विवाहित पुरुष से अफेयर: विज्ञान की हां, भुक्तभोगियों की ना

Neena Gupta- शादीशुदा पुरुष से अफेयर मत करो, साइंस- ये तो होगा!
नीना गुप्‍ता (Neena Gupta) जो भी कहें. विकासवाद का जीव विज्ञान (Evolutionary biology) किसी शादीशुदा पुरुष के लिए सिंगल महिला के मन में उमड़ने वाले ख्‍याल को बड़े ही दिलचस्‍प ढंग से परिभाषित करता है- ‘एक औरत का खजाना, दूसरी औरत का खजाना होता है.’
फिल्‍म अभिनेत्री नीना गुप्‍ता (Neena Gupta) ने कुंवारी लड़कियों को सलाह दी है कि वे शादीशुदा पुरुषों (married men) से रिलेशनशिप बनाने से बचें. दिल्‍ली के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक मेहरा से विवाहित नीना पहले वेस्‍ट इंडीज क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स (Vivian Richards) के साथ रिलेशनशिप में थीं. विवियन उस दौरान विवाहित थे. उनसे शादी के बिना ही उन्‍होंने बेटी मसाबा (Masaba Gupta) को जन्‍म दिया. नीना ने इंस्‍टाग्राम पर पोस्‍ट किए गए वीडियो में कहा कि ऐसी रिलेशनशिप का परिणाम दुखदायी ही होता है. शुरुआत में शादीशुदा पुरुष कहते हैं कि पत्‍नी से उनकी बन नहीं रही है. वे उसे छोड़ना चाहते हैं. फिर आप उनके साथ मेलजोल बढ़ाने लगती हो. धीरे धीरे यह नजदीकी इतनी बढ़ जाती है कि आप उनसे शादी करना चाहती है. इसके बाद शादीशुदा पुरुष टालमटोल करना चाहते हैं. तब तक कि जब तक आप उनसे किनारा न कर लो. लेकिन, नीना गुप्‍ता का ये अनुभव उनकी ही तरह का अनुभव रखने वाली महिलाओं के लिए नया नहीं है. न ही समाज इस पहलू से अनजान है. नीना गुप्‍ता को भी इन आशंकाओं के बारे में पहले से पता होगा. तो फिर महिलाएं शादीशुदा पुरुषों के साथ रिश्‍ते क्‍यों बनाती हैं?

पुरुषों को इसमें ज्‍यादा खुश होने की जरूरत नहीं है. ये महिलाओं के ही दिमाग का फितूर है जिससे वे शादीशुदा पुरुषों की ओर आकर्षित होती हैं. और यदि थोड़े से मोटे हों तो सोने पर सुहागा. विकासवाद का जीव विज्ञान (Evolutionary biology) इसे अलग-अलग संज्ञाओं से नवाजता है. दरअसल, महिलाएं अन्‍य महिलाओं द्वारा चुने गए पुरुषों को अपने चुनाव की प्रक्रिया में प्री-एप्रूव्‍ड मानती हैं. इसे आप थर्ड पार्टी अप्रूवल भी कह सकते हैं. लगभग सभी प्रजातियों की मादाओं में यह कॉमन रूप से पाया जाता है. इस प्रवृत्ति में यह बात मायने नहीं रहती कि अमुक पुरुष अपने गृहस्‍थी में कैसा है. इतना ही काफी रहता है कि उसे गृहस्‍थी बनाने के लायक समझा गया है. इस प्री-एप्रूव्‍ड साथी की फिलॉसफी के अलावा भी कई कारण मौजूद हैं जिनसे शादीशुदा पुरुषों की दुकान रिलेशनशिप के मार्केट में खूब चलती है

विवियन रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में रहीं नीना गुप्‍ता अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं.

दूसरे की पसंद, अपनी पसंद: अंग्रेजी में इसे Mate-Choice Copying भी कहते हैं. वैसे तो यह प्रवृत्ति महिला और पुरुषों दोनों में पाई जाती है, लेकिन महिलाओं पर इसका प्रभाव कुछ अलग ही नजर आता है. एक अध्‍ययन में जाहिर हुआ है कि महिलाओं ने ऐसे पुरुषों की तस्‍वीर को ज्‍यादा देर तक देखा, जिन्‍हें शादीशुदा या रिलेशनशिप में पेश किया गया था. जबकि रिलेशनशिप में रही महिलाओं को लेकर पुरुषों में दिलचस्‍पी कम थी.

ओकलाहोमा स्‍टेट यूनिवर्सिट की स्‍टडी ने तो चौंकाने वाली तस्‍वीर पेश की. कॉलेज छात्राओं को एक पुरुष की तस्‍वीर दी गई, और ये बताने के बाद भी कि वह रिलेशनशिप में है, 90 फीसदी लड़कियों ने उसे आकर्षक माना. और यही तस्‍वीर कुछ अन्‍य लड़कियों को दिखाई गई यह कहकर कि लड़का सिंगल है, तो सिर्फ 59 प्रतिशत लड़कियों को ही वह आकर्षक लगा.

