नेशनल सेफ्टी साईंस क्विज़ क्षेत्रीय दौर में आर्मी पब्लिक स्कूल बीरपुर विजेता, राजा राम मोहन रॉय अकादमी उपविजेता

अंडरराइटर्स लेबोरेट्रीज़ ने नेशनल सेफ्टी साईंस क्विज़ के विजेताओं की घोषणा की
देहरादून में आयोजित क्षेत्रीय दौर में आर्मी पब्लिक स्कूल बीरपुर ने पहला पुरस्कार जीता और राजा राम मोहन रॉय अकादमी उपविजेता बना
देहरादून, 17 अक्तूबर, 2019: सार्वजनिक सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित, सुरक्षा विज्ञान संगठन, अंडरराइटर्स लेबोरेट्रीज़ (UL) ने आज अपने नेशनल सेफ्टी साईंस क्विज़ (NSSQ) के विजेताओं की घोषणा की। कक्षा आठ से दस तक विद्यार्थियों के लिए निर्मित, एनएसएसक्यू (NSSQ) विद्यार्थियों को ”सुरक्षा ही विज्ञान है“ की अवधारणा दर्शाता है। एनएसएसक्यू (NSSQ) विद्यार्थियों को रोज़मर्रा की सुरक्षा चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाते हुए, उन्हें सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, अग्नि संकट आदि जैसी चुनौतियों से निपटने के समाधानों के बारे में सशक्त बनाता है।
गुरूवार को मोंटफोर्ट अकादमी ऑडिटोरियम में आयोजित क्षेत्रीय राऊंड में आर्मी पब्लिक स्छूल बीरपुर के अंकुश रावत और लविश कुमार अन्य टीमों को पछाड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि राजा राम मोहन रॉय अकादमी के नमन बिष्ट और पार्थ सर्वांश दूसरे स्थान पर रहे। एनएसएसक्यू (NSSAQ)की आनलाइन परीक्षा को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्र एनएसएसक्यू (NSSQ)के पात्र रहे। इस आयोजन को सफल बनाने में मोंटफोर्ट अकादमी व उसके सभी कर्मचारियों ने पूरा योगदान दिया। देहरादून के अलावा, एनएसएसक्यू (NSSQ) का आयोजन बंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, मुम्बई, कोलकाता, गुवाहाटी, दिल्ली व चंडीगढ़ में भी किया जा रहा है।
एनएसएसक्यू (NSSQ) राष्ट्रीय सुरक्षा विज्ञान अभियान (NSSC)का एक हिस्सा है। इस प्रश्नोत्तरी के अलावा, एनएसएसक्यू (NSSQ) ने सुरक्षा थीम्स पर कक्षा चार से सात तक के स्कूली विद्यार्थियों के लिए एक आनलाइन पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया है तथा 16 से 25 वर्ष के युवा विद्यार्थियों के लिए, उनके या अन्य लोगों द्वारा समाज में शुरू की गई सुरक्षा पहलों के बारे में एक फिल्म प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। स्थानीय स्तर पर अन्य गतिविधियाँ, जो सुरक्षा विज्ञान जानकारी व जागरूकता को आगे बढ़ाती है, जैसे शिक्षकों के लिए ट्रेन-द- ट्रेनर कार्यक्रम तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षा क्लब भी एनएसएससी (NSSC) का हिस्सा हैं।
एनएसएससी (NSSC) का गठन देश के कई हिस्सों में अनेक दुर्घटनाओं के होने के बाद किया गया था जिन्हें समय पर हस्तक्षेप कर के बचाया जा सकता था। भारत में जागरूकता बढ़ा कर सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव की गहन आवश्यकता है। चूंकि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनके साथ बात करना महत्वपूर्ण है। यह अभियान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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