भारत में मिलेंगे सबसे सुखी मुसलमान, क्योंकि हम हिंदू हैं:मोहन भागवत

संघ प्रमुख मोहन भागवत
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारी उन्नति अंग्रेजों के वजह से हुई, ये कहना गलत है. हम क्लासलेस सोसायटी की स्थापना वेदों के आधार पर सकते है. हिंदू कोई भाषा या प्रांत नहीं है, ये एक संस्कृति है. नौ दिवसीय दौरे पर ओडिशा पहुंचे हैं संघ प्रमुख भागवतदेश की उन्नति अंग्रेजों की वजह से हुई, ये कहना गलत
भुवनेश्वर, 13 अक्टूबर !आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने किसी के प्रति कोई घृणा न होने पर जोर देते हुए कहा कि संघ का उद्देश्य भारत में परिवर्तन तथा उसे बेहतर भविष्य की ओर ले जाने के वास्ते देश में पूरे समाज को संगठित करना है, न कि केवल हिंदू समुदाय को।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस)के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया में सबसे सुखी मुसलमान भारत में मिलेंगे क्योंकि हम हिंदू हैं. बयान में संघ प्रमुख ने कहा,मारे-मारे यदूही फिरते थे अकेले भारत है,जहां उनको आश्रय मिला. पारसी की पूजा और मूल धर्म सुरक्षित केवल भारत में है. विश्व में सर्वाधिक सुखी मुसलमान, भारत में मिलेंगे. ये क्यों है? क्योंकि हम हिंदू हैं. आरएसएस की शीर्ष निर्णय निर्धारण संस्था अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के मद्देनजर भुवनेश्वर बुद्धिजीवियों की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट करना आवश्यक है और सभी वर्गों को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए तथा आरएसएस इस दिशा में काम कर रही है।
इससे पहले उन्होंने कहा कि हमारी उन्नति अंग्रेजों के वजह से हुई, ये कहना गलत है. हम क्लासलेस सोसायटी की स्थापना वेदों के आधार पर सकते है.हिंदू कोई भाषा या प्रांत नहीं है,ये एक संस्कृति है जो भारत के लोगों की सांस्कृतिक विरासत है.उन्होंने कहा,आरएसएस लक्ष्य सिर्फ हिंदू समुदाय को बदलना नहीं हैं,बल्कि देश में पूरे समाज को संगठित करना है.साथ ही हिंदुस्तान को बेहतर भविष्य की ओर ले जाना है.शनिवार को बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि सबसे सही तरीका यह है कि अच्छा व्यक्ति तैयार किया जाए,जो समाज और देश को बदलने में अहम भूमिका निभा सके.
संघ प्रमुख ने समाज में बदलाव को जरूरी बताया और कहा कि 130 करोड़ लोगों को बदलना संभव नहीं है.उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छे व्यक्ति तैयार करना जरूरी है,जो स्वच्छ चरित्र का हो और हर गली,हर कस्बे में नेतृत्व करने की क्षमता रखता हो.उन्होंने कहा, ”हमारी किसी के प्रति कोई घृणा नहीं है। एक बेहतर समाज बनाने के लिए हमें एक साथ आगे बढ़ना चाहिए जो देश में बदलाव ला सकें और उसे विकास में मदद दे सकें। ओडिशा के नौ दिन के दौरे पर आए भागवत ने कहा, ”यह हमारी इच्छा है कि आरएसएस ठप्पा हट जाए और आरएसएस तथा समाज एक समूह के तौर पर काम करें। चलिए सारा श्रेय समाज को दें। भारत की विविधता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा देश एक सूत्र से बंधा है।
उन्होंने कहा, ”भारत के लोग विविध संस्कृति, भाषाओं, भौगोलिक स्थानों के बावजूद खुद को एक मानते हैं।
भागवत ने कहा कि एकता के इस अनूठे अहसास के कारण मुस्लिम, पारसी और अन्य जैसे धर्मों से संबंधित लोग देश में सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, ”पारसी भारत में काफी सुरक्षित हैं और मुस्लिम भी खुश हैं।
समाज में बदलाव लाने की दिशा में उन्होंने कहा कि सही तरीका यह है कि ऐसे उत्कृष्ट इंसान तैयार किये जाए जो समाज को बदलने तथा देश की कायापलट करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सके क्योंकि 130 करोड़ लोगों को एकसाथ बदलना मुमकिन नहीं होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने कहा कि समाज में बदलाव लाना जरूरी है ताकि देश की किस्मत बदले और इसके लिए उत्कृष्ट इंसान तैयार करना आवश्यक है, ऐसा इंसान जिसका साफ-सुथरा चरित्र हो और जो प्रत्येक सड़क तथा शहर में नेतृत्व करने में सक्षम हो।
गौरतलब है कि संघ प्रमुख नौ दिवसीय दौरे पर ओडिशा के सतरुदे पहुंचे हैं. इस दौरान 17 से 20 अक्टूबर तक कार्यकारी मंडल की बैठक होगी, जिसमें जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और तीन तलाक बिल जैसे केंद्र सरकार के कदमों पर चर्चा होने की उम्मीद है.इस दौरान उनके साथ भैयाजी जोशी भी होंगे। उन्होंने बताया कि आरएसएस कार्यकारिणी समिति की बैठक यहां एक निजी विश्वविद्यालय में 16 से 18 अक्टूबर तक होगी। सूत्रों ने बताया कि भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा आरएसएस की बैठक में शामिल हो सकते हैं। उनका अगले सप्ताह ओडिशा का चार दिवसीय दौरा करने का कार्यक्रम है।

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