क्या खायें पका कर ,क्या खायें कच्चा?

क्या आप गाजर-टमाटर कच्चा खाते हैं? अक्सर हम जिन सब्जियों को कच्चा खाते हैं उन्हें पकाकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। इसी तरह जिन्हें पकाकर खाते हैं उन्हें कच्चा खाना फायदेमंद है।
नई दिल्ली । माना जाता है कि कच्चे फल व सब्जियां, पकी हुई सब्जियों या फलों के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होती हैं। इसी चक्कर में हम कई बार उन चीजों को कच्चा खा लेते हैं, जिन्हें पकाकर खाना चाहिए। वहीं हम ऐसी बहुत सी सब्जियों को पकाकर खाते हैं, जिसे कच्चा खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। यहां हम आपको ऐसी 11 चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिसे खाने के तरीके में अक्सर हम गलती कर जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया में हुए एक ताजा अध्ययन में बताया गया है कि खाना पकाने का सही तरीका फल व सब्जी में पोषक तत्वों को कई गुना बढ़ा देता है। आइये जानते हैं किन चीजों को पकाकर खाना चाहिए और किन्हें कच्चा। साथ ही ये भी जानते हैं कि इन चीजों में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं।

कच्ची खायी जाने वाली चीजें

1. चुकंदर (Beetroot) – चुकंदर को लाभकारी तत्वों और विटामिन की वजह से गुणों की खान माना जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी फोलेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनसे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और मोटापे से लड़ने में मदद मिलती है। डायटीशियन के अनुसार चुकंदर को कच्चा खाना सबसे अच्छा होता है। पकाने से इसके पोषक तत्व, विशेष तौर पर विटामिन बी फोलेट की मात्रा 25 फीसद तक कम हो सकती है।

फोलेट (Folate) क्या होता है?

फोलेट विटामिन बी में से ही एक है, ये शरीर में स्वेत रक्त कणिका (White Blood Cells) और लाल रक्त कणिका (Red Blood Cells) का निर्माण करता है। ये कार्बोहाइड्रेड को ऊर्जा में परिवर्तित करता है। गर्भावस्था, बाल अवस्था और किशोरावस्था जैसी तीव्र विकास अवधि के दौरान इसका पर्याप्त सेवन करना अति आवश्यक होता है।
2. ब्रोकली (Broccoli) – पकी हुई या उबाली हुई ब्रोकली आपको स्वाद में अच्छी लग सकती है, लेकिन इसे कच्चा खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, पोटैशियम, प्रोटीन, कैंसर कोशिकाओं और बढ़ती उम्र के लिए जिम्मेदार कोशिकाओं से लड़ने वाले पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. रसभरी, ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी (Raspberries, blueberries and blackberries) – दुनियाभर के डायटीशियन के अनुसार बेरी की तमाम किस्में एन्थोकायनिन (Anthocyanins), एलेजिक एसिड (Ellagic Acid), रेसवेराट्रोल (Resveratrol) जैसे एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidants) तत्वों से भरपूर होती हैं। अगर इन्हें सुखाकर या पकाकर खाया जाए तो इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इतना ही नहीं सूखी बेरी में प्राकृतिक बेरी के मुकाबले तीन गुना तक सुगर की मात्रा बढ़ जाती है। साथ ही सूखने या पकाने पर इनमें कैलोरी भी काफी बढ़ जाती है।
4. लाल मिर्च (Red pepper)
– यदि आप लाल मिर्च के पोषक तत्वों का लाभ उठाना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि इसे कच्चा ही खाएं। लाल मिर्च में विटामिन सी की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। साथ ही इसमें विटामिन B6, विटामिन ई और मैग्नेशियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। लाल मिर्च को पकाते ही इसमें मौजूद विटामिन सी की मात्रा बहुत कम हो जाती है। अगर आपको लाल मिर्च पकाकर ही खानी है तो बेहतर होगा कि इसे भुनकर या तलकर इस्तेमाल में लाएं। इससे इसके पोषक तत्व कम नष्ट होते हैं।
5. लहसुन (Garlic) लहसुन में दो बेहद महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं। पहला सल्फर युक्त अमीनो एसिड (sulphur-rich amino acid) जिसे एलिन (Alliin) भी कहा जाता है। दूसरा प्रोटीन आधारित एंजाइम (protein-based enzyme) जिसे एलिनास (allinase) भी कहा जाता है। इसमें एक दमदार एंटीबॉयोटिक, एंटी फंगल और एंटी वायरल तत्व पाया जाता है। लहसुन में कुल 10 तरह के प्राकृतिक शर्करा (Natural Sugars) जैसे- फ्रुक्टोज, ग्लूकोज और इंसुलिन आदि पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें काफी मात्रा में तांबा, लोहा, जस्ता, टिन, कैल्शियम, मैंगनीज, एल्यूमीनियम, जर्मेनियम और सेलेनियम जैसे ट्रेस खनिज पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद आवश्यक होते हैं। लहसुन में सेलेनियम का स्तर किसी भी अन्य पौथे के मुकाबले काफी ज्यादा होता है। ये सभी पोषक तत्व केवल कच्चे लहसुन में ही उपलब्ध रहते हैं।
6-गोभी
गोभी की सब्जी स्वादिष्ट होती है और कई लोगों को गोभी कच्चा खाना भी अच्छा लगता है। ताजी गोभी में पकी गोभी की अपेक्षा 30 प्रतिशत कम प्रोटीन होते हैं। अगर गोभी को पकाकर खाना है तो इसे भाप से पकाना ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि पानी से पकाने से इसमें मौजूद कई जरूरी एंटीऑक्सिडेंट्स और मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं।
बंद गोभी या पत्ता गोभी
पत्ता गोभी या बंद गोभी में कई ऐसे एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो कैंसर से हमारी रक्षा करते हैं। इसे खाने से शरीर में विषैले पदार्थों को खत्म करने वाले एंजाइम्स भी बढ़ते हैं, जिससे कोलन कैंसर की संभावना कम होती है। पत्ता गोभी को भी अगर आप पकाकर खाने के बजाय कच्चा सलाद के रूप में खाते हैं तो इससे आपको ज्यादा पोषक तत्व मिलते हैं।
7-नारियल
नारियल की चटनी बेहद स्वादिष्ट होती है और दक्षिण भारतीय ज्यादातर खानों में इसका भरपूर इस्तेमाल होता है। लेकिन चटनी बनाने के लिए इसे पकाने से इसमें मौजूद कई तत्व नष्ट हो जाते हैं। नारियल में सोडियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम पाया जाता है। इसे कच्चा खाना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। नारियल शरीर में तुरंत एनर्जी लाता है इसलिए केला की तरह वर्कआउट के बाद नारियल खाना भी आपके लिए बहुत अच्छा है।