एक ताजा अध्‍ययन कहता है कि युवा, खासतौर पर कम अनुभवी लड़कियां शादीशुदा पुरुषों की तरफ ज्‍यादा आकर्षित होती हैं. जरनल ह्यूमन नेचर में प्र‍काशित यह रिपोर्ट भी विकासवाद के उन सिद्धांतों का समर्थन करती है, जिसमें यह पाया जाता है कि महिलाएं पहले से शादीशुदा पुरुषों को रिलेशनशिप के लिए ज्‍यादा ‘सुरक्षित’ विकल्‍प मानती हैं. हालांकि, गंभीर और अनुभवी महिलाएं अपने साथी के चुनाव के लिए ज्‍यादा परिष्कृत पैमाने बनाती हैं. हालांकि, यही स्‍टडी यह भी स्‍पष्‍ट कर देती है कि किसी शादीशुदा पुरुष के मामले में यदि महिलाओं को यह पता हो कि वह पांच रिलेशनशिप में रहा है, तो अनुभवहीन महिलाएं भी उसे सिरे से नकार देती हैं. यानी महिलाओं की नजर में पहली शादी के बाद भी एक पुरुष आकर्षक बना रह सकता है, लेकिन पांचवीं शादी के बाद नहीं.

खूबसूरत पत्‍नी वाले पुरुष ज्‍यादा आकर्षक: शादीशुदा पुरुष का आकर्षण सिर्फ उसका अपना लुक या पर्सनालिटी नहीं है. बल्कि सिंगल महिलाओं की नजर ऐसे पुरुष की पत्नियों पर भी होती है. ऐसे विवाहित पुरुषों को लेकर महिलाएं सोचती हैं कि उसकी खूबसूरत पत्‍नी की जगह वे क्‍यों नहीं हो सकतीं? स्‍टडी कहती है कि खूबसूरत पत्‍नी वाले पुरुषों का आकर्षण महिलाओं की नजर में बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है.

लेकिन, आखिर में बात होती है तो अंगूठी की ही: तस्‍वीरें और कहानियां सुनाकर पुरुषों के आकर्षण को लेकर किए गए प्रयोगों के अलावा एक अध्‍ययन ऐसा भी हुआ, जिसमें महिलाओं को शादीशुदा और सिंगल पुरुष से अलग-अलग मिलने का मौका दिया गया. इसके बाद इन महिलाओं से सिलसिलेवार सवाल किए गए. यहीं पर फीडबैक पलट गया. महिलाओं ने कुंवारे पुरुषों को शादीशुदा पुरुष की तुलना में ज्‍यादा पसंद किया. उनसे पूछा गया था कि वे किसके साथ डिनर पर जाना पसंद करेंगी, किसके साथ सेक्‍स करना चाहेंगी, या वे किसके साथ रिलेशनशिप की शुरुआत करना पसंद करेंगी या वे किसे अपने घर बुलाना चाहेंगी. इन सभी सवालों के जवाब में सिंगल पुरुषों को शादीशुदा पुरुषों की तुलना में वरीयता मिली. तो क्‍या ये कहा जाना चाहिए कि सिंगल महिलाएं शादीशुदा पुरुषों को पसंद तो करती हैं, लेकिन व्‍यावहारिक रूप से नहीं?इसे यूं भी समझना चाहिए कि महिलाएं शादीशुदा पुरुषों को पसंद तो करती हैं लेकिन उनका पाने की जद्दोजहद करने से बचती हैं. इसमें किसी और की अमानत छीन लेने की चुनौती और उसका तनाव भी एक वजह है. इसी आकर्षण में पड़कर यदि जिंदगी का सफर बेवफाई की ओर चल पड़ता है, तो विकासवाद में मिली इंसानी बढ़त को खो देने का खतरा पैदा हो जाता है.

किसी और की अमानत में अपना साथी खोजने की प्रवृत्ति का सबसे विसंगति भरा पहलू ये है कि शादीशुदा होने से पुरुष का आकर्षण बढ़ जाता है. लेकिन वह जैसे ही किसी दूसरी महिला के साथ रिलेशनशिप में जाता है, वह आकर्षण उतना ही तेजी घट भी जाता है. तो याद रखिए, शादी के बाद पुरुषों को यदि महिलाओं से ज्‍यादा तवज्‍जो मिले तो वे उसे अपने लड़कपन से बाहर आते शरीर के उत्‍साहवर्धन तक ही सीमित रखें. उससे ज्‍यादा कुछ नहीं.

और महिलाओं के लिए सबक यही है कि विज्ञान भले ही उन्‍हें शादीशुदा पुरुषों की ओर धकेल रहा हो, लेकिन जिंदगी के अहम मोड़ पर नीना गुप्‍ता के अनुभव ही काम आएंगे.

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