विस उपचुनाव में ममता का दिखा दम, बीजेपी को आसान न होगी 2021 में प.बंगाल विजय

नई दिल्ली.वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड (Uttarakhand) के दूसरे उप-चुनाव (by-election) में भी बीजेपी (BJP) ने जीत हासिल कर ली है. पिथौरागढ़ उप-चुनाव में बीजेपी की चंद्रा पंत (Chandra Pant) ने जीत हासिल कर ली है. चंद्रा पंत पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश पंत (Prakash Pant) की पत्नी हैं. प्रकाश पंत के निधन के बाद ही पिथौरागढ़ सीट खाली हुई थी जिस पर बीजेपी ने चंद्रा पंत को चुनाव मैदान में उतारा था.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीन विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में टीएमसी की जीत का श्रेय राज्‍य के लोगों को दिया.
पश्चिम बंगाल (West Bengal) उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीनों सीटों पर जीत हासिल कर साबित कर दिया है कि अभी उन्‍हें घर में चुनौती देना आसान नहीं है. कालीगंज और खड़गपुर सदर में टीएमसी की जीत ने बीजेपी (BJP) के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं. दरअसल, बीजेपी ने इन दोनों विधानसभा सीटों से जुड़े रायगंज और मेदिनीपुर संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव 2019 में जीत दर्ज की थी.
कोलकाता. लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी के हाथों पश्चिम बंगाल (West Bengal) के कई संसदीय क्षेत्रों में करारी शिकस्‍त झेलने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीन विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव (Bypolls) में शानदार वापसी की है. टीएमसी ने कालीगंज, खड़गपुर सदर और करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में शानदार जीत दर्ज की है. इनमें कालीगंज और खड़गपुर सदर में बीजेपी (BJP) की अच्‍छी पकड़ थी. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 में इन विधानसभाओं वाली संसदीय सीटों रायगंज और मेदिनीपुर में जीत हासिल की थी. कालीगंज में टीएमसी ने पहली बार जीत दर्ज की है. ऐसे में इन दोनों क्षेत्रों में टीएमसी प्रत्‍याशियों की जीत ने बीजेपी नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं. मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने उपचुनाव में अपना दम दिखा दिया है. इससे साफ है कि बीजेपी के लिए विधानसभा चुनाव 2021 में बंगाल का रण जीतना आसान नहीं होगा.
‘कांग्रेस और माकपा कर रहीं बीजेपी की मदद’
ममता बनर्जी ने तीनों सीटों पर मिली जीत का श्रेय पश्चिम बंगाल की जनता को देते हुए कहा कि लोगों ने बीजेपी को सत्‍ता के अहंकार का जवाब दे दिया है. बीजेपी ने बंगाल के लोगों का अपमान किया और लोगों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है. कांग्रेस और माकपा खुद को मजबूत करने के बजाय पश्चिम बंगाल में बीजेपी की मदद कर रही हैं. कालीगंज विधानसभा सीट पर टीएमसी के तपन देव सिन्‍हा (Tapan Deb Sinha) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के कमल चंद्र सरकार (Kamal Chandra Sarkar) को 2,304 वोटों से हरा दिया. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रमथनाथ रॉय (Paramathanath Roy) इस सीट से चुने गए थे. इस बार मैदान में उतरीं उनकी बेटी धृतश्री तीसरे नंबर पर रहीं.
‘टीएमसी को मिला एकजुट अल्‍पसंख्‍यक वोट’
कमल चंद्र सरकार ने कहा कि लोगों ने नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) से पैदा हुए डर के कारण बीजेपी के खिलाफ मतदान किया. मैं यह नहीं जानता कि राजवंशी समुदाय ने किसे वोट किया, लेकिन, यह साफ है कि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय ने टीएमसी को एकजुट वोट दिया. मेरी हार का सबसे बड़ा कारण एनआरसी ही है. हम लोगों को यह समझाने में नाकाम रहे कि असम में लागू की गई और देश के अन्‍य राज्‍यों के लिए प्रस्‍तावित एनआरसी अलग हैं. हम यह भी नहीं समझा पाए कि एनआरसी का बीजेपी से कोई लेनादेना नहीं है. इसे केंद्र सरकार लागू करती है. लोगों को लगा कि बीजेपी एनआरसी लागू कर रही है.
बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष की सीट पर भी हारी
टीएमसी के प्रदीप सरकार ने बीजेपी से खड़गपुर सदर सीट छीन ली.उन्‍होंने बीजेपी के प्रेम चंद्र झा को 20,788 मतों से परास्‍त किया. इस सीट पर मिली हार से बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है क्‍योंकि पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष दिलीप घोष मेदिनी पुर लोकसभा सीट से संसद जाने के पहले यहीं से विधायक थे. करीमपुर में टीएमसी प्रत्‍याशी बिमलेंदु सिन्‍हा रॉय ने बीजेपी के जयप्रकाश मजूमदार को हराया. पिछले चुनाव में टीएमसी की महुआ मित्रा इस सीट से विधायक चुनी गई थीं. उनके कृष्‍णानगर सीट से सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी.टीएमसी ने कहा कि यह सीट हमारे लिए चुनौती नहीं थी.
पिथौरागढ़ उप चुनाव में भाजपा की चन्‍द्रा पंत ने कांग्रेस की अंजू लुंठी को हराया
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड (Uttarakhand) के दूसरे उप-चुनाव (by-election) में भी बीजेपी (BJP) ने जीत हासिल कर ली है. पिथौरागढ़ उप-चुनाव में बीजेपी की चंद्रा पंत (Chandra Pant) ने जीत हासिल कर ली है. चंद्रा पंत पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश पंत (Prakash Pant) की पत्नी हैं. प्रकाश पंत के निधन के बाद ही पिथौरागढ़ सीट खाली हुई थी जिस पर बीजेपी ने चंद्रा पंत को चुनाव मैदान में उतारा था. चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा से पहले ही जब चंद्रा पंत की जीत तय हो गई थी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने उन्हें बधाई दे दी थी.
जीत से भरोसा बढ़ता है
पिथौरागढ़ उप-चुनाव परिणाम पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चंद्रा पंत के साथ ही पिथौरागढ़ की जनता को जीत की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि चंद्रा पंत अच्छे अंतर से चुनाव चुनाव जीती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की जीत से भरोसा बढ़ता है.
भाजपा की चंद्रा पंत ने 3267 वोट से जीत हासिल की है. उन्होंने कांग्रेस की अंजू लुंठी को हराया. पिथौरागढ़ में पहली बार कोई महिला विधायक बनी है. इस चुनाव की ख़ास बात ये भी रही कि इसमें महिला सीट आरक्षित न होने के बावजूद दोनों प्रत्याशी महिलाएं ही थीं.
प्रत्याशी के नाम पर नहीं मांगे गए वोट
ये पिथौरागढ़ उप-चुनाव इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि इसमें चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी प्रचार के केंद्र में थे ही नहीं. चंद्रा पंत के लिए वोट दिवंगत प्रकाश पंत के नाम पर मांगे जा रहे थे तो कांग्रेस प्रत्याशी अंजु लुंठी के लिए वोट पूर्व विधायक मयूख महर के नाम पर मांगे जा रहे थे.
