एक्साइज ड्यूटी बढ़ने पर भी 76 रू. से अधिक नहीं होगा पैट्रोल

पेट्रोल-डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। सऊदी और रूस के बीच चल रहे ‘प्राइस वॉर’ के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमते 30 फीसदी तक गिरी है जिसके चलते भारत में पेट्रोल डीजल के दामों में कमी आई है। अभी लोग पैट्रोल डीजल के गिरते दाम से खुश ही हुए थे कि आज ही सरकार ने पेट्रोल डीजल के दामों पर 3 रुपये एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर शनिवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में गिरावट से लाभ उठाने की पूरी कोशिश की है। सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल सस्ता होने की वजह से ये फैसला लिया गया है।

एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद ये है दाम

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में शनिवार को लगातार 10वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट आई है। एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद भी ग्राहकों के लिए कीमतें थोड़ी कम हुई हैं। पेट्रोल की कीमतें 13 मार्च को दिल्ली-70, कोलकाता-72.70, मुंबई-75.70, चेन्नई- 72.71 रुपये थीं तो वहीं, 14 मार्च को कीमत दिल्ली- 69.87, कोलकाता-72.57, मुंबई 75.57 और चेन्नई- 72.57 रुपये हो गई है। इसके अलावा डीजल की कीमतें 13 मार्च को दिल्ली -62.74, कोलकाता-65.07, मुंबई-65.68, चेन्नई -66.19 रुपये थीं वो वहीं, 14 मार्च को कीमत दिल्ली -62.58, कोलकाता-64.91, मुंबई-65.51 और चेन्नई -66.02 रुपये हो गई है।

एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के पीछे ये है वजह

बता दें कि दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद बढ़ी आशंकाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इसकी वजह से भारतीय मुद्रा रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। ब्रेंट क्रूड पिछले दिनों 34 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। जानकारों का कहना है कि कोरोना के चलते आने वाले दिनों में कच्चे तेल में और भी ज्यादा गिरावट आ सकती है।

सरकार ने बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी,होगा 39,000 करोड़ रुपये का फायदा

पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा।आज देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कमी दर्ज की गई है।कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम 72.57 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
शनिवार को पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो गया है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला सड़क उपकर भी एक-एक रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। सरकार ने अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी। पेट्रोल और डीजल की कीमत में एक्साइज ड्यूटी, वैट और डीलर की कमीशन निहित होता है।

सरकार को होगा 39,000 करोड़ रुपये का फायदा

इस फैसले से अर्थव्यवस्था में आई कमजोरी से जूझ रही सरकार को अतिरिक्त धन जुटाने में मदद मिलेगी। तीन रुपये की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी की दर 22.98 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। इसी प्रकार डीजल पर एक्साइज दर 15.83 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 18.83 रुपये हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से सरकार सालाना 39,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त कमा पाएगी।
आईओसीएल की वेबसाइट के अनुसार, शनिवार को देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में कमी दर्ज की गई है। यानी आज ग्राहकों को एक लीटर पेट्रोल व डीजल के लिए शुक्रवार के मुकाबले कम पैसे चुकाने होंगे।

प्रमुख महानगरों में इतना है दाम

आईओसीएल की वेबसाइट के मुताबिक, आज दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 13 पैसे कम हुई है और चेन्नई में यह 14 पैसे कम हुई है, दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के लिए लोगों को 69.87 रुपये चुकाने होंगे। वहीं कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में इसका दाम 72.57 रुपये प्रति लीटर हो गया है। डीजल की बात करें, तो दिल्ली में यह 31 पैसे कम हुआ है। कोलकाता में 16 पैसे और मुंबई और चेन्नई में यह 17 पैसे सस्ता हुआ है। इन महानगरों में एक लीटर डीजल के लिए लोगों को क्रमश: 62.58, 64.91,65.51 और 66.02 रुपये चुकाने होंगे।

इसलिए बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी

उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी का नतीजा सामान्य तौर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के रूप में सामने आता है लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय दरों में गिरावट के हिसाब से समायोजित हो जाएगी और कीमतों में इजाफा नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में गिरावट से होने वाले लाभ को बढ़ाने की कोशिश में सरकार ने यह फैसला लिया है। आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि पेट्रोल पर विशेष उत्पाद शुल्क प्रति लीटर दो रुपये बढ़ाकर आठ रुपये कर दिया है तो वहीं डीजल पर यह शुल्क दो रुपये बढ़कर अब चार रुपये प्रति लीटर हो गया है। मौजूदा वित्तीय हालातों में इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य विकास कार्यों के लिए जरूरी फंड जुटाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

मोदी सरकार ने कब-कब बढ़ाई ड्यूटी

साल 2014 में पेट्रोल पर टैक्स 9.48 रुपये प्रति लीटर था और डीजल पर 3.56 रुपये। नवंबर 2014 से जनवरी 2016 तक केंद्र सरकार ने इसमें नौ बार इजाफा किया। इन 15 सप्ताह में पेट्रोल पर ड्यूटी 11.77 और डीजल पर 13.47 रुपये प्रति लीटर बढ़ी। इसकी वजह से 2016-17 में सरकार को 2,42,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई, जो 2014-15 में 99,000 करोड़ रुपये थी। बाद में अक्तूबर 2017 में यह दो रुपये कम की गई। हालांकि इसके एक साल बाद ड्यूटी में फिर से 1.50 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया। इतना ही नहीं, जुलाई 2019 में यह एक बार फिर दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी गई।

ऐसे जानें आपको शहर में कितना है दाम

अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमत जानने के लिए आपको 92249 92249 पर एसएमएस भेजना होगा। एसएम एस में आपको RSP स्पेस> पेट्रोल पंप डीलर का कोड लिखना होगा। डीलर का कोड आपको आईओसीएल की वेबसाइट से मिल जाएगा।

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत

बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बादल इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

कीमत तय करने का ये है आधार

विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं।

डीलर भी जोड़ते हैं अपना मार्जिन

डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

रूस और सउदी के बीच प्राइस वॉर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। ये गिरावट रूस और सउदी अरब के बीच कोरोना वायरस के चलते शुरू हुए प्राइस वार के कारण हुई है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में 1991 के बाद ये सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है। तेल की मांग कम होने के बाद भी आपूर्ति पहले जैसी ही हो रही है। ऐसे हालात में तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC और सहयोगियों के बीच तेल उत्पादन में कटौती के सिलसिले में बैठक हुई,लेकिन इसको लेकर कोई समझौता नहीं हो पाया।

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत

बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बादल इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

कीमत तय करने का ये है आधार

विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पेट्रोल और डीजल के दाम रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं।

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