माइक्रोसाफ्ट की शिक्षा को डिजिटल बदलाव सक्षम बनाने को छात्रों – अध्यापकों के साथ खुली चर्चा

माइक्रोसाफ्ट ने एजुकेशन डेज़ 2019 का आयोजन किया, इस मंच के माध्यम से देश भर के स्कूलों में डिजिटल रूपान्तरण के लिए अपनाई जाने वाली सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का प्रदर्शन किया गया
देहरादून ,22 नवंबर, : छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कौशल के साथ सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध माइक्रोसाफ्ट ने माइक्रोसाफ्ट एजुकेशन डेज़ के दूसरे संस्करण के तहत अपने K12 एजुकेशन ट्रांसफोर्मेशन फ्रेमवर्क को देश भर के स्कूलों में बड़े पैमाने पर रोलआउट किया है। माइक्रोसाफ्ट एजुकेशन डेज़ पर 700 से अधिक स्कूल लीडर्स, शिक्षक और माइक्रोसाफ्ट पार्टनर्स एकजुट हुए, जहां उन्हें लर्निंग के भविष्य पर अपने विचार प्रस्तुत करने का मौका मिला। कार्यक्रम के दौरान माइक्रोसाफ्ट के लीडर्स और माइक्रोसाफ्ट इनोवेटिव एजुकेटर विशेषज्ञों के नेतृत्व में विशेष सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें एआई, टीम, माइनक्राफ्ट और फ्लिपग्रिड जैसी तकनीकों के इस्तेमाल द्वारा लर्निंग के अनुभव को रोचक बनाने के विषय पर विचार प्रस्तुत किए
माइक्रोसाफ्ट K12 एजुकेशन ट्रांसफोर्मेशन फ्रेमवर्क, स्कूलों के व्यापक डिजिटल रूपान्तरण को प्रोत्साहित करने के लिए समग्र ढांचा प्रदान करता है। इसके चार मुख्य स्तंभ हैं- लीडरशिप एवं पालिसी, मार्डन टीचिंग एण्ड लर्निंग; इंटेलीजेन्ट एनवायरमेन्ट और टेक्नोलाजी , 50 से अधिक देशों में एजुकेशन लीडर्स पहले से के12 एजुकेशन ट्रांसफोर्मेशन फ्रेमवर्क को अपना चुके हैं और माइक्रोसाफ्ट के साथ साझेदारी में अपनी लर्निंग रणनीतियों की योजना बना रहे हैं।
इस विषय पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए लैरी नेलसन, रीजनल जनरल मैनेजर- एजुकेशन, माइक्रोसाफ्ट एशिया ने कहा, ‘‘लर्निंग का भविष्य मुख्य रूप से सामाजिक, व्यक्तिगत कारकों से प्रभावित होगा, उसे अध्यापकों और टेक्नोलाजी से समर्थन मिलेगा। स्कूलों से शुरू होने वाला यह बदलाव एक ऐसे प्रत्यास्थ वातावरण का निर्माणा करेगा, जो छात्रों को जीवन एवं कार्य में विभिन्न प्रकार के कौशल जैसे संचार, रचना, तकनीक के इस्तेमाल, टीम में काम करना, समस्या के समाधान आदि सीखने में सक्षम बनाएगा।
इस अवसर पर मनीष प्रकाश, कंट्री जनरल मैनेजर- पब्लिक सेक्टर, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, माइक्रोसाफ्ट इण्डिया ने कहा, ‘‘माइक्रोसाफ्ट ने पिछले एक दशक में भारत की शिक्षा प्रणाली में डिजिटल बदलाव लाने के लिए पर्याप्त निवेश किया है। हाल ही हमने सरकार के साथ मिलकर स्कूलों में एआई के प्रवेश पर काम किया, ताकि देश के बच्चों को सशक्त बनाकर भारत के आने वाले कल को सशक्त बनाया जा सके।’’

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