पिकअप,कार और 2 बाइकें गहरी खाई में, 11 की मौत,15 घायल,दो लापता

केदारनाथ हाईवे पर बोल्डर की चपेट में आने से आठ यात्रियों की मौत, दो लापता
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक कार और दो बाइकें पहाड़ी से गिरे बोल्डर और मलबे की चपेट में आ गई। दो बाइकों पर सवार पांच यात्रियों की मौत हो गई जबकि दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
रुद्रप्रयाग, । केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर फाटा से पांच किमी आगे चंडीकाधार में चट्टान टूटने से एक कार और दो बाइकें पहाड़ी से गिरे बोल्डर और मलबे की चपेट में आ गई। दो बाइकों पर सवार पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारी-भरकम बोल्डर के साथ कार 400 मीटर गहरी खाई में समा गई, उसमें कितने लोग सवार थे, अभी कुछ पता नहीं चल पाया। दो लोगों के कार में सवार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। रेस्क्यू दल लापता यात्रियों की खोजबीन में जुटा हुआ है। हादसे में मरने वालों की संख्या अधिक हो सकती है।
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय करीब 60 किलोमीटर दूर केदारनाथ मार्ग पर चंडिकाधार के पास शनिवार रात यह हादसा हुआ। गौरीकुंड जाने वाले हाईवे पर फाटा से करीब चार किलोमीटर आगे अचानक पहाड़ी से भारी-भरकम बोल्डर और मलबा हाईवे पर गिरने लगा। वहां से गुजर रहे वाहन चालक कुछ समझ पाते तब तक कुछ वाहन बोल्डर और मलबे की चपेट में आ गए। फिलहाल दो बाइक और एक कार के दुर्घटनाग्रस्त होने का पता चला है।
घटना का पता चलने पर कुछ यात्रियों ने निकटवर्ती गुप्तकाशी थाने की पुलिस की इत्तिला किया। कुछ देर बाद गुप्तकाशी के थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखुरी रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर बाद राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीम भी वहां पहुंच गई।रुद्रप्रयाग के आपदा परिचालन केंद्र प्रभारी हरीश चन्द्र शर्मा ने बताया कि शनिवार की शाम को रंजीत शर्मा, हासिद और रवि कुमार घायल हालत में मिले थे। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही तीनों मौत हो गयी। दुर्घटना के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन अंधेरे के कारण रात को काम रोकना पड़ा।
रविवार सुबह बरामद हुए पांच शव
रविवार सुबह राहत दल को खाई में पांच शव मिले। ऊंचाई से गिरने की वजह से शव क्षतिग्रस्त हो गए। इस कारण शवों की फिलहाल शिनाख्त नहीं हो सकी। रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट मंगेश गिलडियाल ने बताया कि कार में सवार लोग लोग केदारनाथ मंदिर से लौट रहे थे। हालांकि अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि दुर्घटना का शिकार हुए वाहनों में कुल कितने लोग सवार थे।
थानेदार और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चंद्र ने बताया कि पता चला कि दो बाइकों पर पांच यात्री सवार थे। सभी की मौत हो गई। उनके शव भी बरामद कर लिए गए हैं, जबकि उनके दो साथी लापता है। मलबे के साथ कार खाई में समा गई । दो लोगों के इसमें होने को अनुमान लगाया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि लापता लोगों की खोजबीन की जा रही है। थानेदार ने बताया कि मृतकों में एक की शिनाख्त सुखजीत शर्मा (पुत्र ललित शर्मा निवासी ऋषिकेश) के रूप में हुई है। बाकी अन्य की शिनाख्त नहीं हो पाई है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं।

हादसे में मृतकों के नाम
1-मोहम्मद हरशीद खान (21) पुत्र हसन मोहम्मद, ग्राम व पोस्ट बराकलान, जिला इटावा, उत्तर प्रदेश।
2-बीरू लाल (42) पुत्र मदन लाल, निवासी मैखंडा, थाना गुप्तकाशी।
3-सुरजीत सिंह (26) पुत्र ललित शर्मा, निवासी चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश।
4-रविकुमार (25) पुत्र सुखपाल सिंह, निवासी शीशम झाड़ी, मुनिकीरेती, ऋषिकेश।
5- उमा जोशी (47) पत्नी स्व. एलपी जोशी, निवासी जवाहरनगर, अगस्त्यमुनि।
6- मोहित त्यागी पुत्र बलिस्टर त्यागी, निवासी ग्राम हृदयपुर मंडोला, जिला गाजियाबाद, यूपी।
7-विशाल त्यागी पुत्र संजय त्यागी, निवासी ग्राम हृदयपुर मंडोला, जिला गाजियाबाद, यूपी।
8-जयपाल पुत्र रिसाल सिंह, निवासी रेहमान थाना, सितावली, जिला सोनीपत, हरियाणा।

काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग पर भी हादसा, पिकअप खाई में गिरी, तीन की मौत
इससे पहले हल्द्वानी में भी शनिवार देर रात काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग पर रौसिल गांव के पास शनिवार रात करीब आठ बजे रामलीला देखने जा रहे लोगों से भरी पिकप करीब 10 फीट गहरी खाई में गिरकर पेड़ से अटक गई। हादसे में दो बालकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 15 अन्य घायल हो गए। तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे में खष्टी देवी (55), दीपांशु (12 ) और प्रकाश चंद (11) की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही काठगोदाम थानाध्यक्ष नंदन सिंह मेहता तीन उपनिरीक्षकों और सात सिपाहियों को लेकर रेस्क्यू में जुट गए और घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से बेस और एसटीएच में भर्ती कराया गया।
एसटीएच में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी टीम के साथ और बेस अस्पताल में भी डाक्टरों की टीम इलाज में जुटी रही। थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि चालक वीरेंद्र सिंह मेहता भी चोटिल हो गया था।
खतरनाक बना हुआ है स्लाडिंग जोन
गौरीकुंड हाईवे पर चंडिकाधार स्लाइडिंग जोन पिछले कई समय से काफी खतरनाक स्थिति में है। ऑलवेदर प्रोजेक्ट के तहत यहां पर हाईवे की कटिंग कार्य की जा रही है, इसकी वजह से यहां खतरा और भी बढ़ गया है। आए दिन पहाड़ी से बोल्डर व मलबा गिरने की वजह से हर वक्त दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

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