पकाकर खायी जाने वाली चीजें

1. टमाटर (Tomato)आमतौर पर हम सलाद में या ऐसे भी टमाटर को कच्चा ही खा लेते हैं। ऐसा माना जाता है कच्चा टमाटर बहुत लाभदायक होता है। हालांकि एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि कच्चे टमाटम के मुकाबले पकाकर खाया जाने वाला टमाटर ज्यादा लाभकारी होता है। कच्चा टमाटर आपको नुकसान कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि टमाटर, अन्य चमकदार फल व सब्जियों के साथ लाइकोपीन (Lycopene) नामक एक प्राकृतिक रूप से मिलने वाले यौगिक के साथ पैक किया जाता है। लाइकोपीन एक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो हृदय संबंधी बीमारियों से बचाता है। टमाटर के साथ लाइकोपीन भी अच्छी तरह से पक जाता है और खाने पर शरीर में अच्छे से मिल जाता है।
2. शतावरी (Asparagus) – इसमें विटामिन ए, सी, ई, फोलेट और पोटैशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसे पकाने से इसकी मोटी कोशिकाएं टूट जाती हैं। पकाने के बाद इसके पोषक तत्व शरीर में आसानी से मिल जाते हैं।
3. बैंगन (Brinjal or Eggplant) – बैंगन विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। पकाने से इसमें मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट एंथोसायनिन की शक्ति बढ़ जाती हैं, जो त्वचा के लिए काफी लाभदायक होता है।
4. गाजर (Carrot) – गाजर को सामान्यतः हम सलाद में या ऐसे भी कच्चा खाते हैं। ऐसा माना जाता है कि कच्चा गाजर काफी फायदेमंद होता है। हालांकि डायटिशियन का मानना है कि कच्चे गाजर के मुकाबले पका हुआ गाजर ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। गाजर में बीटा-कैरोटीन, फाइबर, विटामिन K1, पोटेशियम और एंटी ऑक्सीडेंट काफी मात्रा में मौजूद होता है। पके हुए गाजर में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए में तब्दील हो सकने वाले एंटी ऑक्सीटेंड की मात्रा बढ़ जाती है। ये हमारों आंखों और रोग-प्रतिरोधक प्रणाली के लिए काफी फायदेमंद हो जाता है।

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