90% जलकर भी एक किमी दौड़ी रेप पीड़िता, खुद ही 100 नंबर पर किया कॉल

उन्नाव: 90% जलकर भी 1 km तक दौड़ी रेप पीड़िता, खुद ही 100 नंबर पर किया कॉलउन्नाव में रेप पीड़िता को जलाने के मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
उन्नाव में रेप पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले में एक चश्मदीद सामने आया है. चश्मदीद के मुताबिक जब वह सुबह अपने घर के बाहर कुछ काम कर रहा था, तभी आग की लपटों से घिरीं हुई पीड़िता मदद के लिए उसके पास पहुंची.
उन्नाव. गैंगरेप पीड़िता (Gangrape victim) को जिंदा जलाने (Burning Alive) के मामले में एक चश्मदीद रविंद्र प्रकाश सामने आया है. उनके अनुसार जिंदा जलाए जाने के बाद पीड़िता करीब एक किलोमीटर तक दौड़ते हुए उसके पास मदद के लिए पहुंची थी. इसके बाद उसके फोन से पीड़िता ने खुद ही 100 नंबर पर डायल किया और पुलिस को घटना की सूचना दी. पीड़िता से बात के बाद पीआरवी और पुलिस मौके पर पहुंची.
रविंद्र प्रकाश ने बताया कि वह वहां से दौड़ती हुई चली आ रही थी और बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी. जब हमने पूछा कौन तो उसने बताया कि अपनी पहचान बताई. रविंद्र कहते हैं, ‘हम डर गए, वह पूरी तरह से जली हुई थी. हमें लगा ये चुड़ैल है. हम पीछे भागे और डंडा उठाया इस दौरान हमने कुल्हाड़ी लाओ, कुल्हाड़ी लाओ आवाज भी लगाई.’

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले में चश्मदीद रविंद्र ने दास्तान बयां की है.
रविंद्र आगे बताते हैं, ‘पहचान जानने के बाद भी हमारा डर कम नहीं हुआ और उससे दूर खड़ा रखा. इसके बाद पीड़िता ने हमसे फोन मांगा और खुद ही 100 नंबर पर बात की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे लेकर चली गई.’
उधर, पुलिस ने इस मामले में 2 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों को अभियुक्त बनाया गया है. उनके खिलाफ 307, 326, 506 धारा में केस दर्ज किया गया है.
गैंगरेप पीड़िता की हालत बेहद गंभीर, एयरलिफ्ट कर भेजा जा रहा दिल्ली
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को गंभीर हालत में दिल्ली एयरलिफ्ट किया जा रहा है.
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को एयरलिफ्ट करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने सिविल अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. ट्रैफिक पुलिस को शाम 6 बजे से ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने के आदेश दिए गए हैं.
जिंदा जलाए जाने के बाद बुरी तरह झुलसी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता (Unnao Gangrape Victim) जिंदगी और मौत से जूझ रही है. 90 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी पीड़िता की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. लखनऊ के सिविल अस्पताल (Civil Hospital) के डॉक्टरों की राय के बाद प्रशासन अब उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराने जा रहा है. पीड़िता को एयरलिफ्ट करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने सिविल अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. ट्रैफिक पुलिस को शाम 6 बजे से ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने के आदेश दिए गए हैं. जानकरी के अनुसार प्रशासन ने एयरलिफ्ट कराने के लिए सिविल हॉस्पिटल को कह दिया है. शाम 7 से 7.30 के बजे तक पीड़िता को एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया जाएगा.
बता दें इससे पहले पीड़िता को देखने के लिए गुरुवार को उसकी मां और बहन पुलिस की कड़ी सुरक्षा में सिविल अस्पताल पहुंचीं. लखनऊ के सिविल अस्पताल के निदेशक डॉक्टर डीएस नेगी ने बताया कि पीड़िता की हालत बेहद गंभीर है. उन्होंने बताया कि पीड़िता 90 फीसदी से ज्यादा जली हुई है. उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान पीड़िता ने कुछ बातचीत भी की. यहां प्लास्टिक सर्जन की देखरेख में पीड़िता का इलाज हो रहा है.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने UP DGP को भेजा नोटिस
उधर घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission For Women) ने यूपी के डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) से केस में विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है. इसमें पीड़िता के केस दर्ज करवाने की तारीख से अब तक की कार्रवाई मांगी गई है. साथ ही पूछा गया है कि ये भी बताएं कि अगर साबित हुआ है तो रेप पीड़िता को सुरक्षा नहीं देने के लिए किन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसके अलावा महिला आयोग ने डीजीपी से उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ पिछले 3 साल में हुए जघन्य अपराधों और उनमें दी गई जमानतों की रिपोर्ट भी तलब कर ली है. एनसीडब्ल्यू की तरफ से कहा गया है कि जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजें.
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को भेजे गए पत्र में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने लिखा है कि महिलाओं के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए तमाम कानून होने के बाद भी उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों से आयोग विचलित है.

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