चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली छात्रा की गिरफ्तारी पर एसआईटी चीफ ने बताये साक्ष्य और दस्तावेजी आधार

यूपी के शाहजहांपुर में स्वामी चिन्मयानंद पर रेप के आरोप लगाने वाली छात्रा को एसआईटी की जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. इस पर एसआईटी चीफ ने एक बयान दिया है.
लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली विधि छात्रा को, उनसे रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने ये जानकारी देते हुए कहा कि ऐसा करने से पहले साक्ष्य एकत्र किये गए और दस्तावेजी बयान लिये गए.
उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे साक्ष्य थे जो फॉरेंसिक लैब भेजे गये मसलन पेन ड्राइव एवं मोबाइल फोन. अरोड़ा ने बताया कि 24 सितंबर, मंगलवार की रात को एफएसएल से रिपोर्ट मिली. रात को भी छात्रा से पूछताछ की गयी थी. सुबह हम साक्ष्यों के साथ उसके आवास पर गये.
एसआईटी प्रमुख ने बताया कि हमने लड़की से गहन पूछताछ की. सारे वीडियो दिखाये, आवाज सुनाई. उन्होंने कहा कि इस बात का स्पष्ट साक्ष्य है कि पांच करोड़ रूपये की मांग की गयी थी. गिरफ्तार अन्य आरोपियों ने बताया कि लड़की के कहने पर ही उन्होंने चिन्मयानंद को व्हाटसएप मैसेज किया था.
अरोड़ा ने बताया कि एसआईटी ने सारे डिजिटल साक्ष्य लिये और उनके आधार पर लड़की से पूछताछ की. सबकी लोकेशन चेक करायी गई. उन्होंने बताया कि जब पर्याप्त साक्ष्य हो गये तो तय हुआ कि लड़की को अब गिरफ्तार किया जा सकता है.
अरोड़ा ने बताया कि कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया गया और लड़की को अदालत में पेश किया. इससे पहले उसकी चिकित्सकीय जांच करायी गयी. उन्होंने बताया कि अदालत ने लड़की को सात अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
बीजेपी ने कहा- चिन्मयानंद पार्टी के सदस्य नहीं, कानून अपना काम करने के लिए स्वतंत्र
भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि चिन्मयानंद पार्टी के सदस्य नहीं हैं. पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने बहुत पहले चुनाव लड़ा था और मंत्री बने थे, लेकिन उसके बाद से वह बीजेपी के सदस्य नहीं हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि चिन्मयानंद पार्टी के सदस्य नहीं हैं. बीजेपी के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा, ‘चिन्मयानंद बीजेपी के सदस्य नहीं हैं.’ उनसे पूछा गया कि चिन्मयानंद ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, वह पार्टी के सांसद और केन्द्रीय मंत्री भी रहे. इस पर श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने बहुत पहले चुनाव लड़ा था और मंत्री बने थे, लेकिन उसके बाद से वह बीजेपी के सदस्य नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि चिन्मयानंद प्रकरण में कानून अपना काम कर रहा है. कानून को अपना काम करने की छूट है. उल्लेखनीय है कि चिन्मयानंद वाजपेयी सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के जौनपुर से 1999 में चुनाव लड़ा था. चिन्मयानंद 1991 में बदायूं और 1998 में मछलीशहर से भी लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं.
आपको बता दें कि चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़ित लड़की को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने छात्रा को 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है. छात्रा के तीन साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं. शाहजहांपुर कोर्ट ने छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
शाहजहांपुर के एक कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने दावा किया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने उसका शोषण किया है. छात्रा ने एसआईटी को एक 64 जीबी की पेन ड्राईव भी सौंपी थी जिसमें 40 से ज्यादा वीडियो हैं. सोशल मीडिया पर चिन्मयानंद का कथित तौर पर मालिश कराने का वीडियो वायरल हो रहा है. एक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग चिन्मयानंद से पैसे मांगने की बात कहते दिखते हैं.

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