एसआइटी के समक्ष पेश होकर आजम खां ने रखा अपना पक्ष

रामपुर में एसआइटी के समक्ष पेश होकर आजम खां ने रखा अपना पक्ष
जमीन कब्जाने के मामले में दर्ज मुकदमों की जांच के लिए गठित एसआईटी के सामने आज समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां पेश हो गए।
रामपुर, । भू-माफिया घोषित होने के साथ ही 85 केस में नामजद रामपुर के सांसद आजम खां सोमवार को पत्नी डॉ. तजीन फात्मा का नामांकन कराने के बाद सोमवार शाम को एसआइटी के समक्ष पेश हुए। माना जा रहा है कि आजम खां ने जांच एसेंसी के सामने अपना पक्ष रखा है।
रामपुर में मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के मामले में दर्ज मुकदमों की जांच के लिए गठित एसआईटी के सामने आज समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां पेश हो गए। आजम खां शाम को पत्नी डॉ तजीन फातिमा और बेटे विधायक अब्दुल्ला के साथ महिला थाना जाकर आजम एसआईटी इंचार्ज दिनेश गौड़ से मिले और अपनी बात रखी।
एसआइटी सांसद आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों में सुबूत जुटाने में लगी है। हाईकोर्ट ने इन मामलों में आजम खां की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है लेकिन, पुलिस की विवेचना जारी है। पुलिस इस मामले में आजम खां को दो बार नोटिस जारी कर चुकी है। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों को लेकर पहले से ही विवाद है। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन जबरन यूनिवर्सिटी परिसर में मिला ली गई। इस मामले में 30 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें 26 मुकदमे किसानों ने भी कराए हैं। प्रशासन ने इसको लेकर आजम खां को भूमाफिया भी घोषित कर चुका है।
पुलिस अधीक्षक डॉ.अजय पाल शर्मा ने जमीन संबंधी मुकदमों की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) बनाई है। टीम ने पहले यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को नोटिस दिया। रजिस्ट्रार ने जवाब दिया कि यूनिवर्सिटी को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट चलाती है और जमीनों के रिकार्ड ट्रस्ट के पास हैं। इसके बाद एसआइटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए। आजम खां की बहन ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष हैं। उन्हें महिला थाने ले जाकर पूछताछ की गई। विधायक नसीर खां ट्रस्ट के संयुक्त सचिव है। उनसे दो बार पूछताछ की गई।
आजम खां की पत्नी राज्य सभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा, उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम, अदीब आजम के भी बयान दर्ज किए लेकिन, पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सुबूत नहीं आ सके। एसआइटी ने 23 सितंबर को आजम खां को नोटिस जारी किए, लेकिन वह बयान दर्ज कराने नहीं आए। इसी बीच हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। इसके बाद एसआइटी ने 30 सितंबर तक बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया।
दो महीना बाद रामपुर पहुंचे आजम खां, 30 लाख जमा करने के बाद कराया पत्नी डॉ. तज़ीन का नामांकन
भू-माफिया घोषित होने के साथ ही 85 मुकदमों में नामजद आजम खां करीब दो महीने बाद सोमवार को रामपुर पहुंचे। आजम अपनी पत्नी डॉ. तज़ीन फातमा के नामांकन में शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां को करीब दो महीने बाद अपने बीच पाकर रामपुर के लोग काफी अचंभित थे। भू माफिया घोषित होने के बाद सोमवार को रामपुर पहुंचे आजम खां ने कलेक्ट्रेट में अपनी पत्नी डॉ. तज़ीन फातमा का नामांकन कराया। उनकी पत्नी रामपुर में विधानसभा उप चुनाव में समाजवादी की प्रत्याशी हैं। वह फिलहाल राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल नवंबर 2020 तक हैं।
रामपुर में भू-माफिया घोषित होने के साथ ही 85 मुकदमों में नामजद आजम खां करीब दो महीने बाद सोमवार को रामपुर पहुंचे। आजम खां इससे पहले 12 अगस्त को बकरीद पर सार्वजनिक रूप से दिखे थे। आजम खां अपनी पत्नी डॉ. तज़ीन फातमा के नामांकन में शामिल हुए। अब आजम खां की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) के समक्ष पेश होने की संभावना भी है। आजम खां के जमीनों पर कब्जे के मामले में एसआइटी ने उनको पेश होने का नोटिस भेजा है। भेजे गए नोटिस का उन्होंने जवाब नहीं दिया था और न ही पेश हुए थे।
काफी देर तक जमकर नारेबाजी
आजम खां आज पत्नी के नामांकन के दौरान शामिल हुए। आजम खां को अपने बीच देखकर कार्यकर्ताओं में भी जोश भर गया। इस दौरान काफी देर तक आजम खां के समर्थन में नारे भी लगे। आजम खां के पहुंचते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यहां सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट में भी आजम खां साथ ही सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी ने अपने इस मजबूत किले को बचाने की जिम्मेदारी आजम खां को ही सौंपी है। समाजवादी पार्टी ने रविवार को पांच प्रत्याशियों का नाम घोषित किया था। इनमें रामपुर से प्रत्याशी का नाम नहीं था। देर शाम डॉ. तज़ीन फातमा का नाम घोषित किया गया।
समाजवादी पार्टी के कद्दावर आजम खां रामपुर सदर सीट से नौ बार विधायक रहे हैं। 1993 के बाद से समाजवादी पार्टी यह सीट कभी नहीं हारी है। इस बार परिस्थितियां अलग हैं। 84 से ज्यादा मुकदमों में फंसे आजम खां और उनके परिवार के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का भी विषय बन गई है। जहां एक ओर पार्टी को लगता है कि मुस्लिम बाहुल इस सीट पर आजम खां खिलाफ हो रही कार्रवाई से सहानुभूति का लाभ मिलेगा।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव 13 सितम्बर को रामपुर के दो दिन के दौरे पर आए थे। इस दौरान भी आजम खां के विधायक पुत्र अब्दुल्ला आजम खां ने अखिलेश यादव का स्वागत किया था। आजम खां इस दौरान गायब थे।
तज़ीन फातमा ने भरा 30 लाख का जुर्माना
तजीन फात्मा पर बिजली विभाग ने हमसफर रिजॉर्ट में बिजली चोरी के मामले में जुर्माना लगाया था। नामांकन के लिए उन्हें बिजली विभाग की एनओसी जरूरी थी। इसी कारण नामांकन से पहले सपा प्रत्याशी तज़ीन फातमा को 30 लाख का जुर्माना भी भरना पड़ा। बिना जुर्माना भरे उन्हें एनओसी नहीं मिलती। उन्होंने सोमवार सुबह जुर्माना भरकर एनओसी ली, फिर दोपहर में पति आजम खां के साथ नामांकन पत्र दाखिल किया।

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