कमलेश हत्याकांड में नया खुलासा:मोइनुद्दीन ने भी ‘हिंदू दिखने’ को बनाया था ‘संजय’ नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट

अशफ़ाक़(बाएँ)ने रोहित सोलंकी के नाम पर बनाई थी FB आईडी जबकि मोइनुद्दीन(दाएँ)ने संजय नाम से
कमलेश के साथ UP अध्यक्ष को भी मारने का था प्लान, अशफ़ाक़ ने दिया था राम मंदिर के लिए भीड़ का लालच
हत्यारे अशफाक ने किसी के आधार कार्ड में अपनी फोटो चिपका रची थी कमलेश तिवारी के मर्डर की प्लानिंग
कमलेश तिवारी से दोस्ती के लिए अशफ़ाक़ ने बनाया था फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट, चाकू से किए थे 15 वार
कमलेश तिवारी हत्याकांड में खुलासा हुआ है कि आरोपित मोइनुद्दीन ने सोशल मीडिया पर संजय नाम से फर्जी अकाउंट बनाया हुआ था। इससे पहले अशफाक द्वारा रोहित सोलंकी नाम पर चलाई जा रही फर्जी आईडी..

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अशफ़ाक़ (बाएँ) ने रोहित सोलंकी के नाम पर बनाई थी फेसबुक आईडी जबकि मोइनुद्दीन (दाएँ) ने संजय नाम से
कमलेश तिवारी हत्याकांड में खुलासा हुआ है कि आरोपित मोइनुद्दीन ने सोशल मीडिया पर संजय नाम से फर्जी अकाउंट बनाया हुआ था। इससे पहले अशफाक द्वारा रोहित सोलंकी नाम पर चलाई जा रही फर्जी आईडी का भी पता चल चुका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अशफाक की फर्जी आईडी के बारे में पता लगने के बाद जब जाँच एजेंसियों ने उसके फेसबुक अकॉउंट की पड़ताल की, तो उन्हें संजय नाम की आईडी पर शक हुआ। पूछताछ हुई तो पता चला कि मई में जिस समय अशफाक ने रोहित सोलंकी के नाम पर अपनी आईडी बनाई थी, उसी समय मोइनुद्दीन के लिए भी संजय नाम की फर्जी आईडी बनी थी।
यहाँ बता दें कि कमलेश तिवारी हत्याकांड की जाँच में जुटी टीम ने कुछ दिन पहले ही खुलासा किया था कि अशफाक ने कमलेश तिवारी से परिचय बनाने के लिए उनसे दोस्ती की थी। इसके लिए उसने रोहित सोलंकी नाम से फर्जी अकॉउंट बनाया था जिसकी प्रोफाइल पिक्चर पर उसने हिन्दू राज और भगवा ध्वज की तस्वीर लगाई हुई थी।
अशफाक ने अपने साथ काम करने वाले रोहित के नाम बनाई थी फेसबुक आईडी
कमलेश के साथ UP अध्यक्ष को भी मारने का था प्लान, अशफ़ाक़ ने दिया था राम मंदिर के लिए भीड़ का लालच
हत्यारे अशफाक ने किसी के आधार कार्ड में अपनी फोटो चिपका रची थी कमलेश तिवारी के मर्डर की प्लानिंग
कमलेश तिवारी से दोस्ती के लिए अशफ़ाक़ ने बनाया था फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट, चाकू से किए थे 15 वार
इसी फेक फेसबुक आईडी के जरिए उसने कमलेश तिवारी से बातचीत की, दोस्ती की और फिर मिलने का समय माँगा। फेसबुक पर बातचीत करते हुए अशफ़ाक़ ने रोहित सोलंकी के छद्म नाम का प्रयोग करते हुए कमलेश तिवारी से बातचीत में कहा कि वो हिन्दू समाज पार्टी का सदस्य बनना चाहता है और इसके लिए उनसे मिलना चाहता है। कमलेश तिवारी के नौकर ने भी अपने बयान में बताया था कि आने से पहले हत्यारोपितों ने क़रीब 10 मिनट तक कमलेश तिवारी से बातचीत की थी और घर पहुँचने के बाद भी दोनों की कमलेश तिवारी से क़रीब आधे घंटे तक बातचीत चली।
लेकिन, कुछ देर बाद दोनों ने मौक़ा देखकर कमलेश तिवारी पर धारधार हथियार से 15 वार कर दिए। हाल ही में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि हत्यारों ने पहले उन्हें गोली मारी और फिर धारदार चाकू से सीने पर ही 7 बार वार किए गए। चाकू के वार से गर्दन पर 12 सेंटीमीटर लंबा और 3 सेंटीमीटर गहरा घाव हुआ। गला रेतने के कारण ही कमलेश की मौत हो गई।
कमलेश तिवारी हत्याकांड: आसिम का चौंकाने वाला खुलासा, रशीद नहीं है मुख्य साजिशकर्ता !
कमलेश तिवारी हत्याकांड में सूरत से पकड़ा गया रशीद नहीं बल्कि नागपुर से पकड़ा गया आसिम मुख्य साजिशकर्ता था। जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही पूछताछ में आसिम से मिली जानकारी इसी ओर इशारा कर रही हैं। आसिम ने पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे नामों का खुलासा किया है जो देश के अलग-अलग राज्यों में उसके संपर्क में हैं। हालांकि आसिम ने जांच एजेंसियों को बताया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लोगों को जागरूक करता है, इसीलिए उसने सुन्नी यूथ विंग आतंकवाद विरोधी संगठन बना रखा है।

