मदद में भारत पाक और बांग्लादेश से भी पीछे, वजह बनी अनौपचारिकता

दान पुण्य वाले इस देश के बारे में यह रिपोर्ट दिल को धक्का देने वाली और अविश्वसनीय लगती है ! किसी गुरूद्वारे में ही पहुंच जाओ तो आपकी इस बारे में शिकायत खत्म हो जायेगी जहां न आपका नाम पूछा जाता है न धर्म और क्षेत्र ! हां, उसमें औपचारिकता का अभाव है ! अब औपचारिक दान पुण्य को गुण माने कि कोई कमी? यह आप पर निर्भर है ! इस रिपोर्ट के मुताबिक विपत्ति और कठिन दौर में किसी की मदद करने की भारतीयों की आदत में फिर गिरावट आई है.एक तिहाई भारतीयों ने किसी अजनबी की मदद की, चार में से एक ने पैसे दान किए और पांच में से एक ने अपना समय दूसरों की मदद में लगाया. रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग कम होने की वजह परिवार, समुदाय और धार्मिक कामों में अनौपचारिक रूप से दी गई मदद को बताया गया है. इस रिपोर्ट में भारत में दूसरों की मदद में दान करने के लिए और अधिक औपचारिक तरीकों की सिफारिश की गई है. (सांकेतिक फोटो)
सीएफ वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स (World Giving Index) ने पिछले 9 साल (2009-2018) में 128 देशों के 13 लाख लोगों पर सर्वे (Survey) किया है. अक्टूबर 2019 में इस रिपोर्ट को ऑनलाइन (Online) प्रकाशित किया गया है. इस सर्वे के दौरान लोगों से कई तरह के सवाल पूछे गए.
नई दिल्ली. भारतीय (Indian) उदारता दिखाने के मामले में दक्षिण एशिया (South Asia) के कई देशों (Countries) से भी पिछड़ गए हैं. विपत्ति और कठिन दौर में किसी की मदद करने की भारतीयों की आदत में फिर गिरावट आई है. भारत (India) उदारता दिखाने या यूं कहें परोपकार (Charity) करने के मामले में अपने पड़ोसी देशों पाकिस्तान (Pakistan),नेपाल (Nepal),श्रीलंका (Sri Lanka)और म्यांमार (Myanmar, Burma) से भी पीछे है. दुनिया के और दूसरे देशों की तुलना में भी भारतीयता की दयालुता में कमी आई है. ‘व‌र्ल्ड गिविंग इंडेक्स-2019 में भारत का स्थान 82वां हो गया है. बता दें कि यह इंडेक्स चैरिटीज एण्‍‍ड फाउंडेशन (सीएएफ) तैयार करता है. फाउंडेशन दुनियाभर के देशों के लोगों की दानशीलता का सर्वे कर रैंक देता है.
पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि दूसरों की मदद करने के मामले में भारत दुनियाभर के 128 देशों की लिस्ट में 82वें स्थान पर है. सीएएफ वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स (डब्ल्यूजीआई) में ये बात सामने आई है. ऐसे में सवाल यह है कि परोपकार के मामले में भारत बाकी एशियाई देशों के समान आगे क्यों नहीं बढ़ रहा है?
भारत दुनियाभर के 128 देशों की लिस्ट में 82वें स्थान पर है.(फोटो साभार-सीएएफ)
बता दें कि वर्ल्ड गिविंग इंडेक्स ने बीते 9 साल (2009-2018) में 128 देशों के 13 लाख लोगों पर सर्वे किया है. अक्टूबर 2019 में इस रिपोर्ट को ऑनलाइन प्रकाशित किया गया है. इस सर्वे के दौरान लोगों से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी परोपकार के काम में पैसे दान किए हैं? क्या किसी अजनबी की मदद की है? कुछ समय पहले दूसरों की मदद में अपना समय दिया है? ये सर्वे ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) की एक चैरिटी एड फाउंडेशन (सीएएफ) की तरफ से कराया गया है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक एक तिहाई भारतीयों ने किसी अजनबी की मदद की(फोटो साभार-सीएएफ)
व‌र्ल्ड गिविंग इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में उतार-चढ़ाव होते रहे हैं. भारत 2010 में सबसे कम 134वें और पिछले साल सबसे अच्छे 81वें स्थान पर रहा. इस साल की रिपोर्ट में सभी देशों का पिछले 10 साल के आंकड़े दिए गए हैं. इस साल डब्ल्यूजीआई में भारत का कुल स्कोर 26% था. पडो़सी देश पाकिस्तान 69वां रैंक मिला है और भारत के 26 प्रतिशत डब्ल्यूजीआई स्कोर के मुकाबले पाकिस्तान ने 29 प्रतिशत स्कोर किया है. एक और पड़ोसी देश बांग्लादेश को 81वां रैंक मिला है और उसने भी 26 प्रतिशत स्कोर किया है. चीन इस लिस्ट में सबसे आखिरी पायदान पर है. चीन 16 प्रतिशत स्कोर के साथ इस लिस्ट में 126वें नंबर है.
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडेक्स में शुरु के 10 देशों में से 7 दुनिया के सबसे धनी देश हैं. लेकिन फिर भी दुनियाभर के देशों में उदारता में कमी आ रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों की मदद करने के लंबे इतिहास वाले अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में भी व्यक्तिगत तौर पर दान देने की आदत में अब कमी आ गई है.
भारत का 26% डब्ल्यूजीआई स्कोर, अमेरिका के 58% के आधे से भी कम है.भारत का 26% डब्ल्यूजीआई स्कोर, अमेरिका के 58% के आधे से भी कम है.(फोटो साभार-सीएएफ)
बता दें कि भारत का 26% डब्ल्यूजीआई स्कोर, अमेरिका के 58% के आधे से भी कम है. इस लिस्ट में अमेरिका सबसे ऊपर है जबकि चीन 16% के स्कोर के साथ इंडेक्स में सबसे नीचे है. चीन को इंडेक्स के तीनों मानकों (अजनबी की मदद करने, धन दान करने और स्वयं सेवा करने) में सबसे कम स्कोर मिला है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक एक तिहाई भारतीयों ने किसी अजनबी की मदद की, चार में से एक ने पैसे दान किए और पांच में से एक ने अपना समय दूसरों की मदद में लगाया. रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग कम होने की वजह परिवार, समुदाय और धार्मिक कामों में अनौपचारिक रूप से दी गई मदद को बताया गया है. इस रिपोर्ट में भारत में दूसरों की मदद में दान करने के लिए और अधिक औपचारिक तरीकों की सिफारिश की गई है.
धर्मार्थ सहायता कैसे प्राप्त करें
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