पिथौरागढ़ उप चुनाव में भाजपा प्रत्‍याशी चन्द्रा पंत ने कांग्रेस प्रत्‍याशी अंजू लुंठी को पराजित कर दिया है।
वित्त्त मंत्री प्रकाश पंत के निधन से रिक्त हुई पिथौरागढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में फिर से कमल खिला है। स्व. प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत ने कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3267 मतों से पराजित किया। चंद्रा पंत को 26086 मत को कांग्रेस की अंजू को 22819 मत मिले। चंद्रा पंत की जीत से भाजपा में खुशी व्याप्त है। तीसरे नंबर नोटा रहा। नोटा में 844 मत पड़े।
25 नंवबर को हुए मतदान की मतगणना गुरु वार सुबह एलएसएम पीजी कालेज में भारी सुरक्षा के बीच हुई। पहले चक्र की गणना में भाजपा और कांग्रेस के मध्य मात्र 88 मतों का अंतर रहा। अगले चक्र में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर नजर आती रही। भाजपा की सहानुभूति को लेकर एकतरफा जीत का दावा ध्वस्त हो गया। पांच चक्रों तक बाजी कभी भी किसी के पक्ष में जाती नजर आई। पांचवें चक्र के बाद भाजपा ने एक हजार से अधिक मतों की लीड ली तब जाकर भाजपा का पलड़ा भारी होने लगा। पांचवें राउंड में भाजपा को 12048 मत तो कांग्रेस को 11751 मत मिले थे। छठे राउंड में भाजपा 16237 तो कांग्रेस 14791 मत पर थी। आठवें चक्र में भाजपा 1877 मतों से आगे हो गई । नवें चक्र में भाजपा ने 2583 मतों की बढ़त बना ली। इसके बाद मात्र दो चक्रों की गिनती शेष रहने पर भाजपा को अपनी जीत सुनिश्चित लगने लगी। दसवें चक्र में भाजपा को बढ़त मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतगणना स्थल से बाहर जश्न मनाया।
मतगणना के दौरान नगर के विण बूथ की ईवीएम मशीन खराब होने के कारण मतगणना का कार्य प्रभावित रहा। 95 नंबर के विण के बूथ पर 602 मतदाताओं ने मतदान किया था। बाद में मशीन खुलने के बाद दो सौ मतों का अंतर आया। ईवीएम में पड़े मतों में भाजपा की चंद्रा पंत को 25646 मत और कांग्रेस की अंजू लुंठी को 22298 मत पड़े थे। पोस्टल बैलेट में भाजपा को 255 और कांग्रेस को 116 मत पड़े थे। पोस्टल मत मिलाकर भाजपा की चंद्रा पंत को 26086 और कांग्रेस की अंजू लुंठी को 22819 मत मिले। चंद्रा पंत को विजयी घोषित किया गया। घोषणा के बाद निर्वाचन अधिकारी तुषार सैनी ने जीत का प्रमाण पत्र चंद्रा पंत को प्रदान किया। जीत के बाद भाजपा ने विजयी जुलूस निकाला।
इस मौके पर विजयी प्रत्याशी चंद्रा पंत ने अपनी जीत पर पिथौरागढ़ की जनता का आभार जताया और स्व. पंत के द्वारा शुरू किए गए कार्यो को पूरा करने और उनके सपनों को साकार करने का दावा किया। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र वल्दिया ने विस क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए जीत स्व. प्रकाश पंत को समर्पित की है।
आंकड़ाें में मतगणना
कुल मत पड़े 50751
भाजपा 26086
कांग्रेस 22816
सपा 835
नोटा 844
अवैध 167
कम वोटिंग का असर आया नजर
25 नवंबर को हुए पिथाैरागढ़ विधानसभा उपुचनाव के लिए वोटिंग काफी कम हुई थी। महज 47 फीसद वाेटिंग का असर भी परिणामों पर साफ नजर आ रहा है। प्रकाश पंत के निधन के बाद इस सीट पर भाजपा के पक्ष में सहानुभूति बनी हुई थी। ऊपर से उनकी पत्‍नी चन्‍द्रा पंत इस सीट से प्रत्‍याशी हैं। चन्‍द्रा के भाजपा प्रत्‍याशी घोषित होने के बाद से कांग्रेस के कद्दावर नेता मयूख महर ने यहां से चुनाव लड़ने से इन्‍कार कर दिया था। ऐसे में मजबूरन कांग्रेस को अंजू लुंठी को अपना प्रत्‍याशी बनाना पड़ा था।

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