कमलेश तिवारी की हत्या:खून से सने हुए भगवा कपड़े मिले खालसा होटल के कमरे से

मुख्यमंत्री योगी परिजन से मिले,हत्यारे होटल के बेसमेंट के कमरा में रुके और एक थाली खाना मंगाया
हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के हत्यारों की तलाश में लगी पुलिस को कैसरबाग कोतवाली क्षेत्र के खालसा होटल के एक कमरे से खून से सने हुए भगवा कपड़े मिले हैं।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के परिजन से मुलाकात की। 18 अक्टूबर को लखनऊ में दो हमलावरों ने कमलेश की हत्या कर दी थी। मुख्यमंत्री ने कमलेश के परिवार को हत्यारों को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। कमलेश की पत्नी ने हत्यारों के लिए फांसी की मांग की है।
योगी बोले- भय का माहौल तैयार करने वालों से सख्ती से निपटेंगे
योगी सरकार ने कमलेश के परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है। योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा था कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। भय और आतंक का माहौल तैयार करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। सरकार उनके मंसूबों को ध्वस्त करेगी।
वहीं, कमलेश के बेटे सत्यम ने कहा कि हम एनआईए से जांच कराना चाहते हैं। पिता के साथ सुरक्षा गार्ड थे, फिर भी वारदात हो गई। ऐसे में स्थानीय प्रशासन पर कैसे भरोसा करें। कमलेश की मां ने दावा किया है कि गांव में मंदिर को लेकर विवाद में स्थानीय भाजपा नेता ने बेटे की हत्या कराई।उधर, पुलिस को सुबह लखनऊ स्थित खालसा होटल से हमलावरों के भगवा कुर्ते और एक बैग मिला। वे सूरत से आकर इसी इसी होटल में ठहरे थे। पुलिस के हाथ उनके पहचान पत्र भी लगे हैं।
पुलिस ने कमलेश की हत्या के मामले में शनिवार को सूरत से तीन और बिजनौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी फरीद और अशफाक फरार हैं। जांच में सामने आया है कि घटना की साजिश दुबई में रची गई। हत्या को अंजाम देने के लिए सूरत में गैंग बनाई गई। इसके बाद लखनऊ जाकर हत्या की गई।
हमलावर असली पहचान पत्र से होटल में रुके थे
पुलिस के मुताबिक, फरीद और अशफाक असली पहचान पत्र के जरिए 17 अक्टूबर से खालसा होटल में ठहरे थे। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में शनिवार को गुजरात के सूरत से तीन षडपंत्रकारियों की गिरफ्तारी के बाद हत्या को अंजाम देने वालों की तलाश में लगी पुलिस को रविवार को सफलता मिली है। हत्यारों की तलाश में लगी पुलिस को राजधानी लखनऊ में एक होटल के कमरे से खून से सने भगवा कपड़ों के साथ बैग भी मिला है। होटल घटना स्थल से ढाई से तीन किमी दूरी पर है।
हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के हत्यारों की तलाश में लगी पुलिस को कैसरबाग कोतवाली क्षेत्र के खालसा होटल के एक कमरे से खून से सने हुए भगवा कपड़े मिले हैं। संदिग्धों ने 17 अक्टूबर को इस होटल में कमरा लिया था। हत्यारों ने 17 को रात 11:8 बजे खालसा होटल में एंट्री के समय मैनेजर अनस को 2000 का नोट दिया था। रूम 1300 रुपए का था। जिसमे से एक हजार रुपए वापस ले लिए थे। हत्यारों ने 18 अक्टूबर को वारदात को अंजाम देने के बाद होटल में जाकर खून से सना हुआ कुर्ता बदला था। जिससे पुलिस ने आज बरामद कर लिया है। दोनों हत्यारोपी ने हत्या से पहले होटल मैनेजर से ख़ुर्शीदबाग की मजार का पूछा पता। उसके बाद पूछा इमामबाड़ा का पता। बिना किराया दिए होटल से हुए फरार।
कमलेश तिवारी की हत्या के प्रकरण में लखनऊ पुलिस ने बड़ी सफलता का दावा किया है। शनिवार रात को राजधानी के लालबाग स्थित खालसा होटल में पुलिस ने संदिग्धों के कपड़े और बैग बरामद किया है। होटल का कमरा बंद होने की सूचना पर लखनऊ पुलिस मौके पर पहुंची और फील्ड यूनिट को बुलाकर विभिन्न साक्ष्य एकत्रित किया।
बेसमेंट में कमरा नम्बर जी 103 में रुके, सिर्फ एक थाली मंगाई
शेख अशफाकुल हुसैन और मोईनुद्दीन पठान बेसमेंट में कमरा नम्बर जी 103 में रुके थे। इन लोगों ने रात 11:40 बजे खाने के लिए थाली आर्डर की। सिर्फ एक थाली मंगाई। करीब 11:55 पर थाली की डिलीवरी हुई। खाना खाने के बाद वहां मोइनुद्दीन खुद थाली लेकर रिसेप्शन पर देने पहुंचा। इस बीच शेख अशफाकुल कमरे को लॉक करके निकला। सिगरेट की दुकान पूछी। इसने बाद दोनों बाहर गए। इसके बाद रात करीब 12:50 पर लौट और सो गए। अगले दिन सुबह 10:38 पर दोनों भगवा कपड़े पहनकर तैयार होकर निकले। इन दोनों ने काउंटर पर मिठाई का डिब्बा रखा। इसी डिब्बे में चाकू तथा पिस्टल रखी थी। इस दौरान रिसेप्शन पर बाबा हजरत अब्बास की दरगाह और इमामबाड़ा का पता पूछा। इसके बाद दोनों पैदल निकले।
दिन में दोनों करीब 1:21 बजे वापस लौटे। इस दौरान मोइनुद्दीन ने अपना दाहिना हाथ जेब मे डाल रखा था। दोनों कमरे में गए और 1:40 बजे करीब बाहर निकलने के बाद शाम को आने की बात कहकर चले गए। इन दोनों ने बैग और सारा सामान कमरे में छोड़ा था।
होटल के सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीर

लखनऊ के नाका इलाके में खालसा होटल में सीसीटीवी कैमरे में हत्या के आरोपियों की तस्वीर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 17/18 अक्टूबर की रात 12 बजकर 8 मिनट पर होटल में चेक इन किया था। 18 अक्टूबर की सुबह 11 बजकर 38 मिनट पर दोनों आरोपी भगवा कपड़े पहने होटल से निकलते हुए नजर आ रहे है। आरोपियों के हाथ में थैला भी नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि कमलेश के कातिल होटल के त्र-103 में रुके थे। इन आरोपियों की पहचान मोइनुद्दीन और अशफाक के रूप में हुई है। जिनकी तलाश पुलिस छापेमारी कर रही है।
आरोपियों ने 17 अक्टूबर को होटल में कमरा लिया था। हत्यारों ने 18 अक्टूबर को वारदात को अंजाम देने के बाद होटल में जाकर खून से सना हुआ कुर्ता बदला था, जिसे पुलिस ने आज बरामद कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने कपड़ों की जांच की। होटल के कमरे से पुलिस को भगवा कपड़े के अलावा मोबाइल फोन, शेविंग किट और आरोपियों के बैग मिले हैं। इसके साथ पुलिस के अधिकारियों ने भी मौका मुआयना किया गया। वहीं होटल वालों ने संदिग्धों की पहचान गुजरात के युवकों के रूप में की है।
फोरेंसिक टीम ने पड़ताल की दो भगवा रंग के बरामद कुर्तों में खून लगा मिला। पुलिस ने कमरे से दो बैग भी बरामद किए हैं। हमलावरों के स्थानीय मददगार कोई है या नहीं, इसकी अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है।’
गुजरात के युवक
कैसरबाग के लालबाग स्थित होटल खालसा इन के मालिक हरविंदर सिंह ने लखनऊ फील्ड यूनिट को होटल में दो संदिग्ध युवकों के ठहरने की सूचना दी थी। जिसमें पता चला कि गुजरात के शेख अशफाक हुसैन (पुत्र जाकिर हुसैन) और पठान मोइनुद्दीन (पुत्र अहमद जिलानी) अपार्टमेंट नंबर 15, पद्मावती सोसाइटी लिम्बायत सूरत के रहने वाले थे। होटल में उन्होंने इसी आईडी से रूम बुक कराया था।
गुरुवार की रात 11 बजकर आठ मिनट पर आए थे संदिग्ध
होटल के रजिस्टर में दोनों संदिग्ध युवकों के आने का समय 11 बजकर आठ मिनट दर्ज है। शुक्रवार 18 अक्टूबर सुबह 10 बजकर 38 मिनट पर होटल से निकल गए थे। जिसके बाद फिर से एक बजकर 21 मिनट पर वापस आए और एक बजकर 37 मिनट पर चले गए। जिसके बाद से होटल का रूम बंद था।
खून से सने थे कपड़े
होटल के कमरे में बनी हुई अलमारी में बैग लोअर, लाल रंग का कुर्ता आदि सामान पड़ा है। बेड पर एक भगवा रंग का कुर्ता और एक बैग रखा हुआ था। भगवा रंग के कपड़े पर खून के धब्बे लगे हुए थे। तौलिया खोला गया तो उसमें भी खून लगा हुआ था। जिओ मोबाइल का नया डिब्बा भी रखा हुआ था, शेविंग किट, चश्मा आदि सामान रखा हुआ था। पड़ताल के बाद विधिक कार्यवाही के बाद होटल का कमरा सील कर दिया गया।
कमलेश तिवारी इस हत्याकांड में अब तक गुजरात से तीन और बिजनौर से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बिजनौर के दौ मौलानाओं की भी भूमिका की जांच की जा रही है। 2015 में इन दोनों मौलानाओं ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वालों को डेढ़ करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की थी।

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