पटना महावीर मंदिर से अयोध्या में राम रसोई , मिलेगा श्रद्धालुओं को फ्री भोजन

अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद से यहां चहल-पहल काफी बढ़ गई है. पटना महावीर मंदिर की तरफ से यहां राम रसोई की शुरुआत की गई है जहां श्रद्धालु फ्री में खाना खा सकेंगे.
अयोध्या: अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद से राम मंदिर बनने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. इसके साथ ही यहां अब श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कई इंतज़ाम किये जा रहे हैं. इसी कड़ी में यहां अब राम रसोई की शुरुआत की गई है. इसकी स्थापना श्रीराम जन्मभूमि और हनुमान गढ़ी के बीच स्थित अमावा मंदिर में पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर की तरफ से की गई है. इस रसोई में श्रद्धालुओं को रोजाना फ्री में खाना मिलेगा. ये रसोई अक्षय पात्र जैसी होगी यानी तय समय में जितने भी लोग भोजन प्रसाद के लिए यहां आएंगे, सबके लिए खाने का इंतज़ाम रहेगा.
अभी तक सिर्फ एक जगह थी मुफ्त भोजन की व्यवस्था
रसोई की शुरुआत भगवान राम और सीता माता को भोग लगाकर की गई. भोग में पंचमेवा, फल, खीर और दही चढ़ाई गई. इसके साथ ही यहां विशेष आरती भी की गई. अभी तक अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था सिर्फ महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम में ही थी. आपको जानकारी दें कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि राम मंदिर बनने के बाद प्रतिदिन अयोध्या में क़रीब 50 हज़ार लोग भगवान राम का दर्शन करने यहां पहुंचेंगे.
अयोध्या के अमावा मंदिर और पटना के महावीर मंदिर के सचिव आचार्य कुणाल किशोर ने कहा कि राम रसोई की शुरुआत का मकसद यात्रियों को मुफ़्त में भोजन प्रसाद मुहैया कराना है. उन्होंने बताया कि सुबह 11.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक राम रसोई चलेगी. यहां रोज़ाना सबके लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई है. मंदिर ट्रस्ट ने इसके लिए 3 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट तैयार किया है. उन्होंने बताया कि हर दिन श्रद्धालुओं को भोजन देने के लिए एक समिति है जो इसका इंतज़ाम करेगी.
हनुमान मंदिर की तरफ से राम मंदिर के लिए दिए जाएंगे 10 करोड़


कुणाल किशोर ने बताया कि उनकी संस्था ने 5 साल पहले ही राम मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया था. अब जब भी मंदिर निर्माण शुरू होगा उनकी संस्था की तरफ से 5 किश्तों में 10 करोड़ रुपये दान दिए जाएंगे. कुणाल किशोर ने बताया कि जो चावल भगवान राम को भोग के लिए लाया गया है, वो बिहार के कैमूर में माता मुंडेश्वरी मंदिर के पास का गोविंद भोग चावल है. मान्यता है कि माता मुंडेश्वरी मंदिर जिस पहाड़ी पर है, वहां से जब बारिश का पानी बगल के गांवों के खेतों में जाता है तो वो माता के आशीर्वाद से काफ़ी खुशबूदार और स्वादिष्ट होता है.
राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी ने की पहल की तारीफ
राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी सतेंद्र दास ने कहा कि राम रसोई की शुरुआत बहुत अच्छी पहल है. इस रसोई के शुरू होने से हर किसी को राम जन्मभूमि के दर्शन के बाद भोजन आसानी से उपलब्ध होगा. यहां ना जाति देखी जाएगी और ना धर्म यानी बिना भेदभाव के हर किसी को भोजन प्रसाद ग्रहण करने का मौका मिलेगा. सतेंद्र दास ने कहा कि पटना महावीर मंदिर की तरफ से शुरू की गई इस रसोई से लोगों को बहुत लाभ होगा. वहीं, राम रसोई में आये लोगों का कहना है कि जिस तरीक़े से राम रसोई शुरू की गई है यह ख़ुशी की बात है. उन्हें उम्मीद है कि जैसे-जैसे राम मंदिर बनेगा वैसे ही यात्रियों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और अयोध्या का विकास होगा.

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