सिंधिया समर्थक 16 विधायकों के इस्तीफे बिना शर्त मंज़ूर, कांग्रेस के बचे 92

अब कांग्रेस के 92 विधायक बचे, आज दोपहर 12 बजे इस्तीफा दे सकते हैं कमलनाथ
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश दिए हैं. मध्य प्रदेश में कई दिनों की सियासी उठापटक के बाद अब शुक्रवार को साफ हो जाएगा कि कमलनाथ सरकार बचेगी या गिरेगी. दो दिन की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के सियासी संकट पर अपना फैसला सुना दिया है. शुक्रवार को कमलनाथ सरकार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा. वहीं, इससे पहले कमलनाथ शुक्रवार दोपहर 12बजे मुख्यमंत्री आवास में पत्रकार वार्ता करेंगे. बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री इस्तीफा दे सकते हैं. कल होने वाले फ्लोर टेस्ट को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है. सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से सदन में मौजूद रहना होगा. वहीं इससे पहले आज दिल्ली से लेकर भोपाल तक हलचल रही, जहां भोपाल में कांग्रेस के विधायकों को सज्जन सिंह ने डिनर दिया, तो वहीं दिल्ली में मध्य प्रदेश के सियासी हालात पर बीजेपी के वरिष्ट नेताओं ने चर्चा की।
कमलनाथ ने किया विधायकों के साथ डिनर
फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि कोर्ट के आदेश का और इसके हर पहलू का अध्ययन करेंगे. विधि विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे, सलाह लेंगे, फिर उसके आधार पर फैसला लेंगे. वहीं, कांग्रेस विधायकों के साथ डिनर के बाद मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के घर से निकले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मीडिया से बात नहीं की.
बसों में सवार होकर सज्जन सिंह के घर पहुंचे कांग्रेसी
फलोर टेस्ट से पहले गुरुवार रात कांग्रेस के सभी विधायक सज्जन सिंह वर्मा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने डिनर किया. इस दौरान सभी विधायकों के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ भी मौजूद रहे. सभी विधायक बसों में बैठकर सज्जन सिंह के घर पहुंचे थे. जबकि निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा मेरिएट होटल से कांग्रेस विधायकों वाली बस में सवार नहीं हुए.
दिल्ली में जुटे बीजेपी के वरिष्ठ नेता
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के घर बीजेपी नेताओं की बैठक हुई. जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, धर्मेन्द्र प्रधान, राकेश सिंह ने मध्य प्रदेश के सियासी संकट पर चर्चा की. उधर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि निर्णय से संविधान के प्रावधानों की रक्षा हुई है. वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कल दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
गुरुवार को शाम 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 5 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक फ्लोर टेस्ट के दौरान हाथ उठाकर वोटिंग की जाएगी और सदन की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी होगी.
बेंगलुरु में मौजूद सिंधिया समर्थक विधायकों के फ्लोर टेस्ट में शामिल होने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. SC ने कहा है कि जिन 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं हुए हैं, उन पर फ्लोर टेस्ट में शामिल होने का कोई दबाव नहीं है. अगर विधायक बेंगलुरु से भोपाल आकर फ्लोर टेस्ट में शामिल होना चाहते हैं, तो कर्नाटक और मध्य प्रदेश के डीजीपी को उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी होगी.
सिंधिया समर्थक सभी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर
मध्य प्रदेश में शुक्रवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सभी बागी 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. बता दें कि बेंगलुरु में मौजूद सभी सिंधिया समर्थक विधायकों ने 10 मार्च को स्पीकर को अपना इस्तीफा भेजा था. गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए एनपी प्रजापति ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. न्यायपालिका ने विधायिका को काम करने के लिए कहा है. मेरे खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई.
ANI

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Madhya Pradesh Assembly Speaker NP Prajapati: Resignations of all members of the assembly who had submitted their resignation on 10th March 2020, have been accepted.
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11:41 PM – Mar 19, 2020
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इन 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर
एदल सिंह कंसाना, मनोज चौधरी, राज्यवर्धन सिंह, कमलेश जाटव, सुरेश धाकड़, जसवंत जाटव, रक्षा सिरौनिया, हरदीप सिंह डंग, रघुराज सिंह कंसाना, जजपाल सिंह जज्जी, मुन्नालाल गोयल, ओपीएस भदौरिया, रणवीर जाटव, बिसाहू लाल सिंह, गिर्राज दंडोतिया, बृजेंद्र सिंह यादव
कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे 6 विधायकों का पहले ही हो चुका है इस्तीफा मंजूर
14 मार्च को ही विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने सिंधिया समर्थक इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत और प्रभु राम चौधरी का इस्तीफा मंजूर कर लिया था. गौरतलब है कि ये वही विधायक थे जिन्हें कमलनाथ की सिफारिश पर पहले ही राज्यपाल ने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।

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