Fect check:कोरोना को ले रूसी सड़कों पर शेर छोड़ने की ‘खबर’झूठी

सोशल मीडिया पर काफी शेयर की जा रही है ये फोटो
लोगों को घरों में रखने के लिए रूस में छोड़े गए शेर?
फेक है फोटो

दावा
दुनियाभर में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. जॉन हॉपकिन्स ट्रैकर के मुताबिक, रूस में अब तक COVID-19 के 360 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

अब, कई सोशल मीडिया यूजर्स की तरह ब्रिटिश बिजनेस मैगनेट ऐलन शुगर ने भी ट्विटर पर एक न्यूज बुलेटिन की फोटो शेयर की, जिसमें दावा किया गया है कि कोरोनावायरस के कहर के बीच, रूस में लोगों को घरों में रखने के लिए सड़कों पर 500 शेर छोड़े गए हैं

इस ट्वीट को अब तक 28,000 लाइक्स और 6,000 से ज्यादा अकाउंट रीट्वीट कर चुके हैं

फैक्ट चेक / दावा : रूस में लोग घरों पर रहें इसलिए सरकार ने शेरों को बाहर छोड़ा, पड़ताल में पता चला सच

क्या वायरल : दावा किया जा रहा है कि रूस में 500 शेर सड़कों पर छोड़ दिए गए, ताकि लोग घरों में रहें
क्या सच : वायरल दावा झूठा निकला। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान शूट किए गए सीन की फोटो वायरल की जा रही है
कोरोनावायरस महामारी दुनियाभर में फैल चुकी है। इसके अब तक 3 लाख 39 हजार 39 मामले सामने आ चुके हैं। 14 हजार 698 लोग इससे जान गवां चुके हैं। वहीं 99 हजार 14 लोग इस बीमारी से संक्रमित होने के बाद ठीक भी हुए हैं। इन सबके बीच कोरोनवायरस को लेकर कई भ्रांतियां भी सोशल मीडिया में फैलाई जा रही हैं। सोशल मीडिया में ऐसा ही एक दावा किया गया है कि रूस ने 500 शेर सड़क पर खुले छोड़ दिए हैं, ताकि लोग घरों में अंदर रहें। हमारी पड़ताल में वायरल दावे की हकीकत सामने आई।

क्या वायरल

दिग्गज उद्योगपति एलन शुगर ने किसी न्यूज बुलेटिन की इमेज शेयर की है।
इसमें दावा किया गया है कि, लोग घरों में रहें, इसलिए रूस में 500 शेर सड़कों पर छोड़ दिए गए हैं। ऐसा कोरोनावायरस को रोकने के लिए किया जा रहा है।
कई यूजर्स सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं।

क्या है सच्चाई

हमारी पड़ताल में सोशल मीडिया का दावा झूठा निकला।
जिस शेर की फोटो वायरल की गई है, वो 2016 में साऊथ अफ्रीका के जोहानसबर्ग में क्लिक की गई थी। मेट्रो में पब्लिश आर्टिकल से इसकी पुष्टि होती है।
गूगल पर इमेज रिवर्स सर्चिंग में हमें 2016 में प्रकाशित यह आर्टिकल मिला। इसमें दी गई जानकारी के मुताबिक, फोटो साउथ अफ्रीका के जोहानसर्ग की है और जो शेर नजर आ रहा है, उसका नाम कोलबंस है जो एक स्थानीय फिल्म प्रोडक्शन का हिस्सा था। हालांकि जिस फिल्म के लिए शेर को शहर में लाकर शूटिंग की जा रही थी, उसे रिलीज होने से भी रोक दिया गया था।

(फोटो: स्क्रीनशॉट)
फेसबुक और ट्विटर पर कई यूजर्स ने इसी दावे के साथ फोटो को शेयर किया.

सच या झूठ?
ये दावा गलत है.

इस फोटो को ‘ब्रेक यू ऑन न्यूज’ टेंपलेट के जरिए बनाया गया है और ये किसी भी जाने-माने न्यूज ऑर्गनाइजेशन के बुलेटिन का हिस्सा नहीं है. दूसरा, शेर की ये तस्वीर 2016 की है और मेट्रो न्यूज के मुताबिक, ये साउथ अफ्रीका के जोहांसबर्ग में खींची गई थी.

हमें जांच में क्या मिला?
इस फोटो को ‘ब्रेक यू ऑन न्यूज’ टेंपलेट के जरिए बनाया गया है. इस टेंपलेट पर हेडलाइन और टिकर लिखा जा सकता है.
हमने इस टेंपलेट के जरिए खुद की ‘ब्रेकिंग न्यूज’ क्रिएट की, जिसमें हेडलाइन में ‘कोरोनावायरस महामारी’ और टिकर पर ‘कोरोनावायरस के भारत में 400 से ज्यादा केस’ लिखा. इस टेंपलेट पर किसी भी फोटो को अपलोड कर डिसप्ले पर लगाया जा सकता है.

शेर की फोटो कहां से आई?
हमने गूगल रिवर्स इमेज सर्च की, जिसके बाद हमें यूके की न्यूज वेबसाइट मेट्रो का 2016 में पब्लिश हुआ एक आर्टिकल मिला, जिसमें यही फोटो इस्तेमाल की गई थी.

आर्टिकल के मुताबिक, ये फोटो साउथ अफ्रीका के जोहांसबर्ग की है और फोटो में शेर का नाम कोलंबस है, जो एक लोकल फिल्म प्रोडक्शन का था. रिपोर्ट में कहा गया है, “जोहांसबर्ग रोड्स एजेंसी (JRA) के मुताबिक, फिल्मिंग की अनुमति नहीं दी गई थी और सड़कों को बंद करने की अनुमति लेने से पहले शहर में शेर को छोड़कर फिल्म कंपनी ने रिस्क लिया है. ”

इससे साफ है कि एक पुरानी फोटो और ब्रेकिंग न्यूज जेनरेटर के जरिए रूस के बारे में गलत खबर फैलाई गई.

कोरोनावायरस को लेकर कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर शेयर हो रही हैं. हमने ने कई दावों का फैक्ट चेक किया है.सभी स्टोरी यहां पढ़ी जा सकती हैं.

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