वृहस्पति दोपहर 75 नये कोरोना केसों में 30 टिहरी से,प्रदेश में संख्या 1637

Corona: प्रदेश में आज फिर फूटा कोरोना बम, 75 नए मरीज मिलने से 1637 हुए संक्रमित
उत्तराखंड में आज फिर कोरोने बम फूटा है। प्रदेश के गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चिंता की बात है कि पर्वतीय जिलों में भी संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार दोपहर तक जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में नए 75 मामले सामने आए हैं। अब प्रदेशभर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1637 पहुंच गई है।
चिंता की बता है कि 75 नए मामलों में से सबसे ज्यादा 30 मरीज टिहरी जिले में आए हैं। लेकिन,राहत की बात है कि प्रदेशभर में अब तक 837 मरीज स्वस्थ्य हो गए हैं जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
देहरादून और हरिद्वार जिले में 16 और 15 नए मरीज सामने आए हैं। विभाग को आज 11 सौ संदिग्ध मरीजों की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है। संदिग्धों की पहचान कर विभाग ने 819 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
सैंपल जांच के लिए बनाई नई रणनीति
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मामलों के साथ ही ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में तेजी आई है। बीते दस दिनों में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से अधिक हो गई है। प्रदेश की रिकवरी दर 51.79 प्रतिशत हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग की बुधवार 2 बजे की रिपोर्ट के अनुसार अब रिकवरी दर में सुधार होने से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या एक्टिव केस से अधिक है। कोरोना से जंग में स्वास्थ्य विभाग के लिए यह नतीजे थोड़ी राहत देने वाले हैं।
अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि केंद्र की ओर से कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चॉर्ज करने कको नई गाइड लाइन जारी की गई है जिसमें संक्रमित मरीज को 10 दिन निगरानी में रखा जाएगा। सात दिन के बाद मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो उसे अस्पताल से घर भेजा जाएगा। प्रदेश में रिकवरी दर 51 प्रतिशत पहुंच गई है।
सैंपलों की जांच में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति बनाई
प्रदेश में कोविड सैंपलों की जांच में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति बनाई है। प्रदेश की सरकारी लैब में जांच का दबाव कम करने के लिए बाहरी जिलों में सैंपल जांच की व्यवस्था की गई है।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के सभी सैंपल जांच के लिए एनसीडीसी दिल्ली भेजे जाएंगे। देहरादून जिले से प्रतिदिन 150 सैंपल पीजीआई और 100 सैंपल सीएसआईआर इम्टेक चंडीगढ़ भेजे जाएंगे। शेष सैंपलों की जांच दून मेडिकल कालेज की लैब में किए जाएंगे।
टिहरी जिले के 50 सैंपल आईआईपी देहरादून और बाकी सैंपल एनसीडीसी दिल्ली भेजे जाएंगे। पौड़ी जिले से 100 सैंपल एनसीडीसी और बाकी बचे सैंपल श्रीनगर मेडिकल कालेज में जांच की जाएगी। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के सभी सैंपल श्रीनगर मेडिकल कालेज में होंगे। उत्तरकाशी के सभी सैंपलों की जांच दून मेडिकल कालेज में होगी। नैनीताल,अल्मोड़ा,चंपावत,बागेश्वर,पिथौरागढ़ जिले के सभी सैंपलों की जांच हल्द्वानी मेडिकल कालेज में की जाएगी।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 261 मामलों में ट्रेवल हिस्ट्री नहीं
प्रदेश में लॉकडाउन 4.0 के बाद कोरोना संक्रमित मामलों में तेजी आई है। संक्रमित मरीजों की संख्या 1560 पहुंच गई है। इसमें 261 संक्रमित ऐसे हैं, जिनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। यानी कांटेक्ट में आने से वे कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं। 21 मई से 10 जून तक कुल संक्रमित मामलों में 16 प्रतिशत से अधिक लोगों में संक्रमित के संपर्क में आने से संक्रमण फैला है।

राज्य के 11 जिलों में 21 मई के बाद 261 संक्रमित मरीजों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। इसके बावजूद भी वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक देहरादून जनपद में है। बिना ट्रेवल हिस्ट्री वाले संक्रमित मामलों में स्वास्थ्य व पुलिस कर्मी के साथ ही कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए परिवार के सदस्य व अन्य करीबी हैं।

प्रदेश में अब तक कुल संक्रमित मामलों में 16 प्रतिशत मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। वहीं, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में अभी तक संक्रमित मरीजों में संपर्क में आने का कोई मामला नहीं मिला है। दोनों जिलों में संक्रमित मरीज दूसरे राज्यों से आए हैं।

कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने बताया कि 20 दिनों के भीतर 16 प्रतिशत संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री न होने और संपर्क आने से संक्रमण होना चिंता का विषय है। इस मामले में सरकार को लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
देहरादून : होम क्वारंटीन आढ़ती बेच रहे फल-सब्जियां
होम क्वारंटीन किए गए निरंजनपुर मंडी के कई आढ़ती चोरी-छिपे फल-सब्जियां बेच रहे हैं। आढ़तियों ने फल सब्जियां लोड-अनलोड करने के लिए अलग-अलग जगह चुनी है। वहीं, कई आढ़ती ऐसे हैं जो खुद तो होम क्वारंटीन हैं लेकिन उन्होंने अपने स्टाफ को कारोबार पर लगा रखा है।

पिछले हफ्ते कोरोना पॉजिटिव मामले बढ़ने के बाद प्रशासन ने निरंजनपुर मंडी को बंद कर दिया था। तब सभी आढ़तियों को कहा गया कि वो खुद को होम क्वारंटीन करें। इसके अलावा उनके स्टाफ और मजदूरों को भी क्वारंटीन किया गया। लेकिन कई आढ़ती होम क्वारंटीन रहने के बजाय चोरी-छिपे फल सब्जियां बेच रहे हैं।

ये आढ़ती लगातार फल सब्जियां मंगा रहे हैं और रिटेल कारोबारियों को बेच रहे हैं। इसके लिए किसी ने सड़क के किनारे चौड़ी जगह चुनी है तो कुछ खाली प्लॉट में काम कर रहे हैं। क्वारंटीन होने के बावजूद उनके फल सब्जियां बेचने से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।

जिन लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है, उन्हें नियमों का पालन करते हुए घर पर ही रहना चाहिए। नियमों का उल्लंघन कर बाहर निकलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
-विजय थपलियाल, सचिव, मंडी समिति

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