भाजपा नेताओं की राज्यपाल से मुलाकात, हमने की लीगल विकल्प पर चर्चा : चंद्रकांत पाटिल

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘’महाराष्ट्र की जनता ने महायुति (गठबंधन) को जनादेश दिया है. सरकार बनने में देरी हो रही है. आज हम लोगों ने राज्यपाल से मुलाकात की और वैधानिक विकल्प और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की.’’
मुंबई: भारतीय जनता पार्टी के डेलिगेशन ने आज महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. इस डेलिगेशन में भाजपा के गिरीश महाजन, चंद्रकांत पाटिल, सुधीर मुनगंटीवार और आशीष शेलार शामिल थे. इस मुलाकात के बाद चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि हमने गवर्नर से मुलाकात कर वैधानिक विकल्प और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की.
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘’महाराष्ट्र की जनता ने महायुति (गठबंधन) को जनादेश दिया है. सरकार बनने में देरी हो रही है. आज हम लोगों ने राज्यपाल से मुलाकात की और वैधानिक विकल्प और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की.’’
इसके साथ ही चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जनता चाहती है कि राज्य भाजपा और शिवसेना गठबंधन (महायुति) की सरकार बने. महायुति को जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है. उन्होंने कि जो बहुमत मिला उसको लेकर सरकार अब तक बननी चाहिये थी जो अब तक नही बन पाई है. किस तरह से इस बाबत लीगल रास्ता निकल सकता है, वो भी चर्चा राज्यपाल से की. हम हमारे शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करके इस बारे में आगे फैसला करेंगे.
जाहिर है कि भाजपा (105) और शिवसेना (56) के पास जितने विधायक हैं उनके समर्थन में सरकार बनाने में जरा भी परेशानी नहीं होगी. लेकिन शिवसेना और भाजपा के बीच की तल्खी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. शिवसेना लगातार ये कह रही है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से ही होगा. उधर भाजपा के बारे में कहा जा रहा है कि वह मुख्यमंत्री पद से कोई भी समझौता नहीं करेगी. सरकार बनाने में हो रही देरी के बीच मुलाकातों का दौर लगातार जारी है लेकिन कोई ठोस फैसला अभी तक नहीं हो पाया है.
संजय राउत बोले- तय बातों को भुलाकर गठबंधन नहीं चलाया जा सकता


महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर संजय रावत ने बीजेपी पर तंज कसा है.
महाराष्ट्र (Maharashtra) में मचे घमासान के बीच शिवसेना (Shiv sena) को डर है कि भाजपा (BJP) उसके विधायकों को तोड़ सकती है और सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े तक पहुंच सकती है.महाराष्ट्र (Maharashtra) के विधानसभा चुनाव (Assembly election ) के नतीजे आने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (Shiv sena) के बीच सरकार बनाने को लेकर खींचतान जारी है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पहले ही बोल चुके हैं कि जो तय हुआ था वो लेकर रहेंगे. उन्होंने कहा कि शिवसेना के पास अभी हर तरह के विकल्प खुले हैं.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए अब बस दो दिन बचे हैं. शिवसेना ने भी आज राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा है. महाराष्ट्र में मचे घमासान के बीच शिवसेना को डर है कि भाजपा उसके विधायकों को तोड़ सकती है और सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़े तक पहुंच सकती है. बताया जा रहा है कि शिवसेना ने अपने विधायकों को होटल में शिफ्ट करा दिया है.
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज अपने पार्टी विधायकों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले जो डील हुई थी, हम वही लेंगे. शिवसेना के पास और भी विकल्प खुले हैं. वहीं, शिवसेना के विधायकों ने ठाकरे से कहा कि चाहे जो भी हो, उन्हें मुख्यमंत्री पद की मांग पर डटे रहना चाहिए.
>> शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमारा रुख वही है, बदला नहीं है. उद्धव ठाकरे शिवसेना के हित में फैसला लेंगे. राज्‍य का मुख्‍यमंत्री शिवसेना का ही होगा. उन्‍होंने कहा कि राज्‍यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा किए बगैर ही खाली हाथ क्‍यों लौट आए. बहुमत केवल भाजपा शिवसेना के गठबंधन को ही नहीं मिला है, बल्कि गठबंधन की शर्तों को भी मिला है. इस तरह से गठबंधन नहीं चलता है.
>> संजय राउत ने कहा कि गठबंधन के दौरान मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की ही बात हुई थी. महराष्‍ट्र का जनादेश भी उसी लिए है.
>> शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि भाजपा की आड़ में राज्य पर राष्ट्रपति शासन थोपना चाहती है जो सही नहीं है. हमें भी संविधान का एक-एक पेंच पता है. उसी संविधान के तहत हम महाराष्ट्र में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाएंगे.
>> संजय राउत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में राष्ट्रपति शासन लाने जैसा हालात पैदा कर रही है. यह संविधान बनाने वाले बाबा साहेब भीमराव आबंडेकर का अपमान है. भारतीय जनता पार्टी राज्यपाल से मिलने गई थी और उसे 145 विधायकों की लिस्ट सौंपनी चाहिए थी.
>> संजय राउत ने कहा कि जनादेश सिर्फ महायुति को नहीं मिला है बल्कि इस दौरान जो चीजें हुई हैं उसका भी मिला है. कोई भी गठबंधन ऐसे नहीं चलता. तय बातों को भुलाकर गठबंधन नहीं चलाया जा सकता.मुख्यमंत्री बनने की अटकलों पर बोले गडकरी- ‘महाराष्ट्र आने का सवाल नहीं, फडणवीस के नेतृत्व में बनेगी सरकार’
भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने भी ये कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राज्य के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. मौजूदा सरकार का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है, नियमों के तहत 9 नवंबर से पहले सरकार का गठन होना जरूरी है.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो हफ्ते बाद भी मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भाजपा-शिवसेना के बीच तकरार जारी है. इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मुख्यमंत्री बनाने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं. लेकिन इसे गडकरी ने खारिज कर दिया है. केंद्रीय मंत्री ने साफ किया है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस को चुना है.
महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने की अटकलों के बीच नितिन गडकरी ने कहा है कि ”मैं दिल्ली में हूं, महाराष्ट्र आने का कोई सवाल ही नहीं उठता. भाजपा ने मुख्यमंत्री के लिए देवेंद्र फडणवीस को चुना है. उन्हीं के नेतृत्व में राज्य में सरकार बनेगी. चुनाव में भाजपा को ज्यादा सीटें मिली हैं, इसलिए मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा. नितिन गडकरी ने कहा है कि मोहन भागवत से मुलाकात का महाराष्ट्र से कोई लेना देना नहीं है.” उन्होंने कहा कि ”शिवसेना के सहयोग से ही हम राज्य में सरकार बनाएंगे.”
भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने भी ये कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राज्य के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. वह महाराष्ट्र की सियासत में एक्टिव नहीं हैं.
बता दें कि 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम की घोषणा की गई थी लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी नई सरकार का गठन नहीं हो सका. महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार का कार्यकाल 9 नवंबर को खत्म हो रहा है, नियमों के तहत 9 नवंबर से पहले सरकार का गठन होना जरूरी है. शिवसेना का कहना है कि वादे के अनुसार भाजपा 50-50 फॉर्मूले पर आगे बढ़े. भाजपा इसके लिए राजी नहीं है.
विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को 161 सीटें मिलीं जो 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े 145 से कहीं अधिक है. विधानसभा चुनाव में भाजपा को 105 सीटें, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं.

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