शिवसेना को मुख्यमंत्री पद दे सरकार बनाने को तैयार एनसीपी, रखी भाजपा से गठबंधन तोड़ने की शर्त

एनसीपी ने तो अपना दांव खेल ही दिया है ,जिसका अब शिवसेना को जवाब देना है ! हालांकि कांग्रेस को शिवसेना से वैचारिक परहेज है ! लेकिन वह राजनीतिक परिस्थितियां के अनुसार सरकार को बाहर समर्थन दे सकती है ! एनसीपी ने शिवसेना के सामने भाजपा से अपना गठबंधन तोड अपना एकमात्र केंद्रीय मंत्री वापस बुलाने की शर्त रखी है। अयोध्या फैसले का इसमें कोई रोल नही है क्योकि एनसीपी और कांग्रेस दोनों ही इसमें कोर्ट का फैसला मानने की बात कह चुके हैं ! इस बीच कांग्रेस और एनसीपी ने राज्यपाल कोशियारी ये मिलने का समय मांग लिया है जो आज मिलने की संभावना है। (फाइल फोटो)
एनसीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद उन्हें नहीं चाहिए. गठबंधन होता है तो शिवसेना पांच साल के लिए सीएम पद रख सकती है लेकिन सूबे में दो उप मुख्यमंत्री होंगे जिसमें से एक एनसीपी और एक उनका होगा.
बातचीत में एनसीपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि शिवसेना (Shiv Sena) हमारे साथ गठबंधन में सरकार बनाती है तो पांच साल के लिए मुख्यमंत्री (Chief Minister) उनका होगा. हमें मुख्यमंत्री का पद नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि इस स्थिति में दो उप मुख्यमंत्री के पद होंगे उनमें भी एक शिवसेना का ही होगा.
मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) के परिणाम आने के बाद पिछले 11 दिन से सरकार बनाने को लेकर जारी खींचतान के बीच मंगलवार को एनसीपी (NCP) ने बड़ा बयान दिया है. अभी तक विपक्ष में बैठने की बात करने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने सरकार बनाने की इच्छा जताते हुए शिवसेना के सामने सरकार गठन के लिए कुछ शर्त रखी हैं. एक बातचीत में एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि यदि शिवसेना (Shiv Sena) हमारे साथ गठबंधन में सरकार बनाती है तो पांच साल के लिए मुख्यमंत्री (Chief Minister) उनका होगा. हमें मुख्यमंत्री का पद नहीं चाहिए.’ उन्होंने कहा कि इस स्थिति में दो उप मुख्यमंत्री के पद होंगे उनमें भी एक शिवसेना का ही होगा, लेकिन ये बातें तभी संभव होंगी जब शिवसेना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ अपना गठबंधन तोड़ ले.
कांग्रेस का मिलेगा बाहरी सपोर्ट
एनसीपी नेता के अनुसार केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री यदि इस्तीफा दे दें तो एनसीपी गठबंधन के बारे में सोच सकती है. ऐसे में महाराष्ट्र में सरकार निर्माण के दौरान उन्हें कांग्रेस का बाहर से सपोर्ट मिलेगा.
शरद पवार ने बनना चाहा मुख्यमंत्री तो…
एनसीपी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को मुख्यमंत्री पद नहीं चाहिए.गठबंधन होता है तो शिवसेना पांच साल के लिए मुख्यमंत्री पद रख सकती है,लेकिन सूबे में दो उप मुख्यमंत्री होंगे जिसमें से एक एनसीपी और एक उनका (एनसीपी) होगा.लेकिन इस दौरान एनसीपी नेता ने एक और बात कह दी. उनके अनुसार इस स्थिति में भी बदलाव संभव है,यदि शरद पवार ने मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई तो इसे बदला जाएगा,लेकिन अभी की स्थितियों को देखते हुए ऐसा कुछ नहीं हो रहा है.एनसीपी ने कहा कि हम कैबिनेट में कुछ महत्वपूर्ण पदों की जरूर मांग करेंगे.
एनसीपी नेता ने कहा कि इस बात पर अयोध्या भूमि विवाद का कोई असर नहीं होगा. इसका कारण है कि एनसीपी ने पहले ही कह दिया है कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा वो उसका समर्थन करेंगे. ऐसे में इस मामले से सरकार बनाने या गठबंधन पर कोई असर नहीं होगा. हालांकि एनसीपी नेता के प्रस्ताव पर शिवसेना ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
शिवसेना के साथ सरकार बनाने में एनसीपी को नहीं दिक्‍कत, दुविधा में कांग्रेस
सूत्रों के मुताबिक एनसीपी को शिवसेना के साथ सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन यह शिवसेना के प्रस्ताव और कांग्रेस के बाहरी समर्थन पर निर्भर करेगा.शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले की मांग के कारण भाजपा साथ सरकार गठन पर गतिरोध जारी है. इसके चलते शिवसेना समेत विपक्षी दल अन्‍य विकल्‍पों पर भी विचार कर रहे हैं. इस सिलसिले में एनसीपी नेता शरद पवार ने कल सहयोगी कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार बनाने में कांग्रेस फिलहाल दुविधा है. ये भी कहा जा सकता है कि कांग्रेस की फिलहाल इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है.
सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी ने सोमवार की बैठक में शरद पवार से कहा कि हमारे पास आंकड़े नहीं है लेकिन आगे की राजनीतिक परिस्थिति के मुताबिक कांग्रेस विचार करेगी. दरअसल सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस का शिवसेना से वैचारिक मतभेद महाराष्ट्र में सरकार बनाने में बड़ा रोड़ा माना जा रहा है.वैसे सूत्रों के मुताबिक एनसीपी को शिवसेना के साथ सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन यह शिवसेना के प्रस्ताव और कांग्रेस के बाहरी समर्थन पर निर्भर करेगा. आज शरद पवार मुंबई में पार्टी के प्रमुख नेताओं से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे. ज़रूरत के हिसाब से सोनिया गांधी से आगे की बातचीत या मुलाकात करेंगे.
कांग्रेस-एनसीपी ने गवर्नर से मिलने का वक्‍त मांगा
सियासी गहमागहमी के बीच विपक्षी खेमे के बीच कांग्रेस नेताओं ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात का वक्‍त मांगा है. एनसीपी के नेताओं के साथ गवर्नर से मिलने का समय राजभवन से मांगा गया है. राजभवन से अभी वक्त नहीं मिला है. हालांकि आज मिलने की उम्मीद है.

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