे। इस तरह स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन में 13 लोगों को चिह्नित कर फैसिलेटेड क्वारंटीन सेंटर भेजा है।

बता दें कि बीती 13 मई को हरिद्वार से कोटद्वार पहुंची ऋषिकेश डिपो की बस में ड्राइवर कंडक्टर के साथ ही कोरोना पॉजिटिव युवक के अलावा विभिन्न ब्लॉकों के 29 लोग सवार थे। युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन उन सभी की तलाश में जुट गया था। एसडीएम लैंसडौन अपर्णा ढौंडियाल ने कोरोना पॉजिटिव युवक के सीधे संपर्क में आए आठ लोगों को क्वारंटीन सेंटर भेजे जाने की पुष्टि की।
बेंगलूरू में फंसे प्रवासी युवकों ने लगाई मदद की गुहार

लॉकडाउन के कारण बेंगलूरू कर्नाटक में फंसे उत्तरकाशी के करीब एक दर्जन प्रवासी युवकों ने शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। सभी युवक जिले के बधाणगांव,अनोल, हडियाड़ी,कुमराड़ा आदि गांवों के रहने वाले हैं,जो बंगलूरू के एक होटल में काम करते हैं। फंसे हुए युवकों में से एक गोविंद सिंह ने बताया कि घर आने के लिए वह सरकार के जारी पोर्टल में कई बार रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। साथ ही उन्होंने उत्तरकाशी के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मदद की अपील की है,लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। जिससे उत्तरकाशी के 11 युवकों के अलावा उनके साथ रह रहे टिहरी,श्रीनगर व अल्मोड़ा के नौ अन्य लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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