उप्र विधानमंडल विशेष सत्र में विपक्षी नेताओं की आवाज- भ्रष्टाचार बदस्तूर

36 घंटे से अधिक अनवरत चले सरकार के गुणगान के बीच यह संदेश भी उतनी ही दमदारी से गूंजा कि मुख्यमंत्री की सख्ती के बावजूद भ्रष्टाचार बदस्तूर चल रहा है।
लखनऊ, । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती पर आयोजित विधानमंडल के विशेष सत्र में विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद पहुंचे चंद विधायकों ने सरकार को आईना दिखा दिया। 36 घंटे से अधिक अनवरत चले सरकार के गुणगान के बीच यह संदेश भी उतनी ही दमदारी से गूंजा कि मुख्यमंत्री की सख्ती के बावजूद भ्रष्टाचार बदस्तूर चल रहा है।
पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के काले कारनामे इस विशेष सत्र की कार्यवाही में दर्ज हो चुके हैं। विशेष सत्र से जब गैर हाजिरी का फैसला विपक्ष ने लिया तो तय हो गया था कि अब सिर्फ सरकार की उपलब्धियों का गुणगान होगा। पहले दिन बुधवार को हुआ भी यही लेकिन, गुरुवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव, बसपा विधायक असलम राइनी और कांग्रेस विधायक राकेश सिंह ने चाशनी के साथ कड़वी हकीकत भी परोस दी। चूंकि इन सभी ने सरकार के अच्छे कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा भी की, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि विपक्षी होने के नाते वे आरोप लगा रहे हैं।
लगाए यह आरोप
– तहसीलों में भ्रष्टाचार पसरा पड़ा है। बिना पैसे के कोई काम नहीं हो रहा।
– मेरी विधानसभा के एक लड़के का अपहरण हो गया। पुलिस ने 25 हजार रुपये लेने के बाद भी मुकदमा नहीं लिखा। मैंने कप्तान से कहा कि पैसे तो वापस करा दीजिए।
– जसवंत नगर की एक महिला से दुष्कर्म हुआ। पीडि़ता और उसके परिवार वाले चार-पांच दिन थाने गए लेकिन, मुकदमा नहीं लिखा गया।
– बिजली चोरी के मुकदमे की धमकी देकर विभाग वाले खुली वसूली कर रहे हैं।
(शिवपाल यादव)
– मुख्यमंत्री जी आप इलाज के लिए विवेकाधीन कोष की फाइल पर तुरंत साइन कर देते हैं लेकिन, श्रावस्ती के तहसीलदार दो-दो महीने तक फाइल लटकाये रहते हैं।
– मेरे घर के सामने की सड़क के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री काफी पहले पैसा मंजूर कर चुके हैं लेकिन, निर्माण अब तक नहीं हुआ।
– मुख्यमंत्री आप डंडा चला रहे हैं भूमाफिया पर। बलरामपुर में मेरी जमीन पर अर्से से कब्जा है। पंचम तल तक शिकायत कर चुका हूं लेकिन, पुलिस-प्रशासन उसे कब्जामुक्त नहीं करा सका है।
– मेरे क्षेत्र में एक व्यक्ति पर हत्या का झूठा मुकदमा दरगाह शरीफ पुलिस ने दर्ज कर दिया। अब जांच से नाम निकालने के नाम पर पांच लाख रुपये रिश्वत मांगी जा रही है।
(असलम राइनी)
– मेरे क्षेत्र में बिजली कनेक्शन के लिए जूनियर इंजीनियर ने लंबा-चौड़ा एस्टीमेट किसान को सौंप दिया। मैंने फोन पर बात की तो बोले कम कर देता हूं। शिकायत ऊर्जा मंत्री से की तो उन्होंने कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। कार्रवाई के नाम पर दूसरे क्षेत्र में तबादला कर दिया। वहां भी यही काम चल रहा है।

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