फास्ट ट्रैक कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के विधायक की जमानत खारिज कर दी। इसके बाद नाहिद हसन को जेल भेजा गया है। जमीन के बैनामे में धोखाधड़ी के मामले में नाहिद हसन आज फास्ट ट्रैक कोर्ट में पेश हुए थे। नाहिद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी।

ये है मामला 
जनवरी 2018 में मोहम्मद अली द्वारा जमीन के बैनामे में 80 लाख 87 हजार की धोखाधड़ी के मुकदमे में सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को सपा विधायक नाहिद हसन की जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले 17 जनवरी को कोर्ट ने विधायक को अंतरिम जमानत देते हुए 24 जनवरी को रेगुलर जमानत पर सुनवाई करने के आदेश दिए थे। विधायक की जमानत याचिका खारिज होने के बाद विधायक को न्यायिक हिरासत में जिला मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया।
बताया गया कि काफी देर तक विधायक नाहिद हसन कोर्ट के अंदर रहे। उनकी जमानत खारिज होने की जानकारी पर पुलिस प्रशासन ने पहले ही कचहरी परिसर में भारी फोर्स लगा दिया था। पीएसी भी बुला ली गई थी। वहीं कचहरी में जमा लोगों को पुलिस ने पहले ही बाहर कर दिया था। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच विधायक नाहिद हसन को कोर्ट से मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया।
इन मामलों से भी चर्चाओं में रहे 
सराय की भूमि पर खड़े होकर वीडियो वायरल करने, नौ सितंबर को भूरा रोड पर गाड़ी के कागज दिखाने के दौरान एसडीएम अमितपाल शर्मा से नोंक झोक करने, झिंझाना में विद्युत विभाग के एसडीओ पर हमले के मामले में भी विधायक नाहिद हसन चर्चाओं में रहे। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट होने के बाद ही 21 सितंबर को तत्कालीन एसपी के नेतृत्व में पुलिस ने विधायक के आवास पर दबिश दी थी। इनको एक हफ्ते पहले ही अंतरिम जमानत मिली थी। इसके बाद स्थाई जमानत के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई।इससे पहले अंतरिम जमानत मिलने पर विधायक नाहिद हसन ने कहा था कि न्याय की जीत हुई है। इस मामले में सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। जिला न्यायालय से अंतरिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट से एक माह के अंदर निचली अदालत में पेश होने के आदेश दिए गए थे। विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर निचली अदालत में पेश होने के लिए एक माह का समय और मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने विधायक नाहिद हसन को एक माह का समय और दे दिया था।

यह था मामला

कस्बा कैराना निवासी मोहम्मद अली ने जनवरी 2018 को कोतवाली में विधायक चौधरी नाहिद हसन व उनकी मां पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम सहित नौ आरोपियों के खिलाफ जमीन के बैनामे में 80 लाख 87 हजार की धोखाधड़ी करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की विवेचना क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर छोटे सिंह को दी गई थी।