कमलेश तिवारी हत्याकांड: ‘शाबाश अशफाक, ‘तुमने कौम का नाम रोशन कर दिया, फिक्र मत करना’
‘शाबाश अशफाक, तुमने कौम का नाम रोशन कर दिया। फिक्र मत करना। तुमको महफूज निकाल लूंगा।’ कमलेश की हत्या के बाद यह बात नागपुर निवासी आसिम अली ने अशफाक से कही थी। उसने अशफाक के हौसले की दाद देते हुए दोनों को यूपी से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया। आसिम ने उससे कहा, ‘किसी तरह से कर्नाटक पहुंचो। वहां दोनों के सरेंडर का पूरा इंतजाम कर दिया जाएगा।’ आसिम ने यह जानकारियां बुधवार को पुलिस की पूछताछ के दौरान दी हैं।

एटीएस के अधिकारियों ने पोस्ट किए गए वीडियो के बारे में पूछा जिसमें कमलेश तिवारी को मारने की धमकी दी गई थी, उस पर वह ठीक से जवाब नहीं दे पाया। इतना ही नहीं आसिम और उसके फैंस क्लब से जुड़े फेसबुक पर कई ऐसे एकाउंट जिसमें भड़काऊ पोस्ट और वीडियो अपलोड किए गए हैं उनको भी जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं। जांच एजेंसियां आसिम का फेसबुक एकाउंट, उसके फैंस क्लब और यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करने वालों की भी कुंडली खंगाल रही है। सूत्रों का कहना है कि नागपुर में एक राजनैतिक दल का नगर महासचिव होने के नाते उसे काफी शोहरत मिली हुई थी। उसने धर्म की आड़ में लोगों को उकसाने के लिए इसका इस्तेमाल किया। उसने न सिर्फ यूट्यूब की मदद से अपनी बात अपने फॉलोअर्स तक पहुंचाई बल्कि भड़काऊ भाषणों से ही उसने अपने समर्थकों की संख्या भी बढ़ा ली।जांच एजेंसियां आसिम के एक अन्य करीबी पर भी नजर रख रही है जो भड़काऊ भाषणों को सबसे अधिक लाइक, कमेंट और उसे प्रचारित-प्रसारित करता था। फिलहाल यह तलाश किया जा रहा है कि क्या कमलेश तिवारी हत्याकांड में उक्त व्यक्ति का भी कोई योगदान था या नहीं। इस बारे में जांच एजेंसियां आसिम से पूछताछ कर रही हैं।

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