सतपाल महाराज के साथ परिजन फिर वापस एम्स भर्ती,जिले कंटेनमेंट ज़ोन 19

राज्य में आज मिले 41 मरीज, अकेले दून में सामने आए 26 केस
उत्तराखंड में मंगलवार दोपहर तक 41 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए। 243 मरीज ठीक हो चुके हैं।
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आज देहरादून में 25, टिहरी में 11, चमोली में तीन और हरिद्वार में एक मरीज मिला है। देहरादून में आज मिले 25 संक्रमित मुंबई से लौटे हैं।
वहीं एक मरीज सब्जी मंडी में मिले संक्रमित के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुआ है। हरिद्वार और टिहरी में मिले सभी संक्रमित मुंबई से लौटे हैं। दोपहर दो बजे जारी स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन से इन मामलों की पुष्टि हुई है।

एक महीने में 1535 लोगों का चालान, फिर भी नहीं नियमों का ध्यान

बागेश्वर में 21 कोरोना संक्रमण के मामले मिलने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। बागेश्वर जिले में 15 दिन के भीतर 21 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं।
लेकिन नासमझी ही कहेंगे कि सोशल डिस्टेंस बनाने और मास्क पहनने के प्रति लोग गंभीर नहीं हैं। यह तब है, जब पुलिस एक माह में सोशल डिस्टेंस का पालन न करने और मास्क न पहनने पर 1535 लोगों के चालान काट चुकी है।
देहरादून शहर में तीन और कंटेनमेंट जोन
कोरोना संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने सोमवार को देहरादून में तीन और नए कंटेनमेंट जोन बनाए। जबकि रविवार को डालनवाला स्थित पर्यटन मंत्री के आवास के आसपास बनाए गए कंटेनमेंट जोन में संशोधन किया गया। जिले में कंटेनमेंट जोन की संख्या अब 19 हो गई है।
इन क्षेत्रों में अग्रिम आदेश तक लोग पूरी तरह कॉलोनी के अंदर ही रहेंगे। बैंक, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके आदेश जारी किए जिसमें आराघर में कलिंगा कॉलोनी को पाबंद किया गया।

वहीं डालनवाला स्थित सर्कुलर रोड पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद उनके आवास वाले क्षेत्र को भी पाबंद किया गया है। इसके अलावा सेवला कंला स्थित ओम सार्थक अपार्टमेंट के आसपास का क्षेत्र भी पाबंद किया है।
जिले में प्रवेश के लिए पास की अनिवार्यता
अनलॉक वन में जिले में प्रवेश के लिए पास की अनिवार्यता को जारी रखा गया है। इसके लिए देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही जिले में सुबह सात से शाम सात बजे तक पहले की तरह दुकानें खुली रहेंगी।
जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में पास की अनिवार्यता को जारी रखा गया है। दूसरे राज्यों से सड़क मार्ग से आने के लिए देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के वेब पोर्टल और सक्षम अधिकारी की ओर से मान्य पास को अनिवार्य किया गया है।
हवाई जहाज से आने वालों क लिए पहले वाली ही व्यवस्था रहेगी। अंतरराज्यीय यात्रा वालों के लिए क्वारंटीन के नियम भी पहले की तरह रहेंगे। वहीं रेलवे और हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों को लाने ले जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रतिबंधित रहेगा।

इन बातों का रखना होगा ध्यान
– सार्वजनिक स्थान, कार्य स्थल और वाहन चलाते समय मास्क लगाना होगा। कार्यालयों में कुर्सी-मेज करने होंगे नियमित अंतराल पर सैनिटाइज
– सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
– पान, मसाला, गुटखा, तंबाकू का सार्वजनिक स्थानों पर सेवन पर होगा जुर्माना

लक्षण नहीं दिखाई देने पर पांच परिजनों को ऋषिकेश एम्स से कर दिया था डिस्चार्ज,बाद में दोबारा पहुंचने पर कर लिया गया भर्ती
कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद ऋषिकेश एम्स में भर्ती राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को अस्पताल से सोमवार शाम छुट्टी देने के बाद रात में दोबारा भर्ती कर लिया गया।
एम्स प्रशासन ने उनमें कोरोना के लक्षण न दिखाई देने और केंद्र की गाइडलाइन का हवाला देकर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया था और होम क्वारंटीन करने की सलाह दी थी। लेकिन कुछ घंटे बाद ही उक्त परिजन दोबारा एम्स पहुंच गए, जिसके बाद उन्हें फिर भर्ती कर लिया गया।
एम्स संस्थान की ओर से सोमवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रोफेसर यूबी मिश्रा ने बताया था कि महाराज और उनकी पत्नी के अलावा उनके परिवार के पांच सदस्यों को संक्रमित पाए जाने के बाद रविवार को एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था।
कोरोना के लक्षण नहीं दिख रहे
उन्होंने बताया था कि परिवार के उक्त सदस्यों को सोमवार शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है। सभी सदस्य एसिम्टमैटिक हैं, लिहाजा उनमें कोविड के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन से वो होम क्वारंटीन किए जा सकते हैं। इसलिए उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।
वहीं, इसके कुछ घंटे बाद ही पांचों सदस्य दोबारा एम्स पहुंच गए जिसके बाद उन्हें फिर भर्ती कर लिया गया। प्रोफेसर यूबी मिश्रा ने इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने इस बाबत जानकारी होने से मना कर दिया कि ऐसा कैसे हुआ। कहा कि महाराज के परिजनों को जिला प्रशासन ने वापस भेजा या किसी और ने, इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, इस मामले में जिलाधिकारी देहरादून से जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

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