बड़ा फैसला,पदोन्नति में आरक्षण खत्म,रोक भी हटी; हड़ताल खत्म

उत्तराखंड में खत्म हुआ पदोन्नति में आरक्षण, रोक भी हटी; हड़ताल से लौटे कर्मचारी
उत्तराखंड में अब पदोन्नति में आरक्षण को खत्म कर दिया गया है। साथ ही सरकार ने पदोन्नति पर लगाई रोक को हटा दिया है। …

देहरादून, । उत्तराखंड में अब पदोन्नति में आरक्षण को खत्म कर दिया गया है। सरकार ने पदोन्नति पर लगाई रोक को हटा दिया है, जिसके बाद अब बिना आरक्षण के प्रमोशन दिया जाएगा। वहीं, शासन से मिले इस आदेश के बाद लंबे समय से आंदोलन कर रहे जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल भी खत्म हो गई है।
उत्तराखंड में जनरल-ओबीसी इमप्लॉयज एसोसिएशन के कर्मचारी दो मार्च से पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर थे। कर्मचारियों की मांग थी कि पदोन्नति में लगी रोक हाटाने, आरक्षण खत्म करने और आरक्षण रोस्टर में की गई नई व्यवस्था को यथावत रखा जाए। उनका आंदोलन लगातार उग्र होता देख राज्य सरकार की ओर से उन्हें हड़ताल से वापस बुलाने की काफी कोशिशें हुई, लेकिन बात नहीं बन पाई। एसोसिएशन लगातार अपनी मांगों पर अड़ा रहा।
15 वें दिन टूटा गतिरोध, सीएम ने निगम कर्मचारी महासंघ से की बात
मुख्य सचिव को बैठक करने के दिए निर्देश, महासंघ ने आज से आंदोलन में शामिल होने की दी थी चेतावनी
उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एससी-एसटी कर्मचारियों को अब प्रमोशन में आरक्षण नहीं दिया जाएगा। इसके तहत जल्द शासनादेश जारी होगा।
बुधवार को भाजपा सरकार ने जनरल ओबीसी संगठन के पक्ष में हड़ताल पर गए कर्मचारियों की सभी मांगें मान ली है। बता दें कि जनरल ओबीसी संगठन कर्मचारी प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर दो हफ्ते से ज्यादा समय से बेमियादी हड़ताल पर थे। आज मुख्य सचिव और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई वार्ता में उनकी मांगों पर सहमति बनी। जिसके बाद कर्मचारियों ने ढोल नगाड़े पर नाचकर खूब जश्न मनाया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रमोशन पर रोक के मसले पर राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ से वार्ता की। उन्होंने मुख्य सचिव को इस संबंध में बैठक करने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत मुख्य सचिव ने आज महासंघ के नेताओं के साथ बैठक की।
महासंघ ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर बुधवार से उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की बेमियादी हड़ताल में शामिल होने की चेतावनी दी थी। सोमवार को इस संबंध में महासंघ की ओर से मुख्य सचिव को एक पत्र भी सौंपा गया था।
महासंघ के प्रदेश महासचिव बीएस रावत के मुताबिक, मंगलवार को महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गोसाईं व उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की थी। सीएम से मुलाकात की और प्रमोशन से रोक हटाने का अनुरोध किया था।
सीएम ने दूरभाष पर मुख्य सचिव को मांग के संबंध में महासंघ से वार्ता करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री सुरेश चंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में पत्र जारी किया।
कोरोना वायरस से बचाव को लेकर 50 से अधिक लोगों की भीड़ पर रोक लगाने के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए मंगलवार को सैकड़ों जनरल ओबीसी कर्मचारियों ने परेड मैदान में जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया।
इस दौरान बीच बीच में पुलिस की ओर से धरना स्थल के आसपास प्रशासन ने मुनादी कर 50 से अधिक लोगों की भीड़ जुटने पर कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की। लेकिन मुनादी से बेपरवाह कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा और प्रदेश में बिजली, पानी, बस सेवाएं ठप कर देने की चेतावनी दी।
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए कर्मचारी मुंह पर मास्क लगाकर धरना स्थल पर पहुंचे। इनमें कई कर्मचारी अपने परिवार के सदस्यों के साथ धरने में शामिल हुए।
भाजपा विधायकों का समर्थन जारी
मंगलवार को भाजपा विधायक विनोद कंडारी, भरत चौधरी और केदार सिंह रावत ने भी जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के आंदोलन का समर्थन किया था।
इसके साथ ही उनके पक्ष में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में सरकार से निर्णय लेने का अनुरोध किया था। उनसे पहले भी भाजपा कई विधायक सीएम को पत्र लिख चुके थे।
नवीं की छात्रा यशस्वी ने आरक्षण पर किया प्रहार
धरना स्थल पर परिवार के साथ पहुंची नवीं कक्षा की छात्रा यशस्वी सेमवाल ने आरक्षण पर प्रहार किया था। कहा था कि माइनस अंक पाने वाले आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार का चयन एवं प्रतिभाशाली को बाहर का रास्ता दिखाना समानता के अधिकार का हनन है।
आखिरकार बुधवार को कर्मचारियों का आंदोलन रंग लाया और पदोन्नति में आरक्षण को खत्म कर दिया गया। साथ ही पदोन्नति पर लगी रोक को भी हटा दिया गया है, जिसके बाद से ही कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त जनरल ओबीसी एम्प्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की है। गुरुवार से सभी कार्मिक अपने-अपने कार्यालयों में जाएंगे। इसके साथ ही आम जनता को परेशानियों से निजात मिल गई है।
कर्मचारियों ने मनाया उत्सव
सरकार के पदोन्नति में आरक्षण को खत्म करने और पदोन्नति पर लगी रोक हटाने के फैसले पर जनरल-ओबीसी कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। उन्होंने परेड़ मैदान में जश्न मनाकर सरकार के फैसले का स्वागत किया।

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