नई दिल्ली, मुंबई और उत्तराखंड देखेंगे स्वीडेन के राजा और रानी

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के न्योते पर स्वीडेन के राजा और रानी 2-6 दिसंबर 2019 तक भारत के राजकीय दौरे पर होंगे
-उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में मंत्री, व्यवसाय प्रमुख और शिक्षा जगत के प्रमुख लोग साथ होंगे
उत्तराखंड, 28 नवंबर 2019: स्वीडेन के माननीय राजा कार्ल ग्टप् गुस्ताफ और रानी सिल्विया 2-6 दिसंबर 2019 तक माननीय राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के न्योते पर भारत के राजकीय दौरे पर होंगे।
राजकीय दौरे का मकसद स्वीडेन और भारत संबंध को प्रगाढ़ बनाना है और स्वीडेन-भारत सहयोग को बढ़ावा देना है। संयुक्त कार्य योजना, इनोवेशन पार्टनरशिप और मौजूदा सहमति करार के तहत ये प्रयास किए जाएंगे। यह दौरा भारत के तीव्र विकास में मुख्य साझेदार बनने के लिए स्वीडेन की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसके अतिरिक्त स्वीडेन जलवायु परिवर्तन/ पर्यावरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शोध और स्वास्थ्य जैसी आम चुनौतियों में भारत का साथ देने को प्रतिबद्ध है। इस दौरे से स्वीडेन और भारत दोनों देशों की कम्पनियों में परस्पर निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
दौरा 5 दिनों का है। इसमें माननीय राजा और रानी के नई दिल्ली, मुंबई और उत्तराखंड देखने की योजना है।
इस दौरान राजा एवं रानी के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर से मिलने की व्यवस्था की गई है। दोनों इनोवेशन पालिसी पर उच्च स्तरीय नीति संवाद में शामिल होंगे। वर्सोवा बीच सफाई अभियान में जाएंगे और डोरस्टेप स्कूल देखेंगे जो परिवार की पढ़ने वाली पहली पीढ़ी के बच्चों को शिक्षा देता है। वे टेकला वर्कशाप और डायलाग में भी भाग लेंगे जिसका मकसद प्रौद्योगिकी शिक्षा में लड़कियों और महिलाओं की भागीदारी कम होने की समस्या दूर करने पर केंद्रित होगा। इसके बाद दोनों गंगा दर्शन के लिए उत्तराखंड जाएंगे।
स्वीडेन सरकार का प्रतिनिधित्व विदेश मामलों की मंत्री ऐन लिंड, व्यवसाय, उद्योग एवं इनोवेशन मंत्री इब्राहिम बेलान और स्वास्थ्य एवं सामाजिक मामला मंत्रालय के राष्ट्रीय सचिव माजा फ्जास्टाड करंगे।
इसके अतिरिक्त स्वीडेन की कम्पनियों का एक उच्च स्तरीय व्यवसाय प्रतिनिधिमंडल भी इसमें भाग लेगा। इनमें बड़ी कम्पनियां, स्थापित कम्पनियां और स्टार्ट-अप्स भी हांगे। साथ ही, स्वीडेन सरकार के अभिकरणों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि भी होंगे।
यह स्वीडेन के राजा एवं रानी का भारत के लिए दूसरा राजकीय दौरा है। पहला 1993 में हुआ था। गौरतलब है कि 2015 के बाद यह भारत और स्वीडेन के बीच चैथी उच्च स्तरीय मुलाकात है। 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी स्वीडेन के दौरे पर गए थे। 2016 में प्रधानमंत्री स्टेफन लवफेन भारत आए थे और 2018 में प्रधानमंत्री मोदी स्वीडेन गए थे।

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