केमिस्ट्री के लिए जॉन बी. गुडइनफ,एम. स्टैनली विटिंघम और अकीरा योशिनो को नोबेल

लिथियम-आयन बैटरी का विकास करने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया है।
स्टॉकहोम,। केमिस्ट्री के क्षेत्र में नोबेल फाउंडेशन ने साल 2019 के लिए बुधवार को नोबेल पुरस्कार के नामों की घोषणा की। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में इसके लिए जॉन बी. गुडइनफ (John Goodenough),एम. स्टैनली विटिंघम (Stanley Whittingham) और अकीरा योशिनो(Akira Yoshino) को संयुक्त रूप से रसायन विज्ञान में विजेता के तौर पर नोबेल पुरस्कार दिया गया है। इन्हें लिथियम-आयन बैटरी का विकास करने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया है। नोबेल समिति ने कहा, ‘लिथियम आयन बैटरी ने हमारे जीवन में क्रांति ला दी है और इसका उपयोग मोबाइल फोन से लेकर लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहनों तक हर चीज में किया जाता है।’ समिति द्वारा कहा गया कि अपने काम के माध्यम से, इस वर्ष के रसायन विज्ञान लॉरेट्स ने एक वायरलेस, जीवाश्म ईंधन-मुक्त समाज (fossil fuel-free society) की नींव रखी है। बता दें कि विजेताओं की घोषणा स्टॉकहोम में बुधवार को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के महासचिव गोरण के हैंसन ने की।
पुरस्कार में 9 लाख 18 हजार अमेरिकी डॉलर और एक स्वर्ण पदक साथ में एक डिप्लोमा 10 दिसंबर को प्रदान किया जाएगा।
ब्रह्मांड के विकास और’कॉस्मॉस में पृथ्वी का स्थान’समझने में उनके योगदान के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिलेगा फिजिक्स का नोबेल
स्टॉकहोम में 10 दिसम्बर को एक कार्यक्रम में इन्हें सम्मानित किया जाएगा. तीनों को साझा 90 लाख क्रोना (स्वीडन की मुद्रा) नकद, एक स्वर्ण पदक और एक डिप्लोमा दिया जाएगा.
कनाडाई मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स, स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. तीनों वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड का विकास और ”कॉस्मॉस में पृथ्वी के स्थान” को समझने में उनके योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा.
पुरस्कार का आधा हिस्सा भौतिक ब्रह्माण्ड विज्ञान में सैद्धांतिक खोजों के लिए जेम्स पीबल्स को और दूसरा आधा हिस्सा सूरज की तरह के तारे की परिक्रमा करने वाले ‘एक्सोप्लैनेट’ की खोज के लिए मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को साझा रूप से दिया जाएगा.
‘एक्सोप्लैनेट’ सौर मंडल के बाहर के तारे की परिक्रमा करने वाले ग्रह को कहा जाता है. इन तीनों को साझा 90 लाख क्रोना (स्वीडन की मुद्रा) नगद, एक स्वर्ण पदक और एक डिप्लोमा दिया जाएगा. स्टॉकहोम में 10 दिसम्बर को एक कार्यक्रम में इन्हें सम्मानित किया जाएगा..
जूरी ने कहा, ‘‘उनकी खोजों ने हमारी धारणाओं को हमेशा के लिए बदल दिया है .’’ पीबल्स अमेरिका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय में विज्ञान के अलबर्ट आइंस्टीन प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं जबकि मेयर और क्वेलोज जिनेवा विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं . भौतिकी के नोबेल पुरस्कार का आधा हिस्सा पीबल्स को दिया गया है जबकि शेष राशि अन्य दोनों वैज्ञानिकों को दी गयी है .
इस पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक, एक डिप्लोमा और करीब 90 लाख स्वीडिश क्रोनर (नौ लाख 14 हजार अमेरिकी डालर) दिया जाएगा . तीनों वैज्ञानिकों को यह सम्मान स्टाकहोम में दस दिसंबर को प्रदान किया जाएगा.
दस दिसंबर इस पुरस्कार की शुरूआत करने वाले वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबल की पुण्यतिथि है जिनका निधन 1896 में हुआ था . गौरतलब है कि 2018 में भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार अमेरिका के अर्थर अश्किन, फ्रांस के गेरार्ड मोरोऊ और अमेरिका की डोना स्ट्रिकलैंड को दिया गया था .

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