सीपीआई कराएगी वेदों-उपनिषदों पर संगोष्ठी, सांप्रदायिक फायदे को रोकना है मकसद

हिंदू धर्मग्रंथों और लिपियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सीपीआई संगोष्ठी का आयोजन करेगी. यह तीन दिवसीय संगोष्ठी वेदों और उपनिषदों पर आयोजित की जाएगी.
डी राजा (फाइल फोटो)
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर ! मार्क्सवाद और वेद प्रायः एक दूसरे के विरोधी माने जाते हैं, लेकिन केरल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) इस खाई को पाटने के प्रयास में मार्क्सवाद के साथ संयुक्त रूप से वेद, उपनिषद और पुराण पर संगोष्ठी करवाएगी। कन्नूर स्थित एन ई बलराम स्मृति न्यास के तत्वावधान में वेद, उपनिषद, संस्कृति, कला और साहित्य पर एक संगोष्ठी आयोजित का आयोजन किया जायेगा जहाँ प्रबुद्धजन विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रकट करेंगे। इस तीन दिवसीय संगोष्ठी का नाम ‘भारतीयम-2019’ रखा गया है, जो 25 अक्टूबर से कन्नूर जिले में आयोजित होगी। वेदों और उपनिषदों पर संगोष्ठीतीन दिन तक चलेगी संगोष्ठी .हिंदू धर्म शास्त्र और ग्रंथों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) संगोष्ठी का आयोजन करेगी. यह तीन दिवसीय संगोष्ठी वेदों और उपनिषदों पर आयोजित की जाएगी.
सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा कि 25 अक्टूबर से वेदों और उपनिषदों पर तीन दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इसका मकसद राजनीतिक दलों के जरिए सांप्रदायिक फायदे के लिए हिंदू धर्म शास्त्र और ग्रंथों के इस्तेमाल को रोकना है.
इस तीन दिवसीय संगोष्ठी का नाम ‘भारतीयम-2019’ रखा गया है. 25 अक्टूबर से कन्नूर जिले में इसका आयोजन होगा. सीपीआई सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय महासचिव डी राजा संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे.
कन्नूर स्थित एन ई बलराम स्मृति न्यास के तत्वावधान में वेद, उपनिषद, संस्कृति, कला और साहित्य पर इस संगोष्ठी का आयोजन होगा. यहां कई स्कॉलर विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखेंगे.भाकपा के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय महासचिव डी राजा संगोष्ठी का उद्घाटन करेंगे जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शामिल होने की संभावना है। इस कदम को दक्षिण भारतीय प्रदेश केरल में संघ परिवार के बढ़ते प्रभाव को रोकने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी कन्नूर में श्रीकृष्ण जयंती पर बालगोकुलम की शोभा यात्रा निकालकर ऐसा ही आयोजन किया था। भाकपा के वरिष्ठ नेता सी एन चंद्रन ने कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता इस आयोजन में भाग नहीं लेंगे। चंद्रन ने कहा कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति इस संगोष्ठी में भाग ले सकता है। न्यास के अध्यक्ष चंद्रन ने कहा, ‘‘हम इस तरह की संगोष्ठियां आयोजित करते थे। वेद और उपनिषदों के विभिन्नों पहलुओं पर नौ शोध पत्र प्रस्तुत किये जाएंगे।’’ पीटीआई-भाषा से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘वेद और ईसाइयत’ तथा ‘वेद, बौद्ध धर्म और सूफी’ जैसे विषयों पर अलग से शोध पत्र प्रस्तुत किए जायेंगे। चंद्रन ने कहा कि संगोष्ठी में इस विषय पर चर्चा होगी कि वामपंथी विचारधारा का वेद और उपनिषद के प्रति क्या रवैया रहा है और पार्टी के विचारकों का इसके प्रति क्या नजरिया रहा। उन्होंने कहा कि वेद और उपनिषद वैज्ञानिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन संघ परिवार के लोग इन विषयों पर अपना एकाधिकार मानते हैं और आज के दौर में उनकी गलत व्याख्या करते हैं। चंद्रन के अनुसार भाकपा इस संगोष्ठी के माध्यम से वेदों की सही और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करने का प्रयत्न करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *