विपक्षी नेताओं से बैठक और महाराष्ट्र समीकरण बैठाने दिल्ली आएंगे शरद पवार

महाराष्ट्र के सियासी समीकरण बैठाने के लिए दिल्ली आएंगे शरद पवार, विपक्षी नेताओं से करेंगे बैठक
महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी को जहां 105 सीटें मिली हैं, वहीं शिवसेना को 56 सीटों पर जीत मिली है. वहीं एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत हासिल की है.
मुंबई: महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर अभी तक पेंच फंसा हैं. एक तरफ बीजेपी और शिवसेना में तकरार के चलते सीएम प्रत्याशी अभी तक फाइनल नहीं हुआ वहीं दूसरी तरफ 54 सीटें जीतने वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) पार्टी के समर्थन के लिए शिवसेना लगातार नजर बनाए हुए है. हालांकि नतीजों के बाद ही शरद पवार कह चुके हैं कि उनकी पार्टी शिवसेना को समर्थन नहीं दे सकती है. लेकिन पिछले कई दिनों से चली रही सियासी खींचतान ने शायद महाराष्ट्र के सबसे वरिष्ठ नेता को कुछ सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. इसलिए अब खबर आ रही है कि एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) 3 नवंबर और 4 नवंबर को दिल्ली आएंगे.
ऐसा बताया जा रहा है कि पवार दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. ऐसा भी बताया जा रहा है कि शरद पवार दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी को जहां 105 सीटें मिली हैं, वहीं शिवसेना को 56 सीटों पर जीत मिली है. वहीं एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत हासिल की है.
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे (Sushil Kumar Shinde) ने कहा है कि उनकी पार्टी शिवसेना (Shiv Sena) को कभी समर्थन नहीं करेगी. पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा, ‘महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव नतीजे आए उसमें किसी भी दल को बहुमत नही मिला है. न्यूजपेपर में चर्चाए होती रहती है कि कांग्रेस किसे समर्थन दे रही है? हमारी पार्टी धर्मनिरपेक्ष है , शिवसेना को समर्थन देने का सवाल ही नहीं है. कांग्रेस सेक्युलर पार्टी है , धर्म और जाति की राजनीति करनेवाले दल को हम समर्थन नहीं दे सकते. कांग्रेस के नेता दिल्ली में गए हैं तो मुझे जानकारी नहीं है. हमने जनादेश स्वीकार किया है , हम विपक्ष में बैठेंगे और जनता की सेवा करेंगे.
महाराष्ट्र: स्पीकर चुनाव में शिवसेना, NCP, कांग्रेस का यह प्लान BJP के लिए खड़ी कर सकता है मुश्किलें
महाराष्ट्र (Maharashtra) में सत्ता के लिए खींचतान जारी है शिवसेना (Shiv Sena) और बीजेपी (BJP) के बीच मामला आगे बढ़ता न देख अब विकल्पों पर काम शुरू हो गया है. शिवेसना, एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) मिलकर सरकार बना ले यह अभी भी दूर की कौड़ी लगती है. लेकिन यह तीनों दल स्पीकर चुनाव के लिए साथ आ सकते हैं.
स्पीकर चुनाव के नतीजे काफी कुछ तय कर सकते हैं. प्रदेश में शिवसेना की शर्तों पर शिवसेना – बीजेपी की सरकार बनेगी या फिर शिवसेना- एनसीपी सरकार जिसे कांग्रेस का आउटसाइड सपोर्ट हो. यह सबा इस चुनाव के नतीजे से तय हो जाएगा. इसी के साथ इस चुनाव में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के बीच के संभावित तालमेल का ट्रायल भी हो जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक़ इस बारे में पिछले दरवाजे से बातचीत चल रही है. शिवसेना की तरफ से संजय राउत, एनसीपी से बात कर रहे हैं. जबकि शिवसेना की कांग्रेस से डायरेक्ट बातचीत नहीं हो रही है. बल्कि एनसीपी कांग्रेस से बात कर रही है. यानी एनसीपी फिलहाल शिवसेना और कांग्रेस के बीच पुल का काम कर रही है. सूत्रो के मुताबिक एनसीपी प्रमुख शरद पवार चाहते हैं की स्पीकर उनकी पार्टी का हो. ​

5 नवंबर को हो सकता है देवेंद्र फडणवीस का शपथ ग्रहण, वानखेड़े स्टेडियम में होगा समारोह


सूत्रों का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के मशहूर वानखेड़े स्टेडियम में हो सकता है.
5 नवंबर को हो सकता है देवेंद्र फडणवीस का शपथ ग्रहण, वानखेड़े स्टेडियम में होगा समारोह
महाराष्ट्र (Maharashtra) में 5 नवंबर को देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के मशहूर वानखेड़े स्टेडियम में हो सकता है.
सूत्रों का कहना है कि अगर शिवसेना (shiv sena) बीजेपी (bjp) के साथ सरकार गठन में साथ आई थी तो ठीक नहीं उसके बिना ही बीजेपी महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी.
वहीं महाराष्ट्र (Maharashtra) में सरकार गठन के लिए 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी शिवसेना (Shiv Sena) के तेवर तल्ख होते जा रहे हैं. शुक्रवार को शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि अगर शिवसेना चाहे तो वह सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल जुटा लेगी.
संजय राउत ने कहा, ‘अगर शिवसेना ने चाहे तो वह राज्य में स्थिर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल जुटा लेगी. जनता ने राज्य में 50-50 फॉर्मूले के आधार पर सरकार बनाने के लिए जनादेश दिया है. उन्हें शिवसेना से सीएम चाहिए.’
इससे पहले गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे विधायक दल की बैठक में कहा था कि हम सत्ता के भूखे नहीं है लेकिन बीजेपी से जो बात हुई उसे उस बात का पालना करना चाहिए. मुख्यमंत्री का पद हमेशा किसी एक व्यक्ति के लिये कायम नहीं रहता. हमारी संख्याबल अच्छी है. मुख्यमंत्री पद हमारा हक है और ये हमारी जिद्द है.
उन्‍होंने कहा कि लोकसभा के समय 50-50 फॉर्मूला का जो तय हुआ, बीजेपी (BJP,) को वह नहीं मान्य है तो क्या बात करूं. नए सिरे से बात नहीं होगी जो तय हुआ है उसी से बात शुरू होगी. उन्होंने अपने विधायकों को कहा कि सत्ता के लिए आप कोई गलत कदम नही उठाओगे मुझे विश्वास है.

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