उत्तराखण्ड एसडीआरएफ के एप्प ‘मेरी यात्रा’ का उद्घाटन

देहरादून 25 जनवरी! मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सौजन्य से एसडीआरएफ के  एप्प ‘मेरी यात्रा’ का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि एसडीआरएफ द्वारा आपदा प्रबंधन एवं यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से उत्कृष्ट एप्प बनाया गया है। आज के आईटी युग में लोगों को ऑनलाइन सम्पूर्ण जानकारी की मांग होती है। उन्होंने कहा कि इस एप्प में उत्तराखण्ड के विशिष्ट स्थानों के बारे में भी जानकारी दी जाय। उन्होंने कहा कि यह एप उत्तराखण्ड में पर्यटन क्षेत्रों की जानकारी एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित जानकारियों का अपडेट मिलेगा। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस एप्प के माध्यम से जिस स्थान एवं क्षेत्र के चित्रों को दर्शाया जा रहा है, उस स्थान एवं क्षेत्र का पूरा विवरण दिया जाय। जो प्रमुख मंदिर एवं विशिष्ट चीजें सिर्फ उत्तराखण्ड में हैं, उनको भी इस एप्प में शामिल किया जाए।
कमांडेंट एसडीआरएफ सुश्री तृप्ति भट्ट ने कहा कि इस एप्प में यात्रियों को सूचनाएं एवं सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। एप्प के माध्यम से यात्रियों को अपने निकटवर्ती क्षेत्रों में होम स्टे, प्रमुख स्थलों, आपातकालीन नम्बर, अतिथि गृह, प्रमुख पर्यटक एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस एप्प में कई और फीचर जोड़े जायेंगे। जिससे यात्रियों के लिए और सुगमता हो।
इस अवसर पर विधायक/भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर भगत, आईजी  संजय गुंज्याल, एसडीआरएफ से इंस्पेक्टर  जगदीश चन्द्र पंत, सब इंस्पेक्टर  प्रवीण आलोक, कांस्टेबल  विनीत कुमार आदि उपस्थित थे।

पहाड़ में अब ‘मौत’ के मोड़ से पहले ही बज जाएगी खतरे की घंटी, गूगल ऐसे करेगा आपकी मदद

गूगल मैप
गूगल मैप – फोटो : फाइल फोटो

सार

  • मेरी यात्रा’ एप 400 मीटर पहले बीप से कर देगा सतर्क
  • गूगल मैप पर प्रदेश के 13 जिलों के 673 खतरनाक मोड़ों की जानकारी  अपलोड है

उत्तराखंड में पहाड़ के खतरनाक मोड़ों पर मुसाफिरों के लिए अब ‘मेरी यात्रा’ सुरक्षा कवच बनेगा। गूगल से जुड़ा एप 400 मीटर पहले ही बीप के जरिये आगे खतरे से आगाह कर देगा।

पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते हादसों के मद्देनजर ट्रैफिक निदेशालय और एसडीआरएफ (आपदा प्रतिवादन बल) ने ‘मेरी यात्रा’ एप तैयार किया है। एप सीधे गूगल से जुड़ा होगा, जिसमें प्रदेश के 13 जिलों के करीब 673 अंधे मोड़ों की जानकारी होगी।
ट्रैफिक निदेशालय का मानना है कि देश के दूसरे हिस्सों से चार धाम अथवा दूसरे पर्यटक स्थलाें पर आने वाले लोगों को पहाड़ों के तीव्र मोड़ाें का ज्ञान नहीं होता है। वाहन की तेज स्पीड में होने पर इन खतरनाक मोड़ाें पर हादसों की आशंका रहती है।

किस जिले में कितनी दुर्घटना संभावित स्पॉट्स

जनपद                                     दुर्घटना संभावित स्थलों की संख्या
देहरादून                                       83
उत्तरकाशी                                     28
टिहरी                                          61
पौड़ी                                           50
चमोली                                         63
रुद्रप्रयाग                                        27
हरिद्वार                                          37
नैनीताल                                        54
ऊधम सिंह नगर                                56
अल्मोड़ा                                        68
पिथौरागढ़                                       55
चंपावत                                         24
बागेश्वर                                         67

मोड़ों पर खतरे का कारण

संकरी सड़क, तीव्र मोड़ और एक तरफ खाई
यू टर्न बैंड
गहरी खाई, लेकिन पैराफीट नहीं
खराब और संकरी सड़क
तीव्र डबल मोड़
सड़क पर पड़ा मलबा
घुमावदार और अंधा बैंड
लैंड स्लाइड
पहाड़ी से गिरते पत्थर
चढ़ाई पर उबड़ खाबड़ सड़क
स्लाइडिंग जोन
खड़ी पहाड़ी और तीव्र मोड़‘मेरी यात्रा’ मोबाइल एप तैयार करने के पीछे मंशा देश भर से आने वाले सैलानियाें के साथ होने वाले हादसों के खतरों को कम करना है। एप सीधे गूगल से जुड़ा होगा। गूगल करीब 400 मीटर पहले ही बीप के माध्यम से चालक को खतरनाक मोड़ाें को लेकर सतर्क कर देगा। गूगल पर प्रदेश के करीब 673 दुर्घटना संभावित स्पॉट्स अपलोड कराए जा रहे हैं। 31 जनवरी के बाद एप अस्तित्व में आ जाएगा।
-केवल खुराना, पुलिस उप महानिरीक्षक यातायात

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