सरकारी मर्सिडीज कार से न चल पाएंगे मुलायम, वापस ले रही योगी सरकार

हाल ही में समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव को आलीशान बंगला और लोहिया ट्रस्ट कार्यालय का भवन खाली करना पड़ा था. अब यूपी सरकार उनसे मर्सिडीज कार वापस लेने जा रहा है. उसकी जगह कोई नई कार उन्हें देगी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के राज में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं. पिछले एक हफ्ते में एक के बाद एक उनको 3 बड़े झटके लगे हैं. सरकार की ओर से उन्हें सबसे नया झटका लग्जरी कार को लेकर लगा है क्योंकि राज्य संपत्ति विभाग से उनको मर्सिडीज एसयूवी मिली हुई थी, लेकिन महंगी सर्विस के कारण यह लग्जरी कार अब उनसे दूर हो जाएगी.
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव को राज्य संपत्ति विभाग की ओर से मर्सिडीज एसयूवी मिली हुई थी, लेकिन अब उसमें तकनीकी दिक्कतें आने और महंगी सर्विस के कारण अब यह मर्सिडीज उनसे दूर हो जाएगी. सर्विस स्टेशन में मर्सिडीज को ठीक कराने में 26 लाख रुपये का बजट बन रहा है, जिसको लेकर कार की सर्विस कराने वास्ते राज्य संपत्ति और सुरक्षा शाखा एक दूसरे को पत्र लिख रहे हैं.
सर्विस कराने का बजट नहीं
लेकिन सूत्रों बताते हैं कि इन दोनों विभागों के पास पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की गाड़ी की सर्विस कराने का बजट नहीं है जिसके कारण अब उनकी गाड़ी को बदल दिया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक मुलायम सिंह यादव को अब टोयोटा प्राडो मुहैया करवाई जा सकती है. फिलहाल मुलायम सिंह यादव बीएमडब्ल्यू कार का इस्तेमाल कर रहे हैं.
पहले सरकारी खजाने से रिटर्न भराने पर रोक लगी
इससे पहले पिछले हफ्ते इस खुलासे के बाद कि राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री के अलावा 18 पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के इनकम टैक्स सरकारी खजाने से भरे जाते हैं. साथ ही सरकार करीब 1,000 मंत्रियों का इनकम टैक्स भी जमा करने वाली है. राज्य सरकार ने इस प्रथा पर रोक लगा दी.
राज्य के जिन पूर्व मुख्यमंत्रियों की तरफ से सरकार को इनकम टैक्स जमा करना था उनमें मुलायम सिंह यादव के अलावा नारायण दत्त तिवारी, कल्याण सिंह, मायावती, राजनाथ सिंह, अखिलेश यादव, और योगी आदित्यनाथ के नाम शामिल थे. मुख्यमंत्रियों के इनकम टैक्स को अदा करने का यह बिल मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के कार्यकाल में पास हुआ था.
छीनी गई लोहिया ट्रस्ट बिल्डिंग
इनकम टैक्स भरने की प्रथा रोके जाने के अगले ही दिन योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुलायम सिंह यादव परिवार से लोहिया ट्रस्ट बिल्डिंग छीन ली. राज्य संपत्ति विभाग ने 14 सितंबर को विक्रमादित्य मार्ग स्थित लोहिया ट्रस्ट का बंगला खाली करा लिया. मुलायम सिंह ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिवपाल सिंह यादव सचिव हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई शीर्ष नेता ट्रस्ट के सदस्य हैं.उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव से मंहगी एसयूवी मर्सिडीज कार वापस लेने जा रही है. इससे पहले मुलायम सिंह यादव को आलीशान बंगला और लोहिया ट्रस्ट कार्यालय का भवन खाली करना पड़ा था. एस्टेट विभाग के सूत्रों के अनुसार, मर्सिडीज में कुछ तकनीकी खामी आ गई है और मरम्मत के लिए 24 लाख रुपयों की जरूरत है.
विभाग ने कहा, “हमारा बजट मरम्मत के लिए इतनी ज्यादा कीमत आवंटित नहीं कर सकता, इसलिए हम मुलायम सिंह को कोई अन्य उचित कार शायद प्राडो दे देंगे.”
@pankajjha_
पहले मुलायम सिंह यादव का लखनऊ में सरकारी बंगला गया .. और अब सरकारी मर्सिडीज़ गाड़ी भी.. यूपी सरकार ने गाड़ी की मरम्मत के लिए 24 लाख देने से हाथ खड़े कर दिए हैं @ABPNews @samajwadiparty
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11:19 am – 22 सित॰ 2019
समाजवादी पार्टी नेताओं ने इसे राज्य की बीजेपी सरकार द्वारा पार्टी नेताओं पर एक और हमला बताया है. एक समाजवादी पार्टी नेता ने बताया, “सरकार प्रचार और विज्ञापन में करोड़ों रुपये खर्च कर सकती है लेकिन कार की मरम्मत के लिए रुपये नहीं दे सकती. यह साबित करता है कि बीजेपी बदले की राजनीति कर रही है.”
मुलायम सिंह और उनके बेटे को पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर आवंटित बंगले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खाली करने पड़े थे. इसी महीने राज्य सरकार ने शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर लोहिया ट्रस्ट का कार्यालय भी खाली करा दिया था